इंदौर में बहुत बड़ी डकैती …इंडियन ऑयल डिपो मैनेजर के घर लूट, परिवार को बंधक बनाकर जेवर-कैश लूटे; कार भी ले भागे – देखें VIDEO

इंदौर में शुक्रवार तड़के दूसरी बड़ी लूट हो गई। 12 दिन में यह दूसरी वारदात है। MR-10 के पास कालिंदी गोल्ड कॉलोनी में इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के डिपो मैनेजर के घर में 4 लुटेरे घुसे। मारपीट कर परिवार को बंधक बनाया। चाकू की नोंक पर जेवर, महंगा कैमरा और नगदी लूटा। भागते समय परिवार को एक कमरे में बंद कर दिया और होंडा सिटी कार लेकर फरार हो गए। इंदौर क्राइम ब्रांच की तीन, बाणगंगा थाने की दो टीमें और धार जिले की एक टीम इनकी सर्चिंग कर रही है। लोकेशन के आधार पर पीछा किया जा रहा है।

बाणगंगा पुलिस के मुताबिक कालिंदी गोल्ड में रहने वाले IOC के 32 वर्षीय मैनेजर पुष्पेन्द्र मित्तल (अग्रवाल) के घर को लुटेरों ने निशाना बनाया। तड़के 4.30 बजे वे दरवाजा तोड़कर घुसे और सीधे पुष्पेंद्र के बैड रूम जा पहुंचे। यहां डंडा-हथियार से टोककर पुष्पेंद्र को जगाया और जेवर, कैश मांगा। पत्नी आकांक्षा और दोनों बच्चे भी वहीं मौजूद थे।

माना जा रहा है कि बदमाशों ने रैकी करने के बाद ही लूट को अंजाम दिया है। टीआई नीरज बिरथरे ने बताया कि परिवार करीब एक सप्ताह बाद घर पर लौटा था। सूने पन के दौरान रैकी किए जाने की आशंका है।

परिवार को कमरे में बंद किया, फिर कार से भाग निकले

लुटेरों ने कमरे में घुसकर पुष्पेंद्र के परिवार को बंधक बना लिया। चाकू से डराकर गले की चेन और अंगूठी छीनी। फिर कैश और दूसरे गहने निकाले। घटना के वक्त पुष्पेंद्र की पत्नी आकांक्षा (27) और साढ़े तीन और डेढ़ साल के दोनों बेटे डर गए। जैसे-तैसे परिवार ने खुद को रस्सियों से अलग किया। फिर पुलिस को सूचना दी।

धार के राजगढ़ के पास लास्ट लोकेशन मिली

बताया जाता है कि कार की आखिरी लोकेशन धार जिले के राजगढ़ के पास मिली है। बदमाश कार धार के आगे ही छोड़कर भाग गए हैं। पुलिस ने कार जब्त कर ली है। पुलिस लगातार लोकेशन के आधार पर आरोपियों का पीछा कर रही है। परिवार के मुताबिक बदमाश होंडा सिटी कार, सोने की अंगूठी, चेन सहित अन्य गहने और एक महंगा कैमरा ले गए हैं। वारदात कुल कितने अमाउंट की है, यह अभी साफ नहीं हुआ है।

मैनेजर की जुबानी, वारदात की पूरी कहानी…

शुक्रवार सुबह 4.30 बजे मैं, पत्नी और दोनों बच्चे फर्स्ट फ्लोर पर सो रहे थे। अचानक मेरे बाएं हाथ पर बदमाशों ने डंडे से जोर से वार किया। इससे मेरी अचानक नींद खुल गई। मैंने देखा कि 3-4 लोग मुंह पर कपड़ा बांधकर मेरे बैडरुम में खड़े हैं।

उनके हाथ में प्लाई, डंडा व पत्थर था। हाथों में ग्लब्स पहने थे। वे मुझसे बोले कि घर में रखा कीमती सामान हमें दे दो। उनके डर के कारण मैंने मेरी और पत्नी की अंगूठी दे दी। मैंने उन्हें कहा कि तुम लोग हमारे साथ मारपीट मत करना, तुम्हें जो चाहिए ले जाओ।

उन्होंने अलमारी में रखे नगदी 10-12 हजार रुपए, पत्नी की कान की रिंग, सोने की चेन, कैनन कंपनी का डीएसएलआर कैमरा अलमारी से निकाल लिया। इसके बाद मेरे बैडरुम का दरवाजा बंद कर चले गए। मैंने 10-15 मिनट बाद जैसे-तैसे दरवाजा खोला।

नीचे आकर देखा तो मेन गेट का लॉक टूटा था। दरवाजा खुला था। सामने रखी मेरी महरून रंग की होण्डा सिटी कार क्रमांक MP09-CT-7446 भी ले गए थे। मैंने पड़ोसियों को जाकर उठाया। इसके बाद पड़ोसी के फोन से ही ससुर संजय मित्तल को फोन कर बुलाया। वे घर के पास की ही दूसरी कॉलोनी में रहते हैं।

वापस घर की छानबीन की तो बदमाश हमारे मोबाइल यहीं छोड़ गए थे। मेरा एक मोबाइल घर के गार्डन में और दूसरा बेडरूम में छुपा मिला। उसके बाद डायल 100 पर सूचना दी। घर और कॉलोनी के सीसीटीवी कैमरे देखे तो उसमें चार बदमाश दिखाई दिए। मेरी कार में मेरा एक पर्स, तीन क्रेडिट कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज रखे थे। वे भी चोरी चले गए हैं।

(जैसा पुष्पेंद्र मित्तल ने बताया)

कांग्रेस ने मुख्यमंत्री पर साधा निशाना

वारदात को लेकर प्रदेश कांग्रेसाध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि इंदौर में शुक्रवार तड़के दूसरी बड़ी डकैती हो गई। दस दिन में यह दूसरी बड़ी वारदात है। मुख्यमंत्री मोहन यादवजजी, पुराने मुख्यमंत्री तो इंदौर को सपनों का शहर कहते थे। आपको इंदौर कैसा लगता है? हो सकता है आप गृहमंत्री के रूप में भूल रहे हों इसलिए याद दिला रहा हूं, वहां इंदौर में पुलिस कमिश्नर प्रणाली बीजेपी सरकार ने ही शुरू की थी। भारी फौज तैनात की लेकिन लेकि हालात आपके सामने हैं! पाश इलाके भी सुरक्षित नहीं। कृपया कानून व्यवस्था को इतना सुरक्षित करवा ही दें कि पुलिस, प्रशासन और शासन के होने का एहसास ही बना रहे।

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