इंदौर। इंदौर की यह महिला शिक्षिका नवाचार कर गढ़ रहीं विद्यार्थियों का भविष्य, राष्ट्रपति ने किया सम्मानित

केंद्रीय विद्यालय-2 (बीएसएफ) इंदौर की शिक्षिका चेतना खांबेटे को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2023’ से सम्मानित किया गया। ‘शिक्षक दिवस’ के अवसर पर विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित गरिमामय समारोह में मुख्य अतिथि राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू ने उन्हें सम्मानित किया। भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा यह पुरस्कार दिया जाता है।

कार्यक्रम में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी उपस्थित थे। चेतना खांबेटे को इसके पहले शिक्षक उत्कृष्टता पुरस्कार, केवीएस राष्ट्रीय प्रोत्साहन पुरस्कार, क्षेत्रीय प्रोत्साहन पुरस्कार, केवीएस डीएसटी विज्ञान शिक्षक पुरस्कार और शिक्षक सम्मान अवार्डस मिल भी चुके हैं। राष्ट्रपति पुरस्कार के लिए चयनित होने पर प्राचार्य मनीष जैन एवं स्टाफ ने 2 सितंबर को उन्हें शाल-श्रीफल देकर सम्मानित कर उन्हें उज्जवल भविष्य की शुभकामनाए दी।

खांबेटे ने शिक्षा के क्षेत्र में समर्पण और नवाचार को गति दी है। जीव विज्ञान में एक उत्कृष्ट शिक्षिका के रूप में केंद्रीय विद्यालयों में उनकी यात्रा प्रेरणा स्रोत बन गई है। वे सोलापुर से होते हुए इंदौर तक पहुंची हैं जहां लगातार दस वर्षों से अपनी सेवाएं दे रही हैं। खांबेटे ने समग्र शिक्षण वातावरण को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। शिक्षा को समर्पित गैर सरकारी संगठन एकलव्य के साथ उनकी भागीदारी ने उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने में सक्षम बनाया है।

उन्होंने एचएसटीपी, सवालीराम, चकमक क्लब और विज्ञान प्रशिक्षण जैसी पहल माध्यम से लगातार पारंपरिक शिक्षण को आगे बढ़ाया है। एपीयू बेंगलूर द्वारा आयोजित आईआईएसईआर मोहाली में एक विज्ञान संगोष्ठी में एक शोध पत्र की प्रस्तुति से शिक्षा जगत के प्रति उनका समर्पण उजागर हुआ। उनके इसी समर्पण के कारण ही राष्ट्रीय बाल विज्ञान कांग्रेस में केंद्रीय विद्यालय के कई छात्रों का प्रतिष्ठित राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक कांग्रेस में शोध परियोजनाओं में चयन हुआ। उन्हें पुरस्कार में 50 हजार रुपए नकद, प्रशस्ति पत्र, शॉल, श्रीफल दिया गया।

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