या देवी सर्वभूतेषु… कौशल किशोर चतुर्वेदी

या देवी सर्वभूतेषु

राखी के त्यौहार से पहले शिवराज सिंह चौहान का मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना का सम्मेलन बहनों के लिए सौगातों भरा रहा है। भांजियों को भी मामा की तरफ से सौगात मिली, वहीं बहनों को घर, बिजली, नौकरी और राशि का उपहार देकर शिवराज ने यह जताया है कि बहनों के प्रति उनके प्रेम की बराबरी कोई और नहीं कर सकता। बहन-भाई के प्रेम के इस भावनात्मक रिश्ते पर अब मध्यप्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश की नजर है। मामा के इस मास्टरस्ट्रोक ने विपक्षी खेमे में हलचल मचा दी है। इसका असर पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के उस ट्वीट में दिख रहा है, जो लाड़ली बहना योजना सम्मेलन के पहले आया है। जिसमें उन्होंने लिखा है कि कांग्रेस अपने 11 वचनों के साथ मध्यप्रदेश के हर घर में ख़ुशहाली लाने के संकल्प के साथ आपके बीच है। हालांकि शिवराज चार कदम आगे बढ़कर कांग्रेस के हर प्लान को कोसों पीछे छोड़कर आगे निकल जाते हैं। और फिर पीछे मुड़कर नहीं देखते हैं। रविवार यानि 27 अगस्त 2023 का लाड़ली बहना योजना सम्मेलन इस बात की गवाही दे रहा है।
राखी से पहले शिवराज ने भाई का फर्ज निभाते हुए बहनों के घर में खुशहाली लाने के लिए नशामुक्ति का संकल्प लिया है। वादा किया है कि प्रदेश में नशे की प्रवृत्ति पर अंकुश लगाया जाएगा और जहाँ आधी से ज्यादा बहनें नहीं चाहेंगी, वहाँ पर शराब की दुकान बंद कर दी जाएगी। बहनों की मंशा पर अमल हुआ तो मध्यप्रदेश आगामी साल ही शराबबंदी की दिशा में आगे बढ़ जाएगा। या फिर शराब की दुकानों को शहर के बाहर जाने को मजबूर होना पड़ेगा। अहाता बंद कराने का फैसला सरकार पहले ही कर चुकी है।
तो दूसरी बड़ी सौगात पुलिस की नौकरी में 30% की जगह अब 35% बेटियों की भर्ती होगी। और बाकी सभी भर्तियों में 35% भर्तियाँ बेटियों की होगी। सरकारी पदों में भी कई पद ऐसे होते हैं जिनमें सरकार नियुक्त करती है उन पदों पर भी 35% नियुक्तिया महिलाओं की होगी। यह घोषणा भी बहन-बेटियों को ज्यादा संख्या में नौकरी पाने की राह तैयार करेगा। बहनों और भांजियों को नौकरी के ज्यादा अवसर देगा। भांजियों के लिए यह फैसला कि लाड़ली बहनों बेटियों की पढ़ाई सरकार निशुल्क कराएगी, सभी बहनों को राखी पर बड़ी सौगात है। क्योंकि अभी भी अर्थ का अभाव बेटियों की पढ़ाई में बाधक बन ही जाता है।
बहनों के लिए यह बड़ी राहत मिली है कि बढ़े हुए बिजली के बिलों की वसूली नहीं होगी। शिवराज भैया ने कहा है कि मैं उन बिलों का इंतजाम करूँगा, सितम्बर में बढ़े हुए बिल जीरो हो जाएंगे। यह पूरे प्रदेश के लिए बड़ी सौगात है कि गरीब बहना का बिल केवल 100 रुपए आए, इसका इंतजाम सरकार करने जा रही है। तो 20 घरों की बस्ती है तो वहाँ भी बिजली के लिए 900 करोड़ रुपए की व्यवस्था कर सरकार ने बड़ा फर्ज अदा किया है।
मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के तहत हर पात्र बहना को एक हजार रूपये प्रतिमाह की जगह अब 1250 रुपए मिलेंगे। सिंगल क्लिक से रक्षाबंधन के लिए 250 रुपए सवा करोड़ बहनों के खातों में डालकर शिवराज ने इसकी शुरुआत भी कर दी है। और सबसे बड़ी सौगात सावन के महीने में बहनों को रसोई गैस 450 रुपये में दी जाएगी। इसके बाद पर्मानेंट व्यवस्था बनाने की बात कहकर मामा ने विपक्षी दल को आइना दिखाया है।
तो बहनों की जिंदगी में हर साल राखी का त्यौहार इसी तरह आता रहे और सरकार सौगातें देती रहे ताकि गरीब बहनें राखी का त्योहार अच्छे से मना सकें। रक्षाबंधन का शिव का यह संकल्प है कि जिन बहनों के पास घर नहीं है उन्हें घर दिए जाएंगे। अक्टूबर माह से लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत बहनों के खातों में रु. 1,250 की राशि डाली जाएगी। और मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना की राशि रु. 1,250 से बढ़ाकर धीरे-धीरे रु. 3 हजार तक करूँगा।
तो शिवराज के सुपर स्ट्रोक्स की बराबरी कर पाना सहज नहीं है। तो शिवराज की सौगातों के यही मायने हैं कि “या देवी सर्व भूतेषु लाड़ली बहना रूपेण संस्थिता, नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नम:।”

 

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। दो पुस्तकों “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

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