
इंदौर। निजी कंपनी के सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अज्ञात कारणों से 15 दिन पहले फांसी लगा ली थी। बुधवार को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। 6 महीने पहले ही उनकी ग्वालियर के परिवार में शादी हुई थी। थाना प्रभारी पीएल शर्मा के मुताबिक प्राइम सिटी निवासी पुष्पेंद्र (30) पिता लक्ष्मी नारायण ने 15 नवंबर 2023 की रात अज्ञात कारणों से फंदा लगा लिया था। घटना के कुछ देर बाद ही परिवार ने देख लिया। युवक को तत्काल फंदे से उतार कर अस्पताल ले गए, जहां बुधवार को मौत हो गई।
पुष्पेंद्र निजी कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के पद पर थे। उनकी पत्नी ग्वालियर एमपीईबी में इंजीनियर हैं। फंदा लगाने के कारण बोलने में समस्या थी, जिसके कारण बयान नहीं हो सके। मर्ग कायम कर लिया है।
खाना ज्यादा हो गया, टहलकर आता हूं
पिता लक्ष्मी नारायण ने बताया कि घटना वाले दिन पुष्पेंद्र अपनी पत्नी और बहन के साथ होटल गए थे। वापस आकर कहने लगा कि खाना ज्यादा हो गया है, टहल कर आता हूं और कमरे में जाकर फंदा लगा लिया। दरवाजे की तेज आवाज सुनते ही परिवार ने जाकर देखा तो तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे।
फिलहाल मौके से किसी प्रकार का सुसाइड नोट नहीं मिला है। न ही मोबाइल में ऐसा कोई सबूत मिला, जिसके चलते आत्महत्या के कारण का पता चल सके। पुष्पेंद्र अल्टीमेट्रिक कंपनी में साफ्टवेयर डेवलपर था। उसकी मौत की खबर जैसे ही कंपनी वालों को लगी तो वे भी समझ नहीं पाए कि आखिर उसने यह कदम क्यों उठाया, क्योंकि वह कंपनी का समझदार और काम करने में अग्रणी कर्मचारी था। परिवार के बयान व तकनीकी पहलु पर जांच की जा रही है। खुदकुशी की वजह सामने नहीं आई है।