
टीवी सीरियल महाभारत में भगवान कृष्ण का किरदार निभाने वाले एक्टर नीतीश भारद्वाज और उनकी आईएएस पत्नी स्मिता घाटे भारद्वाज के बीच विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। नीतीश ने स्मिता के उस आरोप पर जवाब दिया है, जिसमें बेटियों की परवरिश के लिए 20 हजार रुपए महीना नहीं देने की बात कही गई है। नीतीश ने कहा- स्मिता झूठे आरोप लगा रही हैं।
नीतीश के मुताबिक, स्मिता ने अपने बयान में कहा है कि मैं बेटियों के लिए 20 हजार रुपए महीना खर्च नहीं दे रहा हूं