मप्र के वरिष्ठ आईएएस अफसर पी. नरहरि की फर्जी अश्लील चैट वायरल करने वाला गिरफ्तार

BHOPAL. मध्यप्रदेश के वरिष्ठ आईएएस अफसर पी. नरहरि (ias p narhari) के लिए अच्छी खबर आई है। उनको बदनाम करने की साजिश नाकाम हो गई है। पी. नरहरि हर प्रकार से पाक साफ साबित हुए हैं और उन्हें बदनाम करने की साजिश रचने वाला आरोपी गिरफ्तार हो गया है। पी. नरहरि की जीत उन ईमानदार IAS-IPS अफसरों की जीत है, जिन्हें इस प्रकार की साजिशों में फंसाया जाता है।

पी. नरहरि का फर्जी चैट स्क्रीनशॉट वायरल

सेडमैप की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर महिला अधिकारी अनुराधा सिंघई ने क्राइम ब्रांच में शिकायत की कि उनके और उनके वरिष्ठ IAS अधिकारी पी. नरहरि के मनगढ़ंत और काल्पनिक आपत्तिजनक चैट का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। अज्ञात व्यक्ति दुर्भावना और रंजिश की वजह से सोशल मीडिया पर इसे वायरल कर रहे हैं, जिससे मानहानि और मानसिक वेदना हो रही है। फर्जी स्क्रीनशॉट से उनका और उनके वरिष्ठ IAS अधिकारी का कोई लेना-देना नहीं है। ऐसे असामाजिक तत्वों का पता लगाकर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।

इंदौर से गिरफ्तार हुआ आरोपी

क्राइम ब्रांच ने फौरन टीम बनाकर इंदौर के रहने वाले आरोपी जावेद मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया। उसने अपने सेठ रमनवीर सिंह अरोरा के कहने पर एप के जरिए फर्जी स्क्रीनशॉट बनाकर वायरल किया था। जावेद मोहम्मद गरीब और अनपढ़ महिलाओं को पैसों का लालच देकर फर्जी सिम ले लेता था। वहीं क्राइम ब्रांच मुख्य आरोपी रमनवीर सिंह अरोरा की तलाश कर रही है। बता दें, रमनवीर सिंह अरोरा सेडमैप कंपनी में आउटसोर्सिंग का काम करते थे। वहां कई फर्जीवाड़े सामने आने के बाद आईएएस अफसर पी. नरहरि ने कार्रवाई की थी। इसका बदला लेने के लिए रमनवीर ने फर्जी व्हाट्सएप चैट वायरल की थी।

फर्जी एवं कूटरचित आपत्तिजनक चैट की स्क्रीन शॉट बनाकर वायरल करने वाला आरोपी गिरफ्तार

अफसरों को निशाना बनाकर सरकार की छबि खराब करने वाले पकड़ाए

मुख्यमंत्री की नजरो मे कर्मठ अफसरों बदनाम करने की थी कोशिश

गरीब/अनपढ महिला से पैसे का लालच देकर लेता था फर्जी सिमें।

मामले का मुख्य अभियुक्त रमनवीर अरोरा फरार

भोपाल। सेडमेप भोपाल की एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर महिला अधिकारी द्वारा थाना क्राइम ब्रांच में शिकायत की कि स्यवं के एवं उनके एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सेक्रेटरी एवं कमिश्नर, एमएसएमआई, सेक्रेटरी स्पोर्टस म.प्र शासन के मध्य असत्य, मनघढंत एवं काल्पनिक आपत्तिजनक चैट का स्क्रीन शॉट उन्हें बदनाम करने एवं ख्याति को धूमिल करने की दृष्टी से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा दुर्भावना एवं रंजिशवश सोशल मीडिया पर वायरल कर प्रसारित किया जा रहा है।

उक्त फर्जी एवं मनघढंत स्क्रीन शॉट से शिकायतकर्ता तथा उनके अधिकारीगण का कोई लेनादेना नहीं है ऐसे असामाजित तत्वों का पता लगाया जाकर उनके विरूध्द कठोर वैधानिक कार्यवाही की जाये ।

मामले को गम्भीरता से लेते हुये पुलिस आयुक्त नगरीय पुलिस भोपाल द्वारा अतिरिक्त पुलिस आयुक्त अपराध/मुख्यालय एवं पुलिस उपायुक्त अपराध को अविलंब अज्ञात आरोपी का पता लगाकर कही से भी खोजकर गिरफ्तार कर कडी वैधानिक कार्यवाही करने के निर्देश दिये गये ।

निर्देश प्राप्त होने पर पुलिस उपायुक्त अपराध द्वारा अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त अपराध के नेतृत्व एवं सहायक पुलिस आयुक्त अपराध के मार्ग दर्शन में थाना क्राइम ब्रांच की टीम गठित कर तत्काल सक्रिय किया गया जिनके द्वारा आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकि साधनो/संसाधनों के आधार पर पता लगाया कि इंदौर के रहने वाले जावेद मोहम्मद पिता शफी मोहम्मद खान ने अपने सेठ रमनवीर सिंह अरोरा के कहने पर उक्त फर्जी कूटरचित स्क्रीन शॉट, एप के माध्यम से बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था जिसे क्राइम ब्रांच भोपाल की टीम द्वारा कडी मशक्कत के बाद गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है,मामले में अनुसंधान एवं फरार मुख्य आरोपी रमनवीर सिंह अरोरा की सरगर्मी से तलाश की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी की जानकारी:-

क्र नाम पता आरोपी शैक्षणिक योग्यता आपराधिक रिकार्ड-

01 जावेद मोहम्मद पिता सफी मोहम्मद खान उम्र 35 साल निवासी म.न 17 राजा मार्ग,धार हाल पता, म.न 249 सिल्वर नगर,मोहम्मद इसरार का मकान, गली नं 2 थाना खजराना इंदौर कक्षा -5 वीं अप.क्र.28/24 धारा 469,500 भादवि इजाफा धारा 201,204,471,120 बी भादवि

 

 

 

 

 

 

 

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