
इंदौर के गांधी नगर इलाके में छात्रा तिलक लगाकर स्कूल पहुंची तो टीचर ने उसे घर भेज दिया। छात्रा से कहा कि तिलक लगाकर स्कूल आने की जरूरत नहीं है। दो दिन बाद इस बात की जानकारी बजरंग दल को मिली तो उन्होंने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया।
छात्रा के परिजनों के मुताबिक पहली बार घटना शनिवार को हुई। छात्रा बिंदी – तिलक लगाकर स्कूल पहुंची तो वहां की टीचर जैनब खान ने उसे स्कूल के बाहर ही रोक दिया। और घर जाने के लिए कहा। डरी सहमी छात्रा शनिवार को घर पहुंची। और सोमवार-मंगलवार को स्कूल नहीं गई। बुधवार को फिर स्कूल पहुंची तो टीचर जैनब खान ने फिर स्कूल आने से रोक दिया।
घर पहुंचकर छात्रा ने पूरा घटनाक्रम अपने परिजनों को बताया। परिजनों के साथ पड़ोसी और बजरंग दल के कार्यकर्ता बुधवार दोपहर स्कूल पहुंचे। बजरंग दल के प्रांत संयोजक तन्नू शर्मा और इनके साथ कई कार्यकर्ता ब्लॉसम एकेडमी पहुंचे। यहां जमकर नारेबाजी की।
बजरंगदल के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि स्कूल की टीचर जैनब खान ने एक छात्रा को चंदन और कुमकुम का तिलक लगाकर नहीं आने के लिए कहा है। इस कारण छात्रा कई दिनों से स्कूल नहीं जा रही। जनकारी लगते ही स्कूल पहुंचे और प्राचार्य से बातचीत की तो स्कूल प्रबंधन ने टीचर को स्कूल में नहीं रखने का आश्वासन दिया है। इसके बाद बजरंग दल कार्यकर्ता शांत हुए और वहां से चले गए।
प्रिंसिपल बोली मैं तो खुद तिलक लगाने का कहती हूं
प्रिंसिपल ने बजरंग दल के नेताओं से कहा कि मैं तो खुद ‘बच्चियों को टीका लगाकर आने का कहता हूं। वहां मौजूद एक पैरेंट ने कहा कि मेरी बेटी भी कई बार कह चुकी है कि हमें स्कूल में टीका या बिंदी लगाकर आने से मना किया जाता है।
हंगामा बढ़ने की आशंका के चलते टीचर जैनब ने बुधवार को स्कूल से छुट्टी मना ली। प्रिंसिपल ने जब पूछा कि किसकी अनुमति से छुट्टी मनाई तो जैनब कुछ बोल नहीं सकी। छात्रा के पैरेंट ने जैनब से पूछा कि किसके कहने पर टीका लगाने से मना किया तो भी वह किसी टीचर का नाम नहीं बता सकी।