इंदौर। मैरिज गार्डन का गेट सर पर गिरा – अब काट रहे है पुलिस के चक्कर

इंदौर में शनिवार को आंधी-तूफान के साथ हुई बारिश के दौरान 12 साल के सिर पर मैरिज गार्डन का स्वागत द्वार गिर गया। इससे उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई। डॉक्टरों ने 30 टांकें लगाकर उसकी जान बचाई। इलाज के बाद बच्चे के पिता थाने में शिकायत दर्ज करने के लिए द्वारकापुरी थाने ले गए।

घटना चार दिन पहले शनिवार की है। तब से आज तक पुलिस को ये नहीं सूझ रहा कि किस धारा में केस दर्ज किया जाए। सिर में टांके आने के बाद भी बच्चा पिता के साथ चार दिन से थाने के चक्कर काट रहा है। लेकिन पुलिस या तो किताबें खंगालती है या कहती है मैरिज गार्डन वाले को यहीं बुला लेते हैं। पुलिस इसे प्राकृतिक आपदा मान रही है पर केस दर्ज नहीं कर पा रही।

मामला द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में फूटी कोठी स्थित पुखराज मैरिज गार्डन का है। यहां शनिवार को 12 साल के राम उर्फ रूद्राक्ष योगी निवासी महालक्ष्मी परिसर फूटी कोठी से गुजर रहा था। तभी तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। तो वह मैरिज गार्डन के स्वागत द्वार के यहां बारिश से बचने के लिए खड़ा हो गया। तभी गेट गिरने लगा। उसे गिरते देख रुद्राक्ष ने तीन लोगों को बाहर निकाला लेकिन खुद घायल हो गया। हादसे के बाद आसपास के लोग उसे नजदीक के महावीर अस्पताल ले गए। यहां उसे सिर और चेहरे पर 30 टांके आए।

पुलिस से शिकायत करने गए तो कहा नगर निगम जाओ:-इलाज कराने के अगले दिन रुद्राक्ष के पिता और मां उसे लेकर द्वारकापुरी थाने पहुंचे। थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों ने यह कहते हुए टाल दिया कि वे इसकी शिकायत करने के लिए नगर निगम जाए। रविवार छुट्‌टी होने के चलते नगर निगम का झोन 14 पर अधिकारी नहीं मिले। सोमवार को वह फिर नगर निगम पहुंचा तो नगर निगम अधिकारियों ने पुलिस केस होने की बात करते हुए उन्हें थाने जाने को कहा। इस बीच रुद्राक्ष के परिवार ने मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन पर कर दी।

TI ने कहां रिपोर्ट लिख लेना, एएसआई ने दो घंटे बैठाकर रखा:-मंगलवार को रुद्राक्ष पिता के साथ थाने पहुंचे। TI अलका मेनिया उनसे बात करने के बाद एएसआई भंवरसिंह को केस दर्ज करने के लिए कहा। रुद्राक्ष के पिता ने कहा कि टीआई के जाने के बाद एएसआई ने कहा पहले पुखराज पैलेस के मालिक को थाने बुलाएंगे। उसके बाद केस दर्ज करेंगे। पहले भंवरसिंह ने कहा ये प्राकृतिक आपदा है। फिर IPC की धाराओं की किताबें लेकर बैठ गए। कई पन्ने पलटने के बाद कहा, टीआई से बात करने के बाद केस दर्ज करेंगे। यहां दो घंटे बैठने के बाद रुद्राक्ष फिर अपने घर आ गया।

मैरिज गार्डन मैनेजर ने कहा, बच्चा गेट के नीचे क्यों खड़ा हुआ:-इस मामले में पुखराज पैलेस गार्डन के मैनेजर दवे ने कहा कि यह प्राकृतिक आपदा है। इस दिन कई पेड़ ओर शेड गिरे थे। गलती बच्चे की है। वह गेट के नजदीक जाकर क्यों खड़ा हुआ। यह कहते ही दवे ने कॉल डिस्कनेक्ट कर दिया।

बच्चे को बुलवाकर जांच करेंगे, केस दर्ज होगा:-एडिशनल डीसीपी अभिनव विश्वकर्मा ने कहा मामले की जांच की जाएगी। बच्चे को बुलाकर उससे घटनाक्रम समझेंगे। इसके बाद केस दर्ज किया जाएगा।

मानव के जीवन पर संकट पैदा होने पर केस बनता है:-इस मामले में हाइकोर्ट एडवोकेट कृष्ण कुम्हार कुन्हारे ने बताया कि यह प्राकृतिक आपदा इसलिए नहीं कि यह गेट मानव द्वारा निर्मित है। इससे मानव जीवन पर संकट हो सकता था। संभवत: पुखराज पैलेस का गेट लापरवाही पूर्वक खड़ा किया था। इसलिये प्रकरण धारा 336, 337 के तहत दर्ज किया जाना चाहिए।

कुछ दिन पहले झूलेलाल मंदिर में हुआ हादसा भी प्राकृतिक आपदा ही थी। लेकिन फिर भी कानून सलाहकारों की राय लेकर उसमें लापरवाही का केस दर्ज किया गया। ऐसे ही मामले में चंडीगढ़ के डीजीपी प्रवीण अंजन ओर उनकी पत्नी घायल हुए थे। तब भी पुलिस ने कार्रवाई की थी। इस मामले में गार्डन मालिक को भी आरोपी बनाया जा सकता है। नगर निगम को गार्डन मालिक पर अलग से केस दर्ज कराना चाहिए। नगर निगम गार्डन संचालक पर जुर्माना भी लगा सकता है।

फुटपाथ पर गिरा शेड़ फिर से खड़ा किया:-बताया जा रहा है कि यह गेट फिर से खड़ा कर दिया गया है। इसमें जो टूट-फूट हुई थी उसका मेंटनेंस भी शनिवार को ही कर दिया गया। आसपास के लोगों का दावा है कि गार्डन संचालक ने ये गेट फुटपाथ पर कब्जा करके बनाया गया है।

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