इंदौर की देपालपुर सीट पर बीजेपी प्रत्याशी मनोज पटेल का विरोध लगातार बढ़ता जा रहा है। स्थानीय की मांग कर रहे और देपालपुर से दावेदारी कर रहे जबरेश्वर सेना के संरक्षक राजेंद्र चौधरी ने बात करते हुए कहा कि देपालपुर की जनता बाहरी उम्मीदवार से त्रस्त हो चुकी है।
मनोज पटेल कहते हैं कि मेरे पीछे कांग्रेस है अगर वह ऐसा कह रहे हैं तो उनका अपना स्टैंड क्लीयर करना चाहिए की यह उनका कहना है या पार्टी का। वहीं अगर देपालपुर की जनता कहेगी को निर्दलीय चुनाव लड़ूंगा। चौधरी कहते हैं यह मुद्दा मेरा नहीं है, यह देपालपुर में निवास करने वाले प्रत्येक व्यक्ति का है। जनता जो चाहेगी, हम वह जरूर करेंगे।
बीजेपी कार्यालय पर आपके समर्थक प्रदर्शन करने क्यों गए थे?
हमारे समर्थक स्थानीयता के मुद्दे को लेकर बीजेपी कार्यालय पर पहुंचे थे। देपालपुर विधानसभा में 40-45 सालों से एक अघोषित नियम हो गया है कि जिसके नाम के पीछे पटेल होगा वहीं देपालपुर का उम्मीदवार होगा और वह भी एक विशेष घर-परिवार से होता है। इसलिए बीजेपी कार्यकर्ता और समर्थक इस स्थायी व्यवस्था में परिवर्तन चाहते हैं।
बीजेपी प्रत्याशी मनोज पटेल का कहना है कि उनके विरोध के पीछे कांग्रेस का हाथ है?
मैं मनोज पटेल को बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं और उनसे यह कहना चाहता हूं की वह यह साफ करें की ”मेरे पीछे कांग्रेस है” यह उनका स्टैंड है या पार्टी का स्टैंड है। वह यह आरोप उस व्यक्ति पर लगा रहे हैं जिसने कांग्रेस के कारण अपनी जवानी जेल में काटी।
कांग्रेस ने हिंदू आतंकवाद का प्रोपेगैंडा पूरे भारत में फैलाया था और उनके फर्जी आरोप हम लोगों पर लगाए थे। जिस कारण हम 8 से 10 साल जेल में काट कर आए। जिस व्यक्ति को कांग्रेस फर्जी हिंदू आतंकवाद का केस लगाकर जेल भेज सकती है, वह व्यक्ति क्या कांग्रेस की विचारधारा का जीवन में समर्थन कर सकता है।
बीजेपी ने देपालपुर से टिकट नहीं बदला या आपको नहीं दिया तो क्या आप निर्दलीय चुनाव लड़ेंगे?
हर बार देपालपुर में स्थानीय की मांग उठती है, कई सालों से उठ रही है। पार्टी के जिम्मेदार लोग इस बात को जानते भी हैं। लेकिन हर बार कुछ ना कुछ बोलकर जनता को शांत करा दिया जाता है। लेकिन अब यह मांग जन-भावना हो चुकी है। जनता चाहेगी तो चुनाव लड़ेंगे।
बीजेपी ने टिकट बदल दिया और किसी अन्य स्थानीय नेता को दे दिया तब आप उसका समर्थन करेंगे?
हम पहले पता करेंगे की वह स्थानीय नेता कौन है। मालूम पड़ रहा है कि पार्टी ने किसी ऐसे स्थानीय नेता को टिकट दे दिया जाे स्टाम्प हो। जैसे लालू प्रसाद यादव चारा घोटाला में जेल चले गए और पता चला पीछे से सीएम राबड़ी देवी को बना गए। हमें ऐसे वाया-वाया नहीं चलना है। जो स्थानीय नेता हो, वह लीडर होना चाहिए, ना की किसी का रबड़ स्टांप। अगर पार्टी हमारे सामने नाम लाएगी तो हम विचार करेंगे और स्थानीय को समर्थन देंगे।
बीजेपी कार्यालय में जब आपके समर्थक प्रदर्शन कर रहे थे, तब वहां एक कांग्रेस के नेता भी अपने साथियों के साथ आपके समर्थन में प्रदर्शन कर रहे थे?
वह कौन हैं उसको हम जानते नहीं है। वह कांग्रेस नेता शायद हमारी विधानसभा के थे भी नहीं। वह कहीं बाहर के थे। अब रोड पर चलते हुए कोई व्यक्ति हजार या 2 हजार लोगों में शामिल हो जाए और कुछ बोल कर चला जाए तो उसके लिए ना हम जिम्मेदार हैं और ना ही देपालपुर की जनता।