
प्रदेश में एक कलेक्टर प्रधानमंत्री मोदी और शिवराज सरकार का गुणगान करते नजर आए। उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि 25 साल तक इसी सरकार के साथ बने रहना है। किसी के भटकावे में आने की जरूरत नहीं है। कलेक्टर साहब का वीडियो सामने आने के बाद कांग्रेस ने उन्हें नौकरी छोड़कर चुनाव लड़ने की चुनौती दी है।
मामला पन्ना जिले का है। दरअसल शिवराज सरकार प्रदेशभर में विकास यात्रा निकाल रही है। जिसके तहत 8 फरवरी को पन्ना के अमानगंज में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा इसी कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा – हमारे मुख्यमंत्री कहते हैं कि वे आप लोगों के आशीर्वाद से, आप लोगों की दुआओं से चौथी बार वे मुख्यमंत्री बने हैं। माननीय मोदीजी कहते हैं कि 75 साल देश को आजाद हुए हो चुके हैं। आजादी का अमृतकाल चल रहा है। 25 साल बाद शताब्दी मनाई जाएगी। हमारे प्रधानमंत्रीजी का सपना है कि जब शताब्दी मने तब भी यही सरकार रहे। आपको 25 साल तक इसी शिद्दत और मेहनत के साथ सरकार के साथ बने रहना है। किसी के भटकावे, बहकावे में आने की जरूरत नहीं है।
विकास यात्रा के इस आयोजन में कई अधिकारी, भाजपा नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। जिन्होंने कलेक्टर के संबोधन पर जमकर तालियां भी बजाई।
कांग्रेस ने कहा- नौकरी छोड़िए, चुनाव लड़िए
पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्रा के वीडियो पर कांग्रेस ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। नेता प्रतिपक्ष डॉ.गोविंद सिंह ने कहा कि जिस पन्ना कलेक्टर को हाईकोर्ट ने हटाने के आदेश दिए थे, उस पर शिवराज सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की। यदि कलेक्टर संजय मिश्रा को इतनी ही शौक है तो नौकरी छोड़कर चुनाव लड़ ले। उन्हें हैसियत पता चल जाएगी।
कांग्रेस प्रवक्ता केके मिश्रा ने कहा है कि कलेक्टर पद की गरिमा तार-तार कर दी गई। उन्होंने ट्विट में कहा कि इतने ही बड़े दलाल हैं तो छोड़िए नौकरी, लड़िए चुनाव? केके मिश्रा ने ये भी लिखा कि कलेक्टर संजय मिश्रा के खिलाफ जबलपुर हाईकोर्ट ने भी बीते दिनों टिप्पणी की थी। केके मिश्रा ने कहा कि कलेक्टर संजय मिश्रा विकास यात्रा के दौरान बीजेपी का प्रचार कर रहे हैं।
इधर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्य श्रीकांत पप्पू दीक्षित ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बीते दिनों जबलपुर हाईकोर्ट ने पन्ना कलेक्टर संजय कुमार मिश्र पर टिप्पणी करते हुए उन्हें भाजपा का एजेंट कहा था। आज यह टिप्पणी पूरी तरह सही हो गई है। कलेक्टर पन्ना ने अपने पद की मर्यादा के इतर भाजपा एजेंट की तरह सभा को संबोधित किया और लोगों को भाजपा के पक्ष में वोट करने के लिए प्रेरित किया, जो कहीं से भी सही नहीं है।
श्रीकांत दीक्षित ने कहा कि इस तरह का बयान सीधे तौर पर एक पार्टी विशेष के लिए प्रेरित करना है, जो एक आईएएस अधिकारी को कतई शोभा नहीं देता। इस मामले पर कांग्रेस पार्टी आईएएस एसोसिएशन को पत्र लिखकर शिकायत करेगी। कांग्रेस राज्यपाल से मांग करेगी कि ऐसे कलेक्टर को तत्काल हटाया जाए। लोकतंत्र में न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका के अपने दायित्व हैं। यही लोकतंत्र की शोभा है। लेकिन कलेक्टर का अपने पद पर रहते हुए इस तरह एक पार्टी विशेष के पक्ष में काम करना बेहद आपत्तिजनक है।