
अमिताभ बच्चन की शहंशाह फिल्म से प्रेरित बुजुर्ग ने स्कीम नंबर 78 में स्थित एक कैफे में आग लगा दी। तड़के वे मुंह पर नकाब डाल कुप्पी लेकर पहुंचे और आग लगाकर साइकिल से भाग गए। कैफे संचालक और बीट वालों ने कैमरे खंगाले तो वे आग लगाते दिखे। पकड़ाने पर बोले, यहां लड़कियां सिगरेट पीकर बिगड़ रही थीं, इसलिए ऐसा किया है।
लसूड़िया टीआई तारेश सोनी के अनुसार स्कीम नंबर 78 में स्काई कॉर्पोरेट के पास स्थित द स्ट्रेट कैफे में आग लगाने वाले 70 वर्षीय विजय पिता देवीलाल माथे निवासी स्कीम नंबर 78 पुरानी सड़क को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ कैफे संचालक शुभम चौधरी ने शिकायत दर्ज करवाई थी।
पूरी दुकान हो गई खाक।
कैफे के पास में है पब
शुभम ने बताया कि मैंने एक साल पहले ही कैफे डाला है। पास में पब है। वहां की भीड़ मेरे यहां सिगरेट पीने आती है। मंगलवार तड़के 5.30 बजे मुझे कॉल आया कि कैफे जल गया है।
उन्हें देख खून खौलता था
टीआई ने पूछताछ की तो बुजुर्ग बोले, लड़कियों को कैफे पर सिगरेट पीता देख मेरा खून खौलता था। मैं शहंशाह मूवी की तरह समाज में सुधार करना चाहता हूं। शुरुआत यहीं से की। उनके मुताबिक पुलिस पैसों से बिकती है। िशकायत करता तो यह पैसे देकर छूट जाता। यही कारण है कि दुकान ही जला दी।
गिरफ्त में आते ही बोले- समाज को सुधारना चाहता हूं, शुरुआत यहीं से