इंदौर।पेट्रोल डालकर जलाई गई प्रिंसिपल की हालत नाजुक:स्टूडेंट कर रहे स्वस्थ होने की प्रार्थना; आरोपी ने हमले से पहले किए थे धमकी भरे मैसेज

शहर में सिमरोल के बीएम कॉलेज ऑफ फॉर्मेसी की प्रिंसिपल विमुक्ता शर्मा की हालत नाजुक है। 80 प्रतिशत जल चुकीं BM फॉर्मेसी कॉलेज की प्रिंसिपल चोइथराम अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही है और उनकी स्थिति लगातार नाजुक बनी हुई है। बुधवार को उन्हें वेंटिलेटर से एक्सट्रीम सपोर्ट सिस्टम पर शिफ्ट किया गया। डॉक्टर्स ने उनकी हालत चिंताजनक होने की बात परिवार वालों को बता दी है। इधर, प्रिंसिपल के जल्द से जल्द ठीक होने की प्रार्थना कॉलेज के स्टूडेंट कर रहे हैं।

बता दें कि सोमवार शाम कॉलेज पार्किंग में आरोपी पूर्व छात्र आशुतोष श्रीवास्तव ने प्रिंसिपल पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी थी। प्रिंसिपल की आवाज सुन कॉलेज स्टाफ के लोग मौके पर पहुंचे और जैसे-तैसे आग बुझाई। इसके बाद प्रिंसिपल को पहले गौरव अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें चोइथराम अस्पताल रेफर कर दिया। तब से यहां उनका उपचार चल रहा है। दो दिन बाद भी प्रिंसिपल की हालत में सुधार नहीं है और उनकी स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।

प्रोफेसर विमुक्ता की बेटी देवांशी ने बताया कि परिवार के साथ कॉलेज के सभी स्टूडेंट मां के जल्द से जल्द ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं। मां की तबीयत पूछने कॉलेज के कई स्टूडेंट आ रहे हैं।

आठ लोगों के बयान, सभी बोले- आरोपी गुस्सैल प्रवृत्ति का है:-प्रिंसिपल विमुक्ता शर्मा को पेट्रोल डालकर जिंदा जलाने वाले आरोपी आशुतोष श्रीवास्तव ने उन्हें धमकी भरे कई मैसेज किए थे। एक मैसेज में आग लगा देने की बात लिखी थी। मामले में 8 लोगों के बयान हुए, सभी ने यही कहा कि आरोपी गुस्सैल प्रवृत्ति का है। बुधवार को आरोपी को बर्न यूनिट से एमवायएच के कैदी वार्ड में शिफ्ट किया गया है।

प्रिंसिपल की बेटी देवांशी ने बताया, धमकी भरे और गंदे मैसेज के बाद भी मां शांत रहीं। वे स्टाफ को आरोपी की समस्या दूर करने के निर्देश देती रहती थीं। कॉलेज ने मैसेज की जानकारी सिमरोल पुलिस को दी थी। पुलिस आरोपी पर कार्रवाई करती तो यह नौबत नहीं आती। उधर, सिमरोल टीआई ने धमकी भरे मैसेज की कोई शिकायत थाने आने की बात से इनकार किया है। शहर भर के शिक्षण संस्थानों के कर्मचारियों ने न्याय मिलने तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।

आरोपी की हालत में सुधार, साइकेट्रिस्ट ने दोबारा जांच की:-उधर 15 प्रतिशत तक जल चुके आरोपी छात्र आशुतोष का इलाज एमवाय अस्पताल में चल रहा है। उसे बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है और पुलिस सुरक्षा में रखा गया है। साइकेट्रिस्ट ने बुधवार को दोबारा उसे देखा और उसकी जांच की। डॉक्टरों के मुताबिक आशुतोष खतरे से बाहर है और रिकवर हो रहा है। उसके हाथ और साइड में कमर की तरफ बर्न हुआ है। आरोपी छात्र मेंटल डिस्टर्ब है या नहीं ये साइकेट्रिस्ट की रिपोर्ट में ही साफ हो पाएगा, लेकिन डॉक्टर उससे बातचीत के आधार पर कह रहे हैं कि लगता नहीं है कि उसे कोई मेंटल प्रॉब्लम होगी।

पुलिस को गिरफ्तारी के लिए आरोपी के डिस्चार्ज होने का इंतजार:-दूसरी तरफ पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। आरोपी छात्र आशुतोष लगातार बयान बदल रहा है लेकिन पुलिस प्रिंसिपल के बयान ले चुकी है और उसी आधार पर मामले में आगे जांच कर रही है। आरोपी का इलाज कर रहे डॉक्टरों से भी पुलिस ने बातचीत की है और पूछा है कि आरोपी कब तक डिस्चार्ज हो जाएगा। डिस्चार्ज होते ही पुलिस उसे रिमांड पर लेगी। बीएम कॉलेज मैनेजमेंट और वहां काम करने वाले अन्य प्रोफेसरों से भी पुलिस ने पूछताछ के लिए संपर्क किया है।

घटना के बाद से बीएम कॉलेज के कर्मचारी भी डरे हुए हैं और पुलिस को खुलकर कुछ भी नहीं बता रहे हैं। उन्हें कॉलेज मैनेजमेंट की नाराजगी का डर सता रहा है, क्योंकि हाल ही में कॉलेज की ओर से नई भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला गया था, तब से स्टाफ टेंशन में है कि अब उन्हें निकालकर कम सैलरी पर नए लोगों की भर्ती की जाएगी। उन्हें आशंका है कि यदि वे किसी भी मामले में खुलकर बोलते हैं तो उन्हें टारगेट किया जा सकता है।

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