
इंदौर में भंवरकुआं स्थित प्राइम होटल में 24 जुलाई को आत्महत्या करने वाले दंपती के मामले में भंवरकुआं पुलिस ने मृत पति के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार पहले महिला ने फांसी लगाई थी। इसके बाद पति ने उसे फंदे से उतार कर खुद अपनी जान दे दी। लेकिन महिला के परिवार के बयान के बाद और पूर्व में थाने में की गई शिकायतों के आधार पर पति को आरोपी बनाया गया है। इस मामले में वकील का कहना है कि दंपती की मौत हो चुकी है, इसलिए आखिर में पुलिस को खात्मा ही करना पड़ेगा।
एसीपी दिशेष अग्रवाल के मुताबिक रिंग रोड स्थित प्राइम होटल में राहुल वर्मा और नंदिनी सोलंकी वर्मा के सुसाइड मामले में पुलिस ने जांच के बाद धारा 306 के तहत केस दर्ज किया है। मामले में नंदिनी के भाई राहुल और माता-पिता के बयान के बाद कार्रवाई की गई है। नंदिनी के पति राहुल की भी मौत हो चुकी है। लेकिन एसीपी अग्रवाल का कहना है कि नंदिनी ने राजेन्द्र नगर थाने में अपने पति राहुल वर्मा के खिलाफ प्रताड़ित करने की शिकायतें की थी। इसके बाद वह अपनी मां और भाई के पास रहने चली गई। इस शिकायत को आधार बनाकर मृत पति को आरोपी बनाया गया है।
पहले नंदिनी ने किया सुसाइड,फिर राहुल ने
एसीपी दिषेश अग्रवाल का कहना है कि 24 जुलाई को होटल प्राइम के रूम नंबर 306 में रुके नंदिनी और राहुल में से पहले महिला ने सुसाइड किया। इसके बाद राहुल ने उसे फंदे से उतारा और फिर खुद आत्महत्या कर ली। प्रांरभिक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में नंदनी के फांसी लगाने के प्रमाण मिले हैं। राहुल द्वारा उसकी हत्या नहीं की गई है।
ऐसे मामलों में वकील क्या कहते हैं

हाईकोर्ट के वकील कृष्ण कुम्हार कुन्हारे का कहना है कि ऐसे मामलों में पुलिस के पास केस दर्ज करने के बाद कोर्ट से खात्मे के अलावा कोई चारा नहीं होता। उनके मुताबिक अगर होटल या कमरे में दंपती ने सुसाइड किया है ताे सबसे पहले ऐसे मामले में दो तरफा तफ्तीश होती है। इसमें संक्षिप्त पीएम रिपोर्ट में यह देखा जाता है कि दोनों ने एक साथ जहर खाया है, या पहले एक ने खाया है और बाद में दूसरे ने। ऐसे मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज होता है। वहीं एक को जहर दिया गया और बाद में दूसरे ने खाया तो हत्या का केस दर्ज होता है। ऐसे प्रकरण में जांच का एक बिंदू यह भी होता है कि इस तरह से जहर देने की नौबत क्यों आ गई। इस सुसाइड या हत्या के पीछे का वास्तविक कारण क्या है। वही दो लोगों के सुसाइड में कई बार तीसरे की भूमिका को लेकर भी केस दर्ज हो जाता है।
वकील कृष्ण कुमार कुन्हारे का कहना है कि पूर्व में ऐसे ही एक चर्चित मामले में पुलिस कंट्रोल रूम रीगल पर टीआई ने महिला एएसआई पर गोली चलाई थी। जिसमें वह फरियादी बनी और टीआई पर छोटी ग्वालटोली थाने में हत्या के प्रयास का केस दर्ज हुआ था। जब इस मामले में जांच हुई तो टीआई के परिवार के बयानों के आधार पर महिला एएसआई पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज हुआ।
यह था मामला
घटना भंवरकुआं इलाके में रिंग रोड स्थित प्राइम होटल की है। यहां राहुल वर्मा और नंदिनी सुसाइड के खुलासे से दो दिन पहले 22 जुलाई को होटल के रूम नंबर 306 में आकर ठहरे थे। 24 जुलाई सोमवार को दोनों के शव कमरे में पड़े मिले। दोपहर में कमरे से बदबू आने लगी तो कर्मचारियों ने होटल मैनेजर को सूचना दी। जिसके बाद दूसरी चाबी से लॉक खोल कर देखा तो दोनों की लाश मिली। इसके बाद पुलिस को बुलाया गया।
राहुल और नंदनी दोनों अमर पैलेस इलाके के रहने वाले थे। यही रहकर दोनों ने एक साल पहले प्रेम विवाह किया। छह माह बाद पारिवारिक विवाद होने पर दोनों अलग हो गए। नंदनी इसके बाद अपने भाई और मां के साथ जाकर रहने लगी। वह यहां रहते हुए विजय नगर में जॉब करती थी। 22 जुलाई को वह आईटी पार्क तक अपने भाई के साथ आई और यहां से कुछ देर बाद राहुल वर्मा के साथ चली गई। इसके बाद दोनों होटल में पहुंचे थे।