
कोरोना काल में बैंक फ्रॉड के मामले तेजी से बढ़े हैं। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के कड़े नियमों के बावजूद बैंकों में धोखाधड़ी हो ही जाती है। जालसाज आम लोगों को लूटने का कोई न कोई तरीका ढूंढ लेते हैं। बढ़ते फ्रॉड को ध्यान में रखते हुए देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ग्राहकों को राहत दी है। एसबीआई ने सुरक्षित बैंकिंग उपलब्ध कराने के लिए नई एटीएम सर्विस शुरू की है।
एसबीआई ने वन टाइम पासवर्ड (OTP) आधारित एटीएम कैश विड्रॉल सुविधा को 24 घंटे लागू करने का फैसला किया है। 18 सितंबर यानी आज से यह नियम देशभर में लागू हो रहा है। मौजूदा समय में यह सुविधा रात में आठ बजे से सुबह आठ बजे तक उपलब्ध है। बैंक में ग्राहक की ओर से दिए गए रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा जाएगा, जिसके जरिए पैसों की निकासी होगी।
यानी 18 सितंबर से एसबीआई के एटीएम से 10,000 रुपये या इससे ज्यादा राशि निकालने पर दिन में भी ओटीपी की जरूरत होगी। एक जनवरी 2020 से एसबीआई ने एटीएम से निकासी के लिए ओटीपी जरूरी किया था। एसबीआई ने कहा है कि ग्राहक बैंक में अपना मोबाइल नंबर अपडेट करा लें।
भारतीय स्टेट बैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि किसी भी वक्त पैसे निकालने के लिए ओटीपी आधारित इस सुविधा को लागू करके बैंक ने एटीएम से नकदी निकासी की सुरक्षा को और मजबूती दी है। रात के साथ-साथ अब दिन में भी लेनदेन के लिए ओटीपी को अनिवार्य बनाए जाने से एसबीआइ के डेबिट कार्डधारकों के धोखाधड़ी के शिकार होने की आशंका कम हो गई है। साथ ही इससे अनधिकृत निकासी और कार्ड क्लोनिंग को भी रोकने में मदद मिलेगी।
जानिए कैसे काम करेगा ओटीपी आधारित यह सिस्टम:-ओटीपी सिस्टम द्वारा जेनरेट किया गया कोड होता होता है। इसका इस्तेमाल एक बार के ट्रांजैक्शन के लिए किया जाता है। बैंक की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि ग्राहक जब एसबीआइ के एटीएम से 10,000 रुपये से अधिक राशि की निवासी करेगा तो उसे अपने पंजीकृत नंबर पर प्राप्त ओटीपी को एटीएम मशीन में दर्ज करना होगा। यह सुविधा केवल एसबीआइ एटीएम में ही उपलब्ध है।
एसबीआइ के प्रबंध निदेशक (रिटेल व डिजिटल बैंकिंग) सी एस शेट्टी ने कहा, ”एसबीआइ तकनीकी सुधार और सुरक्षा स्तर को और मजबूती देकर ग्राहकों को अधिक सहूलियत एवं सुरक्षा प्रदान करने में हमेशा आगे रहा है। हमारा मानना है कि एटीएम से निकासी के लिए 24×7 ओटीपी आधारित व्यवस्था को लागू किए जाने से एसबीआइ के ग्राहकों का पैसे की निकासी से जुड़ा अनुभव काफी सुरक्षित और जोखिम मुक्त होगा।”
तकनीकी विशेषज्ञ बालेंदु शर्मा दाधीच ने कहा कि एसबीआइ का यह कदम सुरक्षा की दृष्टि से बहुत जरूरी थी। दो स्तरीय सुरक्षा से धोखाधड़ी का खतरा कम हो जाएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस सिस्टम को सभी बैंकों को लागू करना चाहिए। दाधीच ने कहा कि छोटी-सी-छोटी लेनदेन के लिए भी इसे लागू किए जाने की आवश्यकता है क्योंकि आज हर व्यक्ति के पास मोबाइल फोन होता ही है।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में बैंकों को और इनोवेटिव रुख अपनाने की जरूरत होगी। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में ट्रांजैक्शन को और सुरक्षित बनाने के लिए बॉयोमैट्रिक और फेस रिकग्निशन तकनीक को लागू किया जा सकता है।