
अमेरिका के न्यूयॉर्क की रॉजेन लॉ फर्म (Rosen Law Firm) ने HDFC बैंक के खिलाफ मुकदमा दायर किया है। लॉ फर्म बैंक से कुछ निवेशकों के नुकसान की भरपाई करने को कह रही है। कंपनी का कहना है कि HDFC बैंक के गलत गुमराह करने वाले स्टेटमेंट के कारण निवेशकों को नुकसान हुआ है।
तीन अधिकारियों का भी मुकदमे में नाम:-लॉ फर्म ने एचडीएफसी बैंक, वर्तमान एमडी आदित्य पुरी और आनेवाले नए एमडी शशिधर जगदीशन और कंपनी सचिव संतोष हलदनकर के खिलाफ भी मामला दर्ज कराया है। रोजेन का कहना है कि एचडीएफसी बैंक ने गलत स्टेटमेंट दिया था, जिसकी वजह से निवेशकों को नुकसान हुआ है। इसलिए बैंक को निवेशकों के नुकसान की भरपाई करनी चाहिए।
डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर किया है मुकदमा:-रोजेन लॉ फर्म ने यह केस अमेरिका के डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में दायर किया है। बैंक पर आरोप लगाया है कि वह एक ऐसी योजना की साजिश में जानबूझकर या लापरवाही से शामिल हैं जो निवेशकों के साथ धोखाधड़ी है। बैंक के खिलाफ यह शिकायत 31 जुलाई 2019 से लेकर 10 अगस्त 2020 तक बैंक के सिक्योरिटीज खरीदने वाले निवेशकों ने किया है।
13 जुलाई को व्हीकल बिजनेस में गड़बड़ी:-इससे पहले 13 जुलाई को एचडीएफसी बैंक ने कहा था कि व्हीकल फाइनेंसिंग विभाग के तब के बिजनेस हेड अशोक खन्ना की गड़बड़ियों के खिलाफ वह कार्रवाई करने वाला है। बैंक पर आरोप है कि ऑटो लोन लेने वाले ग्राहकों पर बैंक ने व्हीकल ट्रैकिंग डिवाइस खरीदने का दबाव बनाया था। इस खबर से 13 जुलाई को बैंक के अमेरिकी डिपॉजिटरी शेयर (एडीआर) की कीमत 2.83 फीसदी गिरकर 47.03 डॉलर प्रति शेयर पर आ गई थी।
लॉ फर्म ने बैंक पर लगाया आरोप:-लॉ फर्म ने बैंक पर आरोप लगाया है कि उसके पास पर्याप्त डिसक्लोजर कंट्रोल नहीं है जिसकी वजह से व्हीकल फाइनेंस कंपनी के कामकाज में गड़बड़ियां हुई हैं। रोजेन ने यह भी कहा कि इन मामलों के उजागर होने के बाद इसका असर व्हीकल फाइनेंसिंग कामकाज से होने वाली कमाई पर पड़ी। इसका नेगेटिव असर बैंक के फाइनेंशियल और रेपुटेशन पर पड़ा है।
बैंक ने गलत तरीके से कारोबार किया:-कुछ मीडिया खबरों में कहा गया है कि बैंक ने कथित रूप से अनुचित व्यापार व्यवहार का सहारा लिया। इसके लिए बैंक जून में समाप्त पहली तिमाही में विश्लेषकों के मुनाफे के अनुमान से भी चूक गया। हालांकि शिकायत में यह नहीं बताया गया है कि क्षतिपूर्ति की कितनी राशि की मांग की गयी है। उसमें कहा गया है कि एचडीएफसी बैंक के भ्रामक दावे के कारण हजारों निवेशकों को चूना लगा है।