
कर्नाटक के मैसूर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के रोड शो (Road Show) में सुरक्षा में बड़ी चूक का मामला सामने आया है. यहां चुनाव प्रचार के लिए विशेष रूप से तैयार पीएम मोदी के वाहन की ओर एक मोबाइल फोन फेंका गया. उधर पुलिस ने बताया कि उन्होंने वाहन पर फोन फेंकने वाले व्यक्ति को ढूंढ लिया है, लेकिन इसके पीछे उसका ‘कोई बुरा इरादा नहीं था’.
पुलिस के अनुसार, रोड शो के दौरान भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की एक महिला कार्यकर्ता से ‘उत्साह’ में फोन हाथ से निकल गया. उसने किसी दुर्भावना से ऐसा नहीं किया था. फोन गाड़ी के बोनट पर गिरकर नीचे गिर गया. हालांकि, प्रधानमंत्री की नजर इस पर पड़ी और उन्होंने साथ में चल रहे विशेष सुरक्षा समूह (एसपीजी) के अधिकारियों को उस वस्तु की ओर इशारा किया.
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) आलोक कुमार ने बताया, ‘प्रधानमंत्री एसपीजी के सुरक्षा घेरे में थे. महिला (जिसका फोन प्रधानमंत्री के वाहन पर गिर गया था) बीजेपी कार्यकर्ता थी. एसपीजी के लोगों ने बाद में फोन उसे वापस कर दिया.’ उन्होंने कहा, ‘उत्साह में यह फेंका गया और महिला की कोई गलत मंशा नहीं थी.’यह घटना तब हुई जब मैसुरु-कोडागु के सांसद प्रताप सिम्हा और पूर्व मंत्रियों केएस ईश्वरप्पा तथा एसए रामदास के साथ प्रधानमंत्री मोदी सड़क के दोनों ओर बड़ी संख्या में एकत्र लोगों की तरफ हाथ हिला रहे थे.
इस बीच, रोड शो के दौरान प्रधानमंत्री मोदी का अभिवादन करने के लिए बड़ी संख्या में लोग और भाजपा समर्थक सड़क के दोनों ओर जमा थे. पीएम मोदी एक विशेष रूप से डिजाइन किए गए वाहन पर थे. इस दौरान रास्ते में लोगों ने उन पर फूल बरसाए और समर्थन के तौर पर भाजपा के झंडे लहराए. वहीं पीएम मोदी ने भी हाथ हिलाकर उनका अभिवादन किया.
बता दें कि कर्नाटक में 10 मई को विधानसभा चुनाव होंगे और वोटों की गिनती 13 मई को होगी. प्रधानमंत्री चुनाव प्रचार के आखिरी चरण में भाजपा के लिए प्रचार करने के लिए मैदान में उतरे हैं, जिसमें वह कई चुनावी रैलियां और रोड शो कर रहे हैं.