इंदौर। नकली पुलिसकर्मी द्वारा स्टूडेंट को ब्लैकमेल करने का मामला

इंदौर में विजय नगर थाने के एक नकली पुलिसकर्मी के खिलाफ लसूड़िया थाने में स्टूडेंट के साथ ब्लैकमेलिंग का केस दर्ज किया गया है।

बता दें कि पीड़ित स्टूडेंट शहर की एक नामी कोचिंग से नीट की तैयारी कर रहा है। आरोपी ने पीड़ित स्टूडेंट से इस दौरान फोन पर यह भी कहा कि तुम वर्दी की ताकत नहीं जानते हो। तुम्हारा नीट का वैरिफिकेशन भी नही हुआ है। मैं देखता हूं कि अब तुम कैसे पुलिस वैरिफिकेशन करवाते हो।

पहले जान लीजिए पूरा मामला

इंदौर के लसूड़िया थाने में पुलिसकर्मी बन स्टूडेंट को ब्लैकमेल करने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपी ने इन स्टूडेंट को मोबाइल पर लूडो गेम खेलते हुए पकड़ा। जिसके बाद उसने रुपए की मांग की। इस मामले में एक मीडिया कर्मी ने डीसीपी को शिकायत कर दी। उन्होंने जांच की और आरोपी के खिलाफ दूसरे थाने में केस दर्ज कर दिया।

टीआई संतोष दूधी के मुताबिक अजय पुत्र राकेश कुमार शर्मा निवासी स्कीम नंबर 78 के खिलाफ 170, 195 क, 506 की धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने अपनी शिकायत में बताया कि अजय शर्मा पुलिसकर्मी नहीं है। वह विजय नगर थाने में आता-जाता है और थाने आने वाले व्यक्तियों के छोटे-मोटे काम करता है।

इसके चलते विजय नगर थाने के स्टाफ से उसकी पहचान हो गई। इसी पहचान का फायदा उठाने के लिए अजय शर्मा ने लड़कों को विजय नगर थाने पर लेकर आया। यहां परिवार के लोगों से संपर्क किया और लड़कों को छोड़ने के एवज में रिश्वत मांगी। अब मामले में अजय शर्मा की लसूड़िया पुलिस तलाश कर रही है।

पढ़िए पीड़ित स्टूडेंट की जुबानी ब्लैकमेलिंग की पूरी कहानी…

ACP भूपेन्द्र सिंह ने जब स्टूडेंट को धमकाने वाले मामले में जांच की तो कई बातें समाने आई। 20 साल के छात्र ने अपने बयान में बताया, मैं नेहरू नगर में रहता हूं और नीट की तैयारी कर रहा हूं। 15 जून की दोपहर मैं अपने तीन दोस्तों के साथ मेघदूत गार्डन के यहां बैठकर लूडो खेल रहा था। तभी विजय नगर पुलिस आई और हमें पकड़कर थाने ले गई।

यहां विजय नगर पुलिस द्वारा हमें डराया और धमकाया गया कि तुम पर केस बना देगें। तुम्हारा कॅरियर बर्बाद कर देंगे। अगर कार्रवाई से बचना है तो पैसों की व्यवस्था कर लो, हमें थाने पर बैठाकर धमकाते रहे। वहां एक सफेद शर्ट पहने अजय शर्मा बैठा हुआ था। जो खुद को पुलिसकर्मी बता रहा था। लगातार पैसों के लिए दबाव बनाया जा रहा था।

रात 11 बजे पापा थाने आ गए। थाने के दो स्टार संजय धुर्वे और सिपाही मुकेश लोधी सिविल में आए और मेरे पापा को बाहर ले गए और बातचीत कर रात में हम लोगों को छोड़ दिया। बाद में पापा ने बताया कि पुलिस वालों ने तुम्हें छोड़ने के 10 हजार रुपए लिए हैं।

पहले पढ़िए स्टूडेंट के परिजन ने डीसीपी जोन-2 से शिकायत में क्या कहा…

स्टूडेंट के चाचा आशीष जादौन ने विजय नगर थाने के एएसआई और सिपाही द्वारा दस हजार रुपए की रिश्वत लेने की शिकायत डीसीपी जोन-2 अभिषेक आनंद से की थी। अपनी शिकायत में आशीष ने बताया कि वह पेशे से पत्रकार है और रात 11 बजे तक कवरेज पर था। इस दौरान उसे परिवार से पता चला कि उसका भतीजा 4 बजे से लापता है।

आशीष ने उसकी जानकारी निकाली तो पता चला कि वह विजय नगर थाने में बंद है। थाने पहुंचकर टीआई से जानकारी लेने पर उन्होंने ऑनलाइन सट्‌टे के प्रकरण में थाने में बैठाने की जानकारी दी। इसके बाद रात में पुलिसकर्मी संजय धुर्वे और मुकेश लोधी ने रुपए लेकर उन्हें छोड़ा। इस आवेदन के आधार पर डीसीपी ने जांच करवाकर दोनों पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया।


