इंदौर : पुलिस अफसर के बेटे ने बनाया सेक्सटॉर्शन गैंग, अश्लील वीडियो कॉल से लाखों ठगे

जैसे-जैसे हमारा समाज टेक्नोलॉजी के माध्यम से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की तरफ बढ़ रहा है, वैसे-वैसे ही नेटीजन्स या कहे टेक सेवी युवा ठगने के नए-नए तरीके लेकर आ रहे है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला इंदौर से आया है, जहां एक सीआरपीआफ (CRPF) अफसर के बेटे ने सेक्सटॉर्शन गिरोह बनाया हुआ है। हिमांशु तिवारी एक साल पहले खुद सेक्सटॉर्शन का शिकार हो गया था, जिसके बाद उसने कमाई के लिए यहीं काम शुरू कर दिया। इस दौरान उसने अपनी गर्लफ्रेंड प्रियंका और अपने दो दोस्त अमर और सीताराम की मदद से इस घिनौने कृत्य को अंजाम दिया।

हिमांशु के पिता को जब इकलौते बेटे की गिरफ्तारी का पता चला तो उन्होंने पुलिस को फोन कर पूरा मामला जाना। पिता बोले- बचपन से लेकर अबतक उसकी हर इच्छा पूरी हुई है। फिर वो ऐसे कामों में कैसे उलझ गया। पिता ने कहा कि उनका परिवार 5 साल पहले इंदौर आया था। बीबीए करने के बाद हिमांशु एमबीए की तैयारी कर रहा है। इकलौता बेटा होने के कारण उसकी हर जरूरत को पूरा किया जाता था। उसके कहने पर ही घर में वाईफाई लगवाया गया था, जहां वह अपने कमरे में पढाई के बहाने घंटों तक कम्प्यूटर पर काम करता रहता था, लेकिन पता नहीं था ये गंदा काम कर रहा है। हिमांशु के पिता फिलहाल जम्मू में तैनात है।

अब तक 35 लोगों को ठग चुके है:-हिमांशु अपनी गर्लफ्रेंड और दो दोस्तों के साथ मिलकर लोगों से ठगी करता था। पहले ये लोग फेक सोशल मीडिया एकाउंट्स बनाते थे, अश्लील चैट कर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे और उसके बाद न्यूड वीडियो कॉल के जरिए ब्लैकमेल करते थे। अब तक 35 लोग को उन्होंने शिकार बनाया है।

थाना प्रभारी सतीश पटेल के मुताबिक, हिमांशु की गैंग इंस्टाग्राम पर लड़कियों के आकर्षक फोटो डालती थी। फेसबुक पर भी सुंदर लड़कियों की आईडी बनाकर लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजते थे। जो रिक्वेस्ट एक्सेप्ट कर लेते, उससे अश्लील चैटिंग करते। फिर न्यूड वीडियो बनाने के लिए उकसाते। इस वीडियो चैटिंग को स्क्रीन रिकॉर्डर के जरिए रिकॉर्ड करके उसे ही भेज देते। इसके बाद ब्लैकमेल कर रुपयों की डिमांड करते थे।

पुलिस ने जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, वह सभी स्टूडेंट हैं। पुलिस ने जिन्हें गिरफ्तार किया है, उसमे मुख्य आरोपी हिमांशु तिवारी, उसकी गर्लफ्रेंड प्रियंका पिता पुष्पेश विश्वकर्मा निवासी इंदौर, रीवा के रहने वाले दो छात्र अमर और सीताराम शामिल है।

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