
जंगल में घूमते हुए जानवरों को करीब से देखने का शौक अच्छी बात है , आमतौर पर जानवर जंगल सफारी कर रहे लोगों पर हमले नहीं करते. पर यदि आप अनुशासन में रहें तो. कभी भी हाथ में मोबाइल या कैमरा लेकर जानवरों के करीब नहीं जाना चाहिए. पर जबसे सेल्फी, रील, पोस्ट, सोशल मीडिया पॉपुलर हुआ है, लोग कुछ अलग करने के चक्कर में जानवरों के बेहद करीब पहुंच जाते हैं. इससे उनकी प्राइवेसी खत्म हो रही है. वे गुस्सा भी जल्दी हो रहे हैं. तो भैया जंगल सफारी का मजा लेना है तो जंगल के नियम मानने होंगे. नियम तोड़ा तो आपके साथ भी वही होगा जो इनके साथ हुआ.
IFS सुशांत नंदा (Susanta Nanda) ने ट्विटर पर एक वीडियो शेयर किया है. इसमें आप देख सकते हैं कि कैसे जंगल सफारी के दौरान लोग जानवरों के इतने करीब पहुंच गए कि उनको गुस्सा आ गया. वीडियो बंगाल के एक पार्क का बताया जा रहा है. इसमें साफ दिखाई दे रहा कि पर्यटक अपने कैमरे से जानवरों की फोटो ले रहे हैं तभी वहां मौजूद दो गैंडों को गुस्सा आ जाता है. वे दौड़ाने लगते हैं. सड़क पर इतनी जगह नहीं थी कि ड्राइवर गाड़ी घुमा सके. ऐसे में वह बैक करते हुए गाड़ी को पीछे भगाने की कोशिश करता है ताकि गैंडों के हमले से बच सके. मगर गैंडों की स्पीड इतनी ज्यादा थी कि ड्राइवर गाड़ी से संतुलन खो देता है और पास के गड्डे में गाड़ी पलट जाती है. हादसे में छह पर्यटक घायल हो गए.
…हर बार आप लकी नहीं हो सकते
वीडियो शेयर करते हुए सुशांत नंदा ने लिखा, यह दिखाता है कि वन्यजीव सफारी में क्या गलत है. जंगली जानवरों की प्राइवेसी का सम्मान करें. स्वयं की सुरक्षा सबसे पहले आती है. बताया गया है कि राइनो और हादसे में घायल सभी पर्यटक सुरक्षित हैं पर यह जरूरी नहीं कि आप हर बार लकी हों. इसलिए उनकी प्राइवेसी का सम्मान जरूर करें. बता दें कि जंगल सफारी के कुछ कायदे कानून होते हैं. हर बार एक निश्चित दूरी बनाकर चलने को कहा जाता है. शोरगुल करना तो अपराध ही है. कैमरे का फ्लैश नहीं चलना चाहिए. कई बार इसकी वजह से भी हादसे हुए हैं. तो अगर आपको अपने परिवार की जान सुरक्षित रखनी है तो इन कायदे कानूनों का पालन करना होगा.
लोग बोले-जंगल के नियम जरूर मानें
वीडियो को अब 83 हजार से ज्यादा ब्यूज मिल चुके हैं. एक हजार से ज्यादा लोगों ने लाइक और तमाम लोगों ने कमेंट्स किए हैं. एक यूजर ने लिखा, सफारी ऑपरेटर को रूल्स का सख्ती से पालन करवाना चाहिए. टूरिस्ट को भी चाहिए कि वे जंगल के नियमों को मानें. एक अन्य यूजर ने लिखा, सोचिए यह एक गैंडा था टाइगर नहीं. गैंडा गाड़ी पर हमला करके लौट जाता लेकिन टाइगर अंदर घुसकर नुकसान पहुंचा सकता था. वहीं पर्यटकों का कहना है कि शायद दोनों गैंडे झाड़ी में लड़ रहे थे और उन्हें देख टूट पड़े . एक यूजर ने लिखा, जानवरों के बीच जाना ही क्यों. सिर्फ छोटी सी खुशी के लिए हम उनकी प्राइवेसी क्यों भंग कर रहे हैं.