पहली बार विजयवर्गीय के गढ़ में बगावत के सुर: इंदौर में 4 बार के पार्षद ललित पोरवाल छोड़ सकते हैं BJP।

 

इंदौर। BJP में शुरू बगावत थमने का नाम ही नहीं ले रही है। इंदौर में पहली बार कैलाश विजयवर्गीय के नए गढ़ इंदौर विधानसभा-3 में बीजेपी के वरिष्ठ नेता ने बगावत का बिगुल फूंक दिया है। 4 बार के एमआईसी सदस्य व पूर्व आईडीए उपाध्यक्ष ललित पोरवाल ने इंदौर के राजनीतिक गलियारों में यह कहते हुए हलचल तेज कर दी कि वह कांग्रेस का हाथ थामने वाले हैं। उन्होंने आगे कहा कि दीपक जोशी जब कहेंगे मैं तब कांग्रेस जॉइन कर लूंगा। वहीं विधानसभा – 3 से विधायक आकाश विजयर्गीय ने इस पूरे मामले को लेकर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया है।

 

4 बार के पार्षद, आईडीए के पूर्व उपाध्यक्ष और बीजेपी के नगर महामंत्री रह चुके ललित पोरवाल विधानसभा -3 से टिकट के लिए सालों से दावेदारी कर रहे हैं। लेकिन पार्टी हर बार क्षेत्र से बाहर के नेता को टिकट दे रही है। पोरवाल का कहना है कि चुनाव घोषित होते ही बीजेपी का पतन निश्चित है। पोरवाल का कहना है कि मुझे कैलाश विजयवर्गीय द्वारा अपने बेटे आकाश को तीन नंबर क्षेत्र से टिकट दिलवाने के लिए दबाया गया है। यदि मुझे टिकट नहीं मिलता और मैं कांग्रेस में चला जाता हूं तो भाजपा की इस क्षेत्र से हार निश्चित है, क्योंकि तीन नंबर विधानसभा क्षेत्र में मेरे समाज बंधु बड़ी संख्या में रहते हैं। वहीं पोरवाल ने सिंधिया और उनके समर्थकों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए कहा कि इस सरकार को अधिकारी चला रहे हैं, जमकर भ्रष्टाचार हो रहा है।

 

दीपक जोशी जब कहेंगे, मैं तब कांग्रेस जॉइन कर लूंगा

ललित पारेवाल ने कहा कि दीपक जोशी ने फोन पर ऑफर दिया था। वह कमलनाथ से मेरे लिए बात करे रहे हैं। मैं लंबे समय से विधानसभा 3 में टिकट का दावेदार हूं। लेकिन बीजेपी ने कभी तवज्जो नहीं दी। कांग्रेस टिकट देगी तभी आगे बात होगी। मैं आकाश विजयवर्गीय को हरा सकता हूं, क्षेत्र 3 से मैं 4 बार का पार्षद हूं, सभी से मेरा संपर्क है।

कैलाश विजयवर्गीय ने मेरा टिकट कटवाया

मैं कई सालों से टिकट के लिए दावेदारी कर रहा हूं। पिछले चुनाव में कैलाश विजयवर्गीय ने बेटे आकाश विजयवर्गीय को टिकट दिलाकर मेरा टिकट कटवा दिया। पुराने नेता पार्टी छोड़कर कांग्रेस में जा रहे हैं, इसका यही कारण है कि कार्यकर्ताओं की पार्टी में पूछपरख खत्म हो गई है। मोघे जी विधानसभा टिकट तय करते थे, ताई से पूछकर टिकट मिलते थे। लेकिन अब तो वह पार्षदों को भी टिकट नहीं दिला पा रहे हैं।

 

जिन पर पहले भ्रष्टाचार के आरोप लगते थे वह अब बीजेपी के नेता

पोरवाल ने आगे कहा कि पहले जिन कांग्रेस नेताओं पर भाजपा भ्रष्टाचार के आरोप लगाती थी वह अब बीजेपी में आए गए हैं। उन्होंने सरकार बनवाई जो उन्हें गले लगा लिया और अब वह जमकर भ्रष्टाचार कर रहे हैं। बीजेपी के मूल नेता जिन्होंने पार्टी के लिए सालों संघर्ष किया वह अब दरकिनार हो चुके हैं।

पोरवाल पर लग चुके हैं अपहरण के आरोप, पिछले चुनाव में भी भरा था निर्दलीय पर्चा

इंदौर में कैलाश विजयवर्गीय के सबसे अच्छे मित्र और दामाद ललित पोरवाल ने 2018 के चुनाव में भी यह बोलते हुए (रिश्तेदारी का अर्थ यह नहीं होता है कि किसी का गला काट दो) आकाश विजयवर्गीय के सामने निर्दलीय पर्चा भरा था। लेकिन बाद में मानने के बाद पर्चा वापस ले लिया था। ललित पोरवाल से कैलाश विजयवर्गीय की भतीजी सपना विजयवर्गीय की शादी हुई है। वहीं लगभग 9 साल पहले प्रॉपर्टी ब्रोकर राजेश अग्रवाल के बेटे ने ललित पोरवाल पर अपहरण का आरोप लगाते हुए संयोगितागंज थाने में शिकायत की थी। तब पोरवाल ने कहा था कि राजेंद्र मेरे साथ पढ़ा हुआ है। मैंने दोस्ती के कारण उसे प्लॉट खरीदने के लिए 6 लाख रुपए चेक से दिए थे। अब वह वापस नहीं कर रहा। मैंने उसे बात करने के लिए बुलाया था। मैं क्यों अपहरण करूंगा?

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