पढ़िए पुलिसकर्मियों की शिकायत के बाद कैसे धमकाने लगा आरोपी…

पीड़ित स्टूडेंट ने बताया कि, कुछ दिन बाद विजय नगर का एक पुलिस वाला जिसका नाम अजय शर्मा है, वह मेरी कोचिंग पर जाकर मेरे बारे में जानकारी ले रहा था। उसका मोबाइल नंबर मुझे मिला, तो 23 जून की रात करीब आठ बजे मैंने अपने नंबर से उस नंबर पर कॉल किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ।

बाद में दोस्त के मोबाइल से मैंने उस नंबर पर कॉल किया। तब मैं सिक्का स्कूल के पास स्कीम नंबर 78 में था। अजय शर्मा से बात हुई, तब मैंने मोबाइल का लाऊड स्पीकर चालू कर लिया। मेरे दोस्त भी अजय शर्मा की बात सुनने लगे। इस दौरान अजय ने कहा कि तुम वर्दी की ताकत नहीं जानते हो।

तुम्हारा नीट का वैरिफिकेशन भी नहीं हुआ है। मैं देखता हूं कि अब तुम कैसे पुलिस वैरिफिकेशन करवाते हो। तुम मुझको जानते नही हो मैं तुमको ठीक कर दूंगा। तुमने पुलिसवालों की शिकायत की है अब मैं तुम्हें देखता हूं। फोन में रिकार्डिग नही होती इसलिये अजय शर्मा से बात की रिकार्डिग नही कर पाया। अजय शर्मा से बात के बाद हम तीनों दोस्त डर गए। हमने अपने चाचा हरेन्द्र और आशीष जादौन को इस बात की जानकारी दी।

16 साल के नाबालिग के भी हुए बयान

इस मामले में नीट के स्टूडेंट के 16 साल के नाबालिग दोस्त के भी बयान हुए। उसने भी अपने बयान में अजय शर्मा के द्वारा डराने और धमकाने की पुष्टि की। उसने पुलिसकर्मी संजय धुर्वे और मुकेश लोधी के बारे में जानकारी हाेने की बात भी कही। उसके बयान साथी दोस्तों के बयान के मुताबिक ही मिले।

टीआई ने बयान में कहा- सीसीटीवी कैमरों में बैठा मिला अजय

मामले में ACP भूपेन्द्र सिंह ने विजय नगर थाने के टीआई रविन्द्र गुर्जर के बयान लिए। जिसमें उन्होंने बताया कि उन्होंने 15 जून की रात के थाने के फुटेज देखे। जिसमें सफेद शर्ट पहने एक लड़का दिखाई दे रहा है। उसे वे नहीं जानते। थाने पर बहुत सारे लोग काम के लिए आते रहते हैं। वह लड़का पुलिसकर्मी नही है। ना ही अजय शर्मा नाम का कोई पुलिसकर्मी थाने में पदस्थ है। मुझे से वह व्यक्ति आज तक नही मिला। थाने में भी उसकी जानकारी निकाली। स्टाफ के लोग भी उसे नही पहचानते।

मोबाइल नंबर की डिटेल में सच आया सामने

अजय शर्मा के मोबाइल नंबरों की सीडीआर जांच में सामने आया कि नीट स्टूडेंट और उसके दोस्त के मोबाइल नंबर पर अजय शर्मा के नंबर से बात हुई है। अजय शर्मा मूल रूप से शिवपुरी का रहने वाला है। यहां थाने पर आने-जाने के दौरान पहचान हो जाने के चलते स्टाफ के लोगों से दोस्ती कर ली। जिसके बाद आर्थिक लाभ कमाने के लिए इस तरह के काम करने लगा।

नकली पुलिसकर्मी कर रहा था नौकरी, एसटीएफ ने दर्ज किया था केस

इसी थाने पर कुछ दिन पहले एसटीएफ की टीम ने भी दबिश दी थी। यहां खुफिया टीम के सिपाही धर्मेद्र शर्मा को भोपाल एसटीएफ ने व्यापमं से फर्जी परीक्षा देने के मामले में केस दर्ज कर आरोपी बनाया था। मामले में डीसीपी अभिषेक आनंद ने भोपाल से लेटर लिखकर जानकारी मांगी।

जिसमें प्रकरण की पुष्टि होने पर उसे सस्पेंड कर दिया गया। धर्मेद्र फर्जी तरीके से नौकरी पाने का केस दर्ज होने के बाद भी सालों से विजय नगर में ही खुफिया टीम में नौकरी कर रहा था। वीआईपी मूवमेंट में उसकी ड्यूटी भी लगती थी।

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