
इंदौर के हीरानगर थाना क्षेत्र में मंगलवार रात मां के साथ गरबा देखने गई बच्ची की गोली लगने से मौत हो गई। बच्ची के सिर में गोली लगी है।
बच्ची को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां 12 घंटे तक तड़पने के बाद आखिरकार बच्ची की सांसें थम गईं। भीड़भाड़ भरे गरबा पंडाल में गोली किसने चलाई थी इसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। घटना के बाद से बच्ची के माता-पिता का रो-रोककर बुरा हाल है वो घटना पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं कि उनकी हंसती खेलती प्यारी सी बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही। घटना हीरा नगर थाना क्षेत्र के शारदा नगर की है जहां मंगलवार रात करीब 10.30 बजे गरबा पंडाल में चली गोली बच्ची के सिर में लगी थी।
मां ने बताई पूरी घटना
महज 11 साल की उम्र में गोली लगने से दुनिया को अलविदा कहने वाली माही की मां रक्षा शिंदे ने बताया कि वो कॉलोनी में ही चल रहे गरबा कार्यक्रम को देखने के लिए गई थी। बेटी माही और बेटा हार्दिक उनकी गोद में बैठे थे तभी अचानक पटाखा फूटने जैसी आवाज आई और वो कुछ समझ पाती इससे पहले ही गोद में बैठी बेटी माही के सिर से खून का फव्वारा निकलने लगा। उन्हें लगा शायद किसी ने पत्थर मारा है, वो घबराईं हुईं और बेटी को लेकर घर की तरफ भागीं जहां से पति के साथ उसे लेकर अस्पताल पहुंचे जहां सिटी स्कैन कराने पर पता चला कि बेटी को गोली लगी है। बेटी को अस्पताल में भर्ती कराया जहां करीब 12 घंटे तक डॉक्टर्स ने उसे बचाने की कोशिश की लेकिन आखिरकार बेटी माही जिंदगी की जंग हार गई। बच्ची के पिता संतोष किराने की दुकान चलाते हैं। जिनका रो-रोककर बुरा हाल है उनका कहना है कि बेटी हर साल गरबा करने जाती ती लेकिन इस साल वो गरबा नहीं कर रही थी और देखने गई तो उसके साथ ये घटना हो गई।
गोली किसने चलाई ?
गरबा पंडाल में गोली चलने की घटना हैरान कर देने वाली है। जिस वक्त ये हुई गरबा पंडाल में काफी भीड़ थी लेकिन किसी ने भी नहीं देखा कि आखिरकार गोली किसने चलाई। शुरुआती पूछताछ में परिवार की किसी से दुश्मनी व विवाद की जानकारी भी सामने नहीं आई है। पुलिस घटनास्थल पर गले सीसीटीवी फुटेज चैक कर अब गरबा पंडाल में चली गोली की गुत्थी को सुलझाने में जुटी हुई है।