
कॉटन व्यापारी के घर 27 जून को हुई 70 लाख की चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। व्यापारी का पुराना ड्राइवर ही आरोपी निकला है, उसे 15 दिन पहले ही नौकरी से हटा दिया गया था। उसे पता था कि मालिक और उनका पूरा परिवार बेटे का जन्मदिन मनाने खरगोन जाएगा। एक आरोपी ने 10 सेकंड के लिए मोबाइल ऑन किया था, उससे पुलिस को लिंक मिल गई।
आरोपियों से पूरा माल बरामद कर लिया गया है। डीसीपी जोन-2 अभिषेक आनंद के अनुसार लसूड़िया थाने में 28 जून को अर्पित बनकर निवासी गुलाब बाग ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। बताया था बेटे के जन्मदिन पर खरगोन गए थे। उसी रात कोई 70 लाख रुपए के हीरे व सोने-चांदी के जेवर, नकदी सहित महंगी हाथ घड़ियां चोरी कर ले गया।
10 हजार से ज्यादा मोबाइल डिटेल चेक की, एक नंबर से खोज निकाला
टीआई संतोष दूधी ने बताया कि एक टीम फील्ड में लगाई थी। एक टीम साइबर की मदद से फोन डिटेल और कैमरे खंगाल रही थी। फरियादी के घर के आसपास के मोबाइल टॉवर का पीएसटीएन डाटा निकाला और पता किया कि वारदात के चार घंटे कौन-कौन से फोन कनेक्ट थे। फिर फिल्टर लगाकर ऐसे नंबर हटाए जो लगातार उसी इलाकों के थे।
ऐसे हजार से कम नंबर निकले। तभी एक नंबर ऐसा मिला जो इसी क्षेत्र में आकर 10 सेकंड के लिए चालू हुआ फिर बंद होकर नेमावर इलाके में ही शुरू हुआ। ये नंबर एक चोर का था, उसने व्यापारी के ड्राइवर से आने के बारे में पूछा था। इसी आधार पर जानकारी मिली फिर इनके गांव जाकर फेरी वाला व ठेले वाला बनकर रैकी की और पकड़ लिया।
आरोपी ने कबूल कर लिया चोरी करना
आरोपी दीपक बोला कि अर्पित सेठ को उसका काम पसंद नहीं आया तो निकाल दिया। सेठ बेटे का जन्मदिन मनाने खरगोन जाने वाला है, इसकी जानकारी उसे थी। उसी के आधार पर अपने साथियों को तैयार कर चोरी कर ली। ड्राइवर दीपक पंचोली निवासी देहरी खातेगांव, उसके दोस्त विशाल राय निवासी तलापुर रायसेन, जितेंद्र साहू निवासी मनगवा, रीवा और विनय तलैया, रीवा को गिरफ्तार किया है।