
इंदौर मेें नशे के आदि हो चुके साफ्टवेयर इंजीनियर के लिए नशे का ओवरडोज डोज जानलेवा साबित हुआ। वह गुजरात ओर बैंगलुरु में नौकरी कर चुका था। नशा ज्यादा करने के चलते कुछ माह से इंदौर में आकर रह रहा था। रात में वह परिवार से झगड़ा करने के बाद घर छोड़कर चला आया था। जिसके बाद वह द्वारकापुरी इलाके में एक युवक के घर पर रूका हुआ था।
द्वारकापुरी पुलिस के मुताबिक गुरूशंकर नगर में रहने वाले सुभाष लोट ने थाने आकर बताया था कि वह यहां एक कमरे में किराये से रहता है। जिसमें कमरे के अंदर सार्थक जायसवाल निवासी वैशाली नगर का शव पड़ा है। रात में उसने सोने के पहले नशे के इंजेकशन लगाए थे। जिसके बाद वह सुबह उठा ही नहीं। पुलिस ने मामले में सार्थक के परिवार से पूछताछ की तो सामने आया कि वह नशा करने का आदी था। पिछले कुछ समय से नशा करने की लत के चलते नौकरी छोड़कर इंदौर में रह रहा था।
सुभाष से भी रात में हुई थी मुलाकात
सुभाष ने भी पुलिस को पूछताछ में बताया कि वह पार्सल डिलीवरी का काम करता है। रात को उसकी मुलाकात सार्थक से हुई थी। जिसके बाद उसने कमरा शेयर करने की बात कही थी। सुभाष अपने साथ सार्थक को कमरे में ले गया। जहां सार्थक ने इंजेक्शन लगाया। सार्थक ने सुभाष को बताया था कि इसके बिना उसे नींद नहीं आती है। पुलिस ने कमरे से इंजेक्शन और अन्य मादक पदार्थ जब्त किए हैं।