
एंजिल प्रिया’ जी हां इसी नाम से फेसबुक पर सबसे ज्यादा फेक आईडी होती है। कई लोग इन फेक आईडी के चक्कर में फंस चुके हैं लेकिन इस बार ‘एंजिल’ नाम से बनाई गई एक फेक आईडी ने रंगमिजाज पति की हरकतों का पर्दाफाश कर दिया।
महिला ने फेसबुक पर ‘एंजिल शर्मा’ के नाम से आईडी बनाई। इस आईडी से पति को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। लड़की की रिक्वेस्ट देख पति ने एक्सेप्ट कर ली। महिला ने उससे चैटिंग शुरू की। पति अश्लील मैसेज भेजने लगा। उसने सारी हदें पार कर दीं। महिला ने पूरी चैट के स्क्रीनशॉट ले लिए। सारे सबूतों के साथ पीड़िता जनसुनवाई में पुलिस के पास पहुंची। यहां से एरोड्रम थाने जाने का कह दिया।
पीड़िता ने घरवालों के कहने पर अधिक उम्र के व्यक्ति से शादी की थी। 10 साल से ज्यादा शादी को निभाया भी, लेकिन पति दवाओं और नशीली चीजों का सेवन कर ज्यादती करने लगा। विरोध करने पर पीटने लगा। पीड़िता को उसके चरित्र पर भी संदेह था जो सही साबित हुआ।
पति 3 साल पहले छोड़कर चले गए हैं। वो नागपुर में रहते हैं। उनके चरित्र पर मुझे डाउट था। दो साल पहले उन पर नजर रखने के लिए एंजिल शर्मा के नाम से फेक आईडी बनाई थी। पहले पति ने मुझे हाय-हेलो के मैसेज किए। बाद में खुद के अश्लील वीडियो-फोटो भेजने लगा।
पति मुझसे 15 साल बड़े
पीड़ित ने बताया कि पति एयरपोर्ट पर जॉब करते हैं। दो साल पहले तक इंदौर एयरपोर्ट पर ही पदस्थ थे। बाद में उन्होंने नागपुर ट्रांसफर करवा लिया। पिता की जगह उन्हें अनुकंपा नियुक्ति मिली थी। 2007 में हमारी अरेंज मैरिज हुई थी। उम्र में करीब 10 से 15 साल बड़े होने के बावजूद घरवालों के कहने पर मैंने शादी की थी। पति दवाई खाकर और नशीली चीजों का सेवन कर जबर्दस्ती करते थे। मैं मना करती थी या रोकती थी तो मारते-पीटते थे। इस वजह से मैंने 3 साल पहले उनके खिलाफ प्रताड़ना का केस दर्ज कराया था।
न भरण-पोषण, न बच्चे से मिलने देते
पीड़िता का कहना है कि उनका एक बेटा है, जो पति के पास है। पति बेटे से भी नहीं मिलने देते हैं। साथ ही भरण-पोषण के लिए भी आवेदन किया, मगर अभी तक कुछ नहीं हुआ। तारीख पर तारीख ही मिल रही है। एक भी तारीख पर पति उपस्थित नहीं हुए। जनसुनवाई में पुलिस अधिकारियों को शिकायत के बाद जोन 1 के डीसीपी अमित तोलानी मामले की जांच कर रहे हैं। पीड़िता पुलिस को उसके पास जो फोटो-वीडियो है, वो देना चाहती है। पुलिस जांच के बाद पति के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में केस दर्ज हो सकता है।
जांच रिपोर्ट में पीड़िता के आरोपों की पुष्टि हुई
पीड़िता के वकील कृष्ण कुमार कुन्हारे ने बताया कि जिला कोर्ट इंदौर में आरोपी पति के खिलाफ घरेलू हिंसा का केस दर्ज किया गया था। तलाक का मामला नहीं चल रहा है। भरण-पोषण में पांच हजार रुपए प्रति माह देने के लिए महिला को कोर्ट ने ऑर्डर किए हैं, लेकिन पति नहीं दे रहा है। इस पर वसूली वारंट की कार्रवाई शुरू हो गई है। कोर्ट के निर्देश के बाद पीड़िता के आरोपों पर महिला बाल विकास अधिकारी से जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करते हुए आरोपों की पुष्टि की थी। जिसके बाद कोर्ट ने प्रताड़ना का केस दर्ज किया।
कोर्ट में केस विचाराधीन है। इस दौरान पति ने फिर ये हरकत कर दी। घरेलू हिंसा के मामले में कोर्ट पति की प्रताड़ना से प्रोटेक्शन दिलाती है। इसके बाद यदि पति प्रोटेक्शन का उल्लंघन करता है तो एक साल की सजा और 20 हजार रुपए के जुर्माने का प्रावधान है।