
ग्वालियर के एक कारोबारी व स्कूल संचालक के बेटे को इंदौर में कैफे एंड बार खोलना था। जिसके लिए उन्होंने इंटरनेशनल कंपनी FTV कंपनी से संपर्क किया। कंपनी के इंडिया हेड ने कारोबारी से बातचीत की और 40 लाख रुपए फ्रेंचाइजी के लिए डिपोजिट और GST अलग से जमा करने की डिमांड की। कारोबारी ने यह डिमांड पूरी कर दी। इसके बाद मुम्बई से कंपनी के आर्किटेक्ट को शॉप के डिजाइन के लिए भेजना था।
इसके लिए भी कंपनी के अधिकारियों ने अलग से चार्ज मांगा, लेकिन मशहूर आर्किटेक्ट के बदले कोई जूनियर भेज दिया। जो डिजाइन ही तैयार नहीं कर सका। इसके बाद कंपनी से कई बार संकर्प करने के बाद भी वहां से कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिला। घटना फरवरी 2022 से अभी तक के बीच चौहान प्याऊ की है। अब ठगी के शिकार कारोबारी ने मामले की शिकायत थाटीपुर थाने में की है। जिस पर पुलिस ने अमानत में खयानत का मामला दर्ज कर लिया है।
शहर के थाटीपुर चौहान प्याऊ निवासी आयुष पुत्र देवेन्द्र सिंह चौहान व्यवसायी हैं। उनका विदेव फूड्स के नाम से व्यवसाय है, जिसे आयुष व उसकी बहन मानसी चौहान पाटर्नशिप में देखते हैं। कुछ समय पूर्व मानसी व आयुष ने काम को विस्तार देने के लिए इसे इंदौर के 140 स्कीम इलाके में फूड्स शव कैफे एंड बार शुरू करने की योजना बनाई। इसके लिए उन्होंने इंटरनेट पर सर्च कर एफटीवी कंपनी से संपर्क किया। जहां पर कंपनी की डायरेक्टर रुकमणि हुड्डा, कासिम खान, इंडिया के हेड दुष्यंत व उनके सहयोगी विनायक हटकर आदि से बातचीत हुई। इसके बाद कंपनी ने उनको रिस्पोंस देते हुए फ्रेंचाइजी के लिए 40 लाख रुपए डिपोजिट करने के लिए कहा और साथ ही GST अलग से भरने के लिए बोला। इस पर लगभग 47 लाख 20 हजार रुपए उन्होंने ग्वालियर में अपनी HDFC बैंक के जरिए व RTGS के जरिए जमा किया था।
आर्किटेक्ट नानावती की जगह भेजा रेहान
फ्रेंचाइजी के लिए फीस जमा करने के बाद आयुष सिंह चौहान ने कैफे एंड बार के डिजाइन के लिए कंपनी की मशहूर आर्किटेक्ट अनुष्का नानावती को भेजने के लिए कहा। इस पर कंपनी ने उनके नाम पर 10 लाख रुपए की डिमांड की। कारोबारी ने यह भी देने का वादा किया, लेकिन कंपनी ने अनुष्का नानावती को भेजने के बदले किसी रेहान नाम के इंटीरियर डिजाइनर को भेजा जो कई दिन रहने के बाद डिजाइन फाइनल नहीं कर पाया। इसके बाद वह चला गया।
कंपनी की नियत पर संदेह, वापस मांगा पैसा
जब बार-बार कंपनी रुपए मांगने लगी और एक भी आश्वासन पूरा नहीं किया तो आयुष चौहान को संदेह हुआ। जिस पर उन्होंने कंपनी के अफसरों से डील में आगे रूचि न दिखाते हुए अपना जमा रुपया GST के साथ वापस मांगा। इस पर कंपनी के अधिकारियों ने पहले आश्वासन दिया, लेकिन उन्होंने ना उनकी समस्याओं का निराकरण किया और ना ही पैसे वापस लौटाए। जब उन्होंने दबाव बनाया तो पैसे लौटाने से इनकार कर दिया। धोखे का शिकार आयुष ने कई बार कानूनी नोटिस भी भेजे, लेकिन कोई जवाब नहीं दिया। जिसके बाद व्यवसायी ने थाटीपुर थाने में मामले की शिकयत की है। पुलिस ने अमानत में खयानत का मामला दर्ज किया है।
महाराष्ट्र जाएगी पुलिस की टीम
इस मामले में टीआई थाटीपुर विनय शर्मा ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। जांच और आरोपियों की गिरफ्तार के लिए एक टीम जल्द महाराष्ट्र भेजी जाएगी।