
आज हरियाली अमावस्या पर बन रहे शुभ योग , इसका वैज्ञानिक महत्व एवं राशि अनुसार पौधे लगाने से पितृ होंगे प्रसन्न ( डाॅ. अशोक शास्त्री )
मालवा के प्रसिद्ध ज्योतिषाचार्य डाॅ. अशोक शास्त्री ने एक विशेष साक्षात्कार मे बताया कि हरियाली अमावस्या श्रावण मास की अमावस्या को आती है जो आज मनाई जाएगी । इस दिन स्नान , दान और पूजा – पाठ के लिए बहुत अच्छा माना जाता है । अमावस्या पर पित्रों की आत्मा की शांति के लिए और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए हवन – पूजन , श्राद्ध , तर्पण आदि करने के लिए श्रेष्ठ तिथि मानी जाती है ।
डाॅ. अशोक शास्त्री के अनुसार इस वर्ष हरियाली अमावस्या पर तीन प्रकार के शश , रुचक , और हंस राजयोग बन रहे है । ये तीनों योग शनि , मंगल और बृहस्पति के संयोग से बनता है । साथ हरियाली अमावस को गुरु पुष्य का शुभ योग भी बन रहा है । इन शुभ योग मे शुभ कार्य सफल होते है ।
नारद पुराण मे श्रावण मास की अमावस को पितृ श्राद्ध , दान , हवन , और देव पूजन एवं वृक्षारोपण आदि शुभ कार्य करने से अक्षय पुण्य प्राप्त होता है । श्रावण मे शिव आराधना का भी विशेष महत्व है । किंतु हरियाली अमावस पर शिव – पार्वती का पूजन करने से जातक की सभी मनोकामना पूर्ण होती है । डाॅ. शास्त्री के मुताबिक कुंवारी कन्याएं इस दिन शिव – पार्वती की विधिवत पूजन करती है तो उन्हे मनचाहा वर मिलता है । एवं सुहागन महिलाओं को अखंड सौभाग्य की प्राप्ति होती है । जिन्हे कालसर्प दोष , पितृ दोष के साथ शनि अनिष्टकारी है वे आज के दिन शिवलिंग पर महारुद्र अभिषेक पूजन करे और सायं मंदिर व नदी किनारे दीप दान करें तो बहुत लाभ मिलता है ।
डाॅ. अशोक शास्त्री ने बताया कि हरियाली अमावस तिथि पर प्रकृत्ति के संरक्षण पर विशेष जोर दिया गया है । इस दिन स्नान , दान , पूजन पाठ के साथ पोधे लगाने का विशेष महत्व है । क्योंकि पेड पौधों को भी पितृ स्वरुप माना गया है । भविष्य पुराण मे उल्लेख है कि जिन्हे संतान नही है उनके लिए वृक्ष ही संतान है । वृक्ष लगाने से वृक्ष मे विद्यमान देवी देवता पूजा करने वालों की मनोकामना पूर्ण करते है । डाॅ. शास्त्री के मुताबिक दिन रात आक्सीजन देने वाले पीपल मे ब्रह्मा , विष्णु व शिव का वास होता है । पद्म पुराण मे बताया कि एक पीपल का वृक्ष लगाने से मनुष्य को सेकडों यज्ञ करने से भी अधिक पुण्य प्राप्त होता है । पीपल के दर्शन से पापों का नाश , स्पर्श से लक्ष्मी की प्राप्ति और पूजन से आयु बढती है ।
डाॅ. शास्त्री के मुताबिक हरियाली अमावस्या का वैज्ञानिक द्रष्टिकोण से हरियाली अमावस पर्यावरण संरक्षण की ओर भी ध्यान केंद्रित करने के साथ पर्यावरण संरक्षण के महत्व और धरती को हरा भरा बनाने का संदेश देती है । पैड पोधे जीवंत शक्ति के भरपूर प्रकृत्ति के ऐसे अनमोल उपहार है जो सभी को आक्सीजन तो देते ही हैं पर्यावरण को भी शुद्ध और संतुलित रखते है । जलवायु परिवर्तन के कारण सृष्टि मे जो उथल पुथल हो रही है उसे वृक्षारोपण के माध्यम से ही संतुलित किया जा सकता है । इसीलिए यह अमावस्या केवल एक धार्मिक पर्व नही है बल्कि पृथ्वी को हरा भरा बनाने का संकल्प पर्व भी है ।
डाॅ. शास्त्री ने बताया कि हरियाली अमावस पर राशि अनुसार पौधे लगाने से बहुत शुभ फल प्राप्त होते है ।
मेष ~ इस राशि के जातक को आंवले का पौधा लगाने से उन्हे श्री की प्राप्ति होती है ।
वृषभ ~ इन लोगों को जामुन का पौधा लगाना चाहिए ।
मिथुन ~ इन राशि वालों को चंपा का पौधा लगाना चाहिए ।
कर्क ~ इन्हे पीपल का पौधा लगाना चाहिए ।
सिंह ~ इस दिन बरगद या अशोक का पौधा लगाएं ।
कन्या ~ जुही या बेल का पौधा लगाएं ।
तुला ~ इन जातकों को अर्जुन या नागकेसर के पौधे लगाएं ।
वृश्चिक ~ इन जातकों को नीम का पौधा लगाने से पित्तरों का आशीर्वाद मिलता है ।
धन ~ आप कनेर का पौधा लगाएं ।
मकर ~ इनके लिए शमी का पौधा लगाने से शरीर आरोग्य रहता है।
कुंभ ~ कदंब या आम का पौधा लगाएं ।
मीन ~ इन जातकों को बेर का पौधा लगाना चाहिए ।।
~: शुभम् भवतु :~