
देवी मां हाथी पर स्वार होकर आएंगी और सुख समृद्धि लाएंगीऔर प्रस्थान मुर्गे से करेंगी
इस शारदीय नवरात्रि माता दुर्गा सिंह पर नहीं बल्कि हाथी पर सवार होकर आ रही है,,,, मान्यता है कि माता दुर्गा का हाथी पर सवार होकर आना बहुत शुभ संदेश होता है,,,.
मान्यताओं के अनुसार अगर नवरात्रि का समापन रविवार या सोमवार को होता है तो माता भैंसे पर सवार होकर प्रस्थान करती हैं, जिसे शुभ नहीं माना जाता है. अगर नवरात्रि का समापन मंगलवार और शनिवार को होता है तो मां मुर्गे पर सवार होकर प्रस्थान करती हैं.,,, यह वाहन कष्ट का संकेत है, बुधवार और शुक्रवार को नवरात्रि का समापन होने पर माता हाथी पर सवार होकर प्रस्थान करती हैं यह अधिक वर्षा का संकेत देता है.,,, गुरुवार के दिन नवरात्रि का समापन होने पर माता मनुष्य पर सवार होकर प्रस्थान करती हैं जो कि सुख और समृद्धि का संकेत होता है,,,.
इस वर्ष मां हाथी पर सवार होकर आ रही हैं ऐसे में इस बात के प्रबल शुभ संकेत मिल रहे हैं कि इससे सर्वत्र सुख – सम्पदा और संपन्नता बढ़ेगी.,,, साथ ही देश भर में शांति के लिए किए जा रहे प्रयासों में सफलता भी मिलेगी.,,, कुल मिलाकर पूरे देश के लिए यह नवरात्रि शुभ साबित होने वाली है.,,,
खेती के लिए यह भी समय बेहद फलदायी साबित होगा,,,
लेकिन दुर्गा माता इस बार मुर्गा पर सवार होकर प्रस्थान करेंगी,,,, मान्यताओं के अनुसार यदि देवी दुर्गा का वाहन मुर्गा होता है तो यह बड़े आपदाओं और घटनाओं का संकेत है,, प्राकृतिक आपदाएं जैसे भूकंप , आसमानी आफत, हवाई और आगजनी की बड़ी घटनाएं भी व्यापक स्तर पर होंगी,,, धार्मिक स्थल पर हमले, सरहद पर तनाव के भी योग बन रहे है,,, छद्म और स्तरहीन राजनीति होगी, चूंकि एक दिन पहले ही सूर्यग्रहण और फिर चंद्र ग्रहण होने से भी इसका व्यापक अशुभ प्रभाव होगा,,, ये वाहन और ये ग्रहण भविष्य में आने वाले बड़े राजतंत्र के संकट की तरफ इशारा करता है,,, मां का प्रस्थान मुर्गा वाहन, फिर सूर्य ग्रहण और चंद्र ग्रहण ये योग बेहद अशुभ है,,, बड़े – बड़े दिग्गज सियासत के क्षेत्र में बेनकाब होंगे, यश अपयश में परिवर्तित होगा, ३०अक्टूबर के बाद राजनीति में भूचाल आएगा,,, सत्तादल से लोगों का मन भंग होगा और राजा मतलब शीर्ष नेताओं वो चाहे देश- विदेश के हों, प्रदेश के हो सत्ता परिवर्तन के संकेत दिख रहे है, आनेवाले विधानसभा और लोकसभा के चुनावी परिणाम बेहद चौंकाने वाले होंगे, कल्पना से परे और अविश्वसनीय होगें,,, बड़े – बड़े नाम धूल चाटेंगे और उनके राजनीति करियर में विराम लग जाएगा,,, इसमें तनिक मात्र भी संदेह नही है,,,,।।

✍️ राजेश उषा शर्मा, इंदौर।
लेखक पत्रकार, व्यंग्यकार, विश्लेषक तथा अंतराष्ट्रीय ज्योतिष, औरा विशेषज्ञ, लाइफ कोच, वास्तुविद ,मोटिवेशन, मैनेजमेंट, हैप्पीनेस तथा फैमिली गुरु भी है।