
2023 में होने वाले विधानसभा चुनावों और खुद के चुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने कई खुलासे किए। कहा, अभी इतना बूढ़ा नहीं हुआ कि चुनाव नहीं लड़ सकूं। पार्टी कहीं से भी कहेगी मैं चुनाव लड़ने को तैयार हूं। विधायक बेटे आकाश विजयवर्गीय के चुनाव लड़ने की अटकलों पर भी खुलकर चर्चा की।
सवाल- सीधी में आदिवासी पर पेशाब करने का मामला सामने आया है, आप इसे कैसे देखते है?
जवाब- इस पर टीका टिप्पणी करने का कोई विषय बचा ही नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा की इस मामले में कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी। आरोपी पर एनएसए लगा दिया है। मकान बुलडोजर से उड़ा दिया है। अब ऐसी कोई संभावना नहीं बची है जहां अपराधी को सरंक्षण दिया गया है। सरकार इस विषय पर बहुत संवेदनशील है और सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है। मैं मुख्यमंत्री जी की इस पर प्रशंसा करता हुं।
सवाल- आप लोकसभा या विधानसभा कौन सा चुनाव लड़ रहे हैं?
जवाब- देखिए मैं चुनाव लड़ने के बारे में अब नहीं सोचता हूं। मेरी उम्र भी निकल गई है। वैसे भी मेरे पास पार्टी की बहुत जिम्मेदारियां हैं। लेकिन पार्टी आदेश देगी तो चुनाव जरूर लड़ूंगा। अभी इतना बुढ़ा भी नहीं हुआ हूं। कहीं से भी लड़ सकता हूं। जहां से पार्टी टिकट देगी वहां से लड़ लेंगे।
सवाल- सिंधिया समर्थकों टिकट काटने की बात सामने आ रही है। कितने विधायकों के टिकट कटेंगे?
जवाब- सिंधिया समर्थकों को टिकट मिलेगा या नहीं यह पार्टी तय करेगी। पार्टी कभी भी चेहरा या नाम देखकर टिकट तय नहीं करती है। वह तो यह देखती है कि जिसे टिकट दे रहे हैं वह चुनाव जीत पाएगा कि नहीं। पार्टी हमेशा विनिंग केंडिडेट को ही टिकट देती है।
सवाल- सोशल मीडिया पर संघ के सर्वे की बात कही जा रही है। इसमें कथित तौर पर दावा किया जा रहा है कि पार्टी के कई वर्तमान विधायक ही चुनाव हार रहे हैं?
जवाब- पूरी बातें बकवास है। संघ कभी सर्वे नहीं कराता। संघ का अपना ही नेटवर्क इतना बड़ा है कि उनके पास स्वंयसेवकों की फौज है। हम उनसे समय-समय पर इनपुट लेते रहते हैं। इसलिए संघ को प्रोफेशनल सर्वे कराने की जरूरत नहीं पड़ती। संघ राजनीति में कभी भी इस तरह का हस्तक्षेप नहीं करता। हां कुछ विषय ऐसे रहते हैं जिसमें लगता है की आइडियोलॉजी के लिए हमें बात करना चाहिए तो बात करते हैं। लेकिन चुनाव, उम्मीदवार और राजनीतिक दल की हार-जीत पर संघ कोई चिंता नहीं करता। संघ के सर्वे की खबरें कहां से आती हैं, कैसे बनती हैं कैसे समाचार पत्र में छपती हैं, यह देखकर मुझे बड़ा आश्चर्य होता है।
सवाल- मप्र की सत्ता का रास्ता मालवा-निमाड़ से होकर गुजरता है, इस बार कितनी सीटें जीत रहे हैं?
जवाब- मैक्सिमम सीट जीत रहे हैं। मालवा-निमाड़ फिर से अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करेगा। मुझे लगता है कि पिछली बार हमसे कुछ भूल हुई थी वह हमने इस बार सुधार ली है। अब एक बार फिर से मालवा-निमाड़ से अधिकतर सीटें भाजपा जितेगी।
सवाल- प्रदेश अध्यक्ष बदलने की बातें लगातार सामने आ रही है? आपका नाम भी सामने आ रहा है।
जवाब- दिल्ली में मप्र को लेकर अभी किसी तरह की बात नहीं चल रही है। चुनाव के समय कुछ बदलाव हो सकते हैं। प्रदेश से आए दिए हम तीन लोगों के नाम ही सामने आते है मेरा, नरेंद्र तोमर जी और प्रहलाद पटेल जी का। क्योंकि हम लोगों ने काफी समय से प्रदेश को देखा है और प्रदेश को बहुत अच्छे से जानते हैं।
सवाल- इंदौर में बढ़ते नशे को लेकर आप बड़ा अभियान चला रहे हैं?
जवाब- नशा व्यक्ति को बर्बाद करता है परिवार और शहर की प्रतिष्ठा को खराब करता है। इस शहर को हमने यहां के नागरिकों ने मेहनत करके बहुत बड़ा सम्मान दिलाया है। आज इंदौर शहर स्वच्छता में पूरे देश को मार्गदर्शन देता है। देश के पीएम कहकर गए है कि इंदौर के खान पान का कोई जोड़ नहीं है।
हम हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहे हैं पर नशे में आगे बढ़े तो यह बदनुमा दाग होगा। हम इंदौर में यह दाग नहीं लगने देंगे। इसलिए नशे के खिलाफ हमारा संघर्ष है और नशे करने वाले लोगों को तो हम समझा सकते हैं पर जो नशा उपलब्ध कराते हैं जो शहर में नशा बेच रहे हैं उन लोगों पर नकेल डालने पर सरकार को चिंता करना चाहिए। प्रशासन इस पर काम कर रहा है। लेकिन अभी और सख्ती की जरूरत है।
लेकिन यह मैं जो अभियान चला रहा हूं, यह राजनीति से हटकर चला रहा हूं क्योंकि मैं आज जो हूं वह इंदौर की बदौलत हूं। इसलिए मैं नशे के मामले में इंदौर को बदनाम नहीं होने दूंगा।
सवाल- आकाश विजयवर्गीय को इस बार विधानसभा-2 से चुनाव लड़ाने की बात कही जा रही है?
जवाब- आकाश कहीं से भी चुनाव लड़ें कोई दिक्कत नहीं है। पार्टी जहां से उसे टिकट देगी वह चुनाव लड़ेगा और जितेगा। रही मेरी बात तो मैं महू जैसी सीट से चुनाव जीत चुका हूं। जहां पर कांग्रेस 20 से 25 हजार वोटों से जितती रही है।