
बोर्ड की परीक्षाओं में जब खराब मार्क्स या डिविजन आते हैं, तो बच्चे अक्सर हताश-निराश हो जाते हैं. उन्हें चिंता सताने लगती है कि अब तो उनके करियर के सारे दरवाजे बंद हो जाएंगे. कई छात्र तो इस बात से दुखी होकर गलत कदम तक उठा लेते हैं. ऐसे में उन्हें घबराने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं है. क्योंकि ऐसे कई उदाहरण हैं, जब 10वीं, 12वीं में भी खराब प्रदर्शन करने वाले छात्र भी आगे चलकर बड़े अधिकारी बने हैं. छत्तीसगढ़ कैडर के 2009 बैच के आईएएस अवनीश शरण (IAS Awanish Sharan) इसका जीता जागता उदाहरण हैं. उन्होंने छात्रों को मोटिवेट करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया पर अपनी दसवीं की मार्कशीट (10th Marksheet) शेयर की है, जो लोगों के लिए प्रेरणा है.

उन्होंने बिहार स्कूल एग्ज़ामिनेशन बोर्ड की यह परीक्षा 314/700 अंकों (थर्ड डिवीज़न) के साथ 1996 में पास की थी. एक ट्विटर यूज़र ने इसे ‘प्रेरणादायक’ बताया और एक ने कमेंट किया, “सर डिग्री तो सिर्फ एक कागज़ का टुकड़ा है और कुछ नहीं. इस पोस्ट को कई लोगों ने बहुत ही ज्यादा पसंद किया है. करीब 16 हज़ार से ज्यादा लोगों ने इस पोस्ट को लाइक किया है. इस पोस्ट से प्रेरित होकर एक यूज़र ने कमेंट करते हुए लिखा है कि सर आप विश्वास नहीं करेंगे, मुझे भी 314 अंक प्राप्त हुए थे, मगर मैंने अपनी यूपीएससी की तैयारी छोड़ दी, मगर आपके मार्क्स देखकर मैं काफी प्रभावित हुई. मैं फिर से तैयारी करूंगी.
इस ट्वीट का रिप्लाई करते हुए अधिकारी अवनीश शरण ने बधाई दी है. कई बार हमें कम अंक मिलते हैं, इसका मतलब ये नहीं कि हम अपनी तैयारी छोड़ दें. लक्ष्य की प्राप्ति के लिए हमें हमेशा मेहनत करते रहना चाहिए.