कोरोना का असर:जुलाई में औद्योगिक उत्पादन 10.4 फीसदी घटा, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में भी गिरावट

मैन्युफैक्चरिंग, खनन और बिजली क्षेत्र के खराब प्रदर्शन की वजह से जुलाई महीने में औद्योगिक उत्पादन (IIP) में 10.4 फीसदी की गिरावट आई है. शुक्रवार को जारी सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई है. आंकड़ों के मुताबिक, जुलाई में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के उत्पादन में 11.1 फीसदी की गिरावट रही. इसी तरह खनन क्षेत्र का उत्पादन 13 फीसदी और बिजली क्षेत्र का उत्पादन 2.5 फीसदी गिरा है.

लॉकडाउन के चलते कारोबार प्रभावित:-

स्टेटिस्टिक्स एंड प्रोग्राम इंप्लीमेंटेशन मंत्रालय के मुताबिक, कोविड-19 महामारी और देशव्यापी लॉकडाउन के चलते इंडस्ट्री के तमाम सेक्टर्स को मार्च के अंतिम सप्ताह से कार्य बंद रखने का आदेश दिया गया था। ऐसे में संचालन पूरी तरह ठप रहने के कारण कारण इंडस्ट्री बुरी तरह से प्रभावित हुई है। हालांकि, लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद आर्थिक गतिविधियां फिर से शुरू हो गई है। हालांकि, लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद आर्थिक गतिविधियां फिर से शुरू हुई है। गौरतलब है कि जुलाई 2020 में इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन इंडेक्स (आईआईपी) 118.1 अंक रहा। जबकि इससे पहले अप्रैल, मई और जून 2020 में यह क्रमश: 54, 89.5 और 108.9 अंक रहा था।

क्या कहते हैं इंडस्ट्री के जानकार :-नाइट फ्रैंक इंडिया के निदेशक और अर्थशास्त्री, रजनी सिन्हा ने कहा कि औद्योगिक उत्पादन के आंकड़ों में धीरे-धीरे सुधार हो रहा ​​​​​। अर्थव्यवस्था में मांग में तेजी देखी जा रही है। हम फार्मा सेगमेंट समेत कंज्यूमर नॉन-ड्यूरेबल्स जैसे सेगमेंट में सुधार की उम्मीद कर रहे हैं। हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि अगले कुछ माह में हम कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने में कितना सफल होते हैं। इसके साथ ही यह सरकार द्वारा पर्याप्त प्रोत्साहन पैकेज पर भी निर्भर है।

वहीं, इंवेस्टमेंट कंसल्टेंट फर्म, मिलवुड केन इंटरनेशनल के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नीश भट्ट ने बताया कि जुलाई में आईआईपी डेटा उम्मीदों से बेहतर है। इंडस्ट्री रिकवरी की ओर है। इंडस्ट्री माह दर माह सुधार की ओर है। लॉकडाउन के हटने से और अच्छे मानसून के चलते आगे स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद है।

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