
55 जिले और हवा में तैरती आदर्श आचरण संहिता …
अब मध्यप्रदेश सहित पांच राज्यों में आदर्श आचरण संहिता हवा में तैर रही है, जो कभी भी धड़ाम से गिरकर जमीन पर गिर पड़ेगी। मध्यप्रदेश में 6 जून को जब निर्वाचन आयोग ने अफसरों की बैठक बुलाई थी, तब से यह चर्चा जारी है कि आदर्श आचरण संहिता आज लागू हो जाएगी। और चुनावी घोषणा की एक फेक पोस्ट भी वायरल हो गई कि मध्यप्रदेश में चुनाव एक चरण में 28 नवंबर को होंगे। हालांकि बाद में तस्वीर साफ हो गई। पर अब हर पल आदर्श आचरण संहिता के मध्यप्रदेश सहित अन्य चुनाव वाले राज्यों में जमीन पर उतरने की खबर कभी भी मिल सकती है। हो सकता है कि यह 9 अक्टूबर की तारीख ही हो या इसके एक दिन बाद ही सही।
खैर विधानसभा चुनाव 2018 से 2023 के बीच का एक महत्वपूर्ण सफर मध्यप्रदेश ने तय किया है। वह यह है कि 2018 विधानसभा चुनाव के समय मध्यप्रदेश में आदर्श आचरण संहिता 52 जिलों में लागू हुई थी और 2023 में आदर्श आचरण संहिता 55 जिलों में लागू होगी यानि कि तीन नए जिले अस्तित्व में आ गए। 53वां जिला रीवा से अलग होकर मऊगंज बन गया, 54वां जिला छिंदवाड़ा से अलग होकर पांढुर्ना और 55वां जिला सतना से अलग होकर मैहर बन गया है। तो आज इसी बहाने मध्यप्रदेश के जिलों पर नजर डालते हैं।
मध्यप्रदेश में अब कुल जिलों की संख्या 55 है। 5 अक्टूबर 2023 को मैहर और पांढुर्ना जिला अस्तित्व में आया।
1956 में गठन के समय मध्यप्रदेश में कुल जिले 43 थे।1972 में 2 जिले भोपाल और राजनांदगांव बनाए गए और जिलों की संख्या 45 हो गई। 1998 में बड़े जिलों से 16 नए जिले बनाए गए जिनसे मध्यप्रदेश में कुल जिलों की संख्या 61 हो गई। 16 जो नए जिले बनाए थे उनमें से 7 जिले वर्तमान में मध्यप्रदेश में है। 2000 में मध्यप्रदेश से छत्तीसगढ़ को अलग राज्य बनाया गया और 16 जिले इस राज्य में दिए गए इस प्रकार मध्यप्रदेश में जिलों कि संख्या पुनः 45 हो गई। 2003 में पुनः 3 नए जिले अनूपपुर, बुरहानपुर और अशोकनगर बनाए गए और जिलों की कुल संख्या 48 हो गई। 2008 में 2 नए जिले अलीराजपुर और सिंगरोली बनाए गए और जिलों की संख्या 50 हो गई। 16 अगस्त 2013 में एक नया जिला आगर मालवा बनाया गया। मध्यप्रदेश में जिलों की संख्या 51 हो गई। फिर 1 अक्टूबर 2018 में एक और नया जिला निवाड़ी बनाया गया। मध्यप्रदेश में जिलों की संख्या 52 हो गई थी। हालांकि 18 मार्च 2020 को 3 नए जिलों मैहर, नागदा और चाचौड़ा को प्रस्तावित किया गया था। पर नागदा और चाचौड़ा जिले अभी तक प्रस्तावित ही है। मैहर 55वें जिले के रूप में मध्यप्रदेश शासन की अधिसूचना क्रमांक 30 दिनांक 5.10.2023 से अस्तित्व में आ गया है। इससे पहले दिनांक 14 अगस्त 2023 को रीवा से अलग होकर 53वां जिला मऊगंज अस्तित्व में आया। इसके बाद दिनांक 5 अक्टूबर 2023 को छिंदवाड़ा से पांढुर्ना 54वां और सतना से मैहर 55वां जिला बना।
तो यह रहा मध्यप्रदेश में जिलों के बनने का लंबा सफर। 1956 में जब भाषाई आधार पर राज्यों के पुनर्गठन में मध्यप्रदेश अस्तित्व में आया, तब 43 जिले थे। और जब नए-नए जिले अस्तित्व में आते गए और जिलों की संख्या 61 पहुंच गई थी, तब 16 जिले लेकर अलग छत्तीसगढ़ राज्य बन गया। और इस तरह विभाजित मध्यप्रदेश में 1956 में गठित मध्यप्रदेश से केवल दो जिले ज्यादा थे। और इसके बाद तेईस साल के सफर में मध्यप्रदेश में दस नए जिले बनकर वर्तमान में कुल 55 जिले और 10 संभाग हैं। तो हवा में तैरती आदर्श आचरण संहिता का मध्यप्रदेश के 55 जिले बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह 9 अक्टूबर 2023 को लगे,10 अक्टूबर 2023 को लगे या फिर…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी
कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। दो पुस्तकों “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।
वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।