
इंदौर में रिटायर्ड बैंक अफसर पिता और बड़ी बहन की हत्या करने वाले आरोपी को गोवा पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गोवा पुलिस ने शनिवार रात आरोपी की कस्टडी इंदौर पुलिस को सौंपी। रविवार देर रात उसे इंदौर लाया गया। आरोपी 46 साल की उम्र में भी शादी नहीं होने और पिता के बात-बात पर टोकने से नाराज था। उसका मानना था कि बहन ही उसके पिता को भड़काती थी, इसलिए उसे भी मार दिया।
मामला संयोगितागंज थाना क्षेत्र में 8 नवंबर का है। नवलखा इलाके के वसुधैव कुटुम्बकम अपार्टमेंट में रहने वाले पुलिन धामन्दे उर्फ पुल्कित ने 76 वर्षीय पिता किशोर धामन्दे और 53 साल की बहन रमा अरोरा की हत्या कर दी थी। कई घंटों तक वह लाशों के पास ही बैठा रहा। इसके बाद गोवा भाग गया था। पुलिस को बैंक ट्रांजेक्शन से उसकी बदलती हुई लोकेशन मिलती रही। जैसे ही वह होटल बदलने के लिए बुकिंग साइट पर गया तो पुलिस को जानकारी लग गई। इसके आधार पर पुलिस ने उसे धर दबोचा।

पुलकित को गोवा पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर गिरफ्तार कर लिया।
पिता का एटीएम कार्ड ले गया था आरोपी
इंदौर पुलिस को आरोपी की लोकेशन पहले गुजरात फिर गोवा में मिली। वह लगातार अपने पिता का एटीएम कार्ड इस्तेमाल कर रहा था। गोवा में जिस ATM से उसने रुपए निकाले, उसके सामने ही एक होटल में वह 10 नवंबर से लेकर 15 नवंबर तक रुका था। इंदौर पुलिस चुनावी ड्यूटी के साथ वीआईपी मूवमेंट में व्यस्त थी। इसके चलते गोवा पुलिस से जानकारी शेयर कर मदद मांगी गई।

पैसे खत्म हुए तो दोनों एटीएम कार्ड फेंके
आरोपी एक शहर से दूसरे शहर घूम रहा था। अपने बैंक खातों से सारे रुपए निकालकर उसने दोनों ATM फेंक दिए थे। बैंक एटीएम ट्रांजेक्शन के आधार पर लोकेशन निकालकर उसे पकड़ने पहुंची संयोगितागंज पुलिस ने होटल बुक कराने वाले ब्रोकर से बात की। जिस कॉटेज में वह ठहरा था, उसका पता चल गया। यहां पहुंचने पर आरोपी नहीं मिला। मालूम हुआ कि उसकी हरकतों के चलते होटल मालिक ने पांच दिन में ही कमरा खाली करने को कहा है।
इंदौर पुलिस ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसका फोटो लेकर तलाश जारी रखी। इसी बीच गोवा के मुखबिरों ने पुलिस को बस स्टैंड के पास उसकी लोकेशन बताई। जिसके आधार पर शनिवार को पुलिन को हिरासत में ले लिया गया।
बोला- बात-बात पर टोकते थे पिता
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसकी बहन पिता को उसके खिलाफ भड़काती रहती थी। वे बात-बात पर रोक-टोक करते थे। पिता ने उसकी कार भी ले ली थी। नौकरी करने के दौरान उसके सारे रुपए भी पिता रख लेते थे। यह बात उसे अच्छी नहीं लगती।
पुलिस कस्टडी के दौरान भी उसके चेहरे पर दोहरी हत्या को लेकर कोई अफसोस नहीं दिखा। वह सोमवार दोपहर भी लॉकअप में आराम से बैठा था। सुबह उठकर यहां उसने पुलिसकर्मियों से चाय भी मांगी।

इसी फ्लैट में किशोर धामन्दे और रमा अरोरा के शव मिले थे।
1992 में माता-पिता के साथ गोवा गया था
आरोपी पुलिन धामन्दे 1992 में अपने माता-पिता के साथ गोवा घूमने गया था। हत्या के बाद उसने सोचा कि वहीं जाकर सेटल हो जाएगा। आरोपी ने यहां पिता के अकाउंट से रुपए निकालकर कई दिन तक ऐश की। वो यहां काम की तलाश भी कर रहा था।