संसद के मानसून सत्र पर छाया कोरोना का ख़तरा

कोरोना काल में आखिर संसद चलने का समय आ गया है. कई विपक्षी सांसदों के विरोध के बाद अब सत्र की शुरुआत होगी. बता दें कि इससे पहले कोरोना की जांच में लोकसभा के पांच सदस्य कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. अभी और सांसदों का कोरोना टेस्ट चल रहा है.

संसद में 40 जगह टचलेस सैनिटाइजर
कोविड-19 महामारी के मद्देनजर कागज का कम से कम उपयोग करने का प्रयास किया जा रहा है। सांसद अपनी उपस्थिति डिजिटल माध्यम से दर्ज कराएंगे। सदन में प्रवेश करने वाले सभी लोगों के शरीर के तापमान को जांचने के लिए थर्मल गन और थर्मल स्कैनर का उपयोग किया जाएगा। सदन के भीतर 40 स्थानों पर टचलेस सैनिटाइटर लगाए जाएंगे और आपातकालीन मेडिकल टीम और स्टैंडबाय पर एम्बुलेंस की सुविधा भी होगी। कोविड-19 रोकथाम से संबंधित सभी दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाएगा।

एलईडी स्‍क्रीन लगाकर होगी कार्यवाही
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला ने कहा कि 257 सांसदों को सदन के मुख्य कक्ष में और 172 सांसदों को आगंतुकों की गैलरी में बैठाया जाएगा। इसके अलावा लोकसभा के 60 सदस्य राज्यसभा के मुख्य कक्ष में बैठेंगे। इसके अलावा 51 सदस्य उच्च सदन (राज्यसभा) की गैलरी में बैठेंगे। बिड़ला ने कहा कि राज्यसभा कक्ष में बैठने वाले सदस्य लोकसभा की कार्यवाही में भाग लेंगे। कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने के लिए एलईडी स्क्रीन लगाई जाएगी। उन्होंने बताया कि कार्यवाही में भाग लेने वाले सदस्यों की उपस्थिति मोबाइल के माध्यम से की जाएगी।

 

शून्‍यकाल का समय घटाया गया
बिड़ला ने कहा कि शून्यकाल आधे घंटे का होगा और कोई प्रश्नकाल नहीं होगा, हालांकि लिखित प्रश्न पूछे जा सकते हैं और उनका उत्तर मिलेगा। बिड़ला ने कहा कि पहले दिन 14 सितंबर को कार्यवाही सुबह नौ बजे से दोपहर एक बजे तक चलेगी। जबकि 15 सितंबर से अक्टूबर तक सदन की अन्य कार्यवाही एक बजे से शाम सात बजे तक आयोजित की जाएगी। शनिवार और रविवार को कोई छुट्टी नहीं होगी।

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