इंदौर। 8 साल के बच्चे के जबरन धर्म परिवर्तन कराने के मामले में बच्चे के पिता के ने किए चौंकाने वाले खुलासे

इंदौर के 8 साल के बच्चे का जबरन धर्म परिवर्तन कराने के मामले में बाड़मेर (राजस्थान) के पीड़ित व्यापारी महेश नाहटा ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। जिस आरोपी इलियास ने पत्नी और 8 साल के बेटे का अपहरण किया है, उसके PFI से कनेक्शन है। यह भी बताया कि शादी के पहले से ही वह इलियास के संपर्क में थी और वह उसे ले गया। इसके बाद ही उसका धर्मांतरण कर लिया गया। पत्नी ने धर्म बदला है या नहीं, यह खुलासा अभी नहीं हो सका है।

नाहटा का दावा है कि शाजापुर निवासी इलियास का चचेरा भाई सरफराज अहमद प्रतिबंधित आतंकी संगठन पीएफआई (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) से जुड़ा है। उसका एक और रिश्तेदार सईद हाफिज अहमद भी पीएफआई का सक्रिय सदस्य है। सरफराज और सईद हाफिज दोनों ही पीएफआई से नजदीकी संबंध होने के चलते जेल भी जा चुके हैं।

पीड़ित पिता महेश नाहटा का आरोप है कि इलियास के साथ और भी कई लोग हैं जो हिंदू लड़कियों और महिलाओं के साथ उनके बच्चों का भी जबरन धर्मांतरण किया जा रहा है। नाहटा ने कहा कि 20 दिन पहले जब मैंने इलियास शिकायत खजराना थाने में की तो मुझे धमकी भरे कई कॉल आए। पर मैं किसी से नहीं डरा।

महेश नाहटा ने आपबीती सुनाते हुए कहा…

‘2013 में फेसबुक पर प्रार्थना से पहचान हुई थी। प्रार्थना तब नाबालिग थी। एक साल तक हमारी बातचीत चलती रही। इसके बाद हम 2014 में हम उज्जैन में मिले। यहां हमने शादी का फैसला लिया और इसी साल हमारी शादी हो गई। 2015 में हमारे हां बेटे ने जन्म लिया। मुझे बाद में पता चला कि मेरे बेटे का जबरन धर्मांतरण कराने वाला इलियास कुरैशी पहले भी प्रार्थना का अपहरण कर चुका था। तब दोनों नाबालिग थे। पुलिस ने प्रार्थना की मां कमलेश की शिकायत पर आरोपी इलियास को पॉक्सो एक्ट के तहत गिरफ्तार कर लिया। तब प्रार्थना को उसके परिजनों को सौंप दिया था। महेश ने बताया कि आठ महीने बाद इलियास जमानत पर छूट गया।’

जेल से छूटने के बाद इलियास कुरैशी ने प्रार्थना के मोबाइल पर कॉल किया। दोनों की बातचीत हुई। इसके बाद वह मोबाइल मुझसे छिपाने लगी। मैंने उससे कारण पूछा तो पहले वह टालने लगी। मेरे मजबूर करने पर उसने कहा ये सब उसकी शादी से पहले की बातचीत है। अब कोई अफेयर नहीं है लेकिन 2018 में मौका पाकर 2018 में वह बेटे को लेकर इलियास के साथ घर से चली गई। प्रार्थना अपने साथ घर में रखा पैसा और जेवर भी ले गई। इस घटना के बाद उसने अपने मायके पक्ष से भी दूरी बना ली।

बेटे के लिये मांगी 5 लाख की फिरौती

पत्नी के जाने के बाद मैं उसे लगातार ढूंढ रहा था। इंदौर में भी ढूंढा पर उसका और बेटे का कहीं पता नहीं चला। फिर एक दिन इलियास ने मुझे मोबाइल पर कॉल किया। मुझे धमकी देते हुए कहा कि पत्नी और बेटे को सही सलामत चाहते हो तो पांच लाख रुपए दे दो। और दोनों को ले जाओ। मैंने डेढ़ लाख रुपए देने की बात कही तो इलियास तैयार भी हो गया। पर उसके बाद उसने मुझे कोई कॉल नहीं किया। इस फोन के बाद मैंने बाड़मेर के सिवाना थाने में इलियास के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी। इतना ही नहीं कुछ दिन बाद मैंने शाजापुर कोर्ट में प्रार्थना के खिलाफ तलाक की अर्जी भी दे दी। बेटे की अभिरक्षा लेने के लिए भी कोर्ट में आवेदन दिया। लेकिन दोनों का कोई पता नहीं होने के कारण न इलियास का पता चला, ना ही प्रार्थना का। इसके चलते राजस्थान पुलिस भी खाली हाथ रही और मेरी तलाक की अर्जी भी खारिज हो गई। वहीं बेटे की अभिरक्षा केस में नोटिस तामील ही नहीं हो सका।

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