
कूनो नेशनल पार्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर छोड़े गए चीते अब यहां के माहौल में ढलने लगे हैं। हाल ही में पार्क में छोड़ी गई मादा चीता तिबलिश ने यहां अपना पहला शिकार किया। मादा चीता तिबलिश ने वन्य चीतल का शिकार किया और अपनी भूख मिटाई। इस शिकार के बाद कूनो वन मंडल ने खुशी जाहिर की है।उन्होंने कहा कि यह देख खुशी हो रही है कि उसने नेचुरल तरीके से शिकार किया है।
चीता टास्क फोर्स के अधिकारियों के कहने पर कूनों वन मंडल के अधिकारियों ने पिछले 27 नवंबर को मादा चीता तिबलिश और एक अन्य चीता को बड़े बाड़े में रिलीज किया था। इसके बाद से यह लगातार वन्य जीवों का शिकार करने की कोशिश करती रही, लेकिन तिबलिश को कोई कामयाबी नहीं मिल रही थी।
घास की वजह से आ रही थी दिक्कतें
तिबलिश को बाड़े के अंदर की बड़ी घास की वजह से भी शिकार करने में दिक्कत आ रही थी। कूनों के अधिकारियों ने इसे देखते हुए शनिवार को बड़े बाड़े में 13 और चीतल छोड़े। इसके बाद रविवार को तिबलिश ने एक चीतल का शिकार किया। अब तिबलिश नेचुरल तरीके से दूसरे जीवों का शिकार कर सकेगी। दूसरे चीते भी शिकार करके अपना पेट खुद भर रहे हैं। चीता ट्रांसपोर्ट के अधिकारी इसे देखकर खुशी जाहिर कर रहे हैं।
डीएफओ ने जताई खुशी
राष्ट्रीय कूनो अभ्यारण के डीएफओ प्रकाश वर्मा ने कहा कि मादा चीता ने नेचुरल रूप से शिकार किया है। यह वाकई में खुशी की बात है। हमें लग रहा था कि बड़ी घास होने की वजह से शिकार नहीं कर पा रही थी। हमने शनिवार को चीतों के बड़े बाड़े में 13 और चीतल छोड़ दिए। इसके बाद तिबलिश ने 24 घंटे के भीतर चीतल का पहला शिकार किया है। यह खुशी की बात है कि वह नेचुरल रूप से शिकार कर रही है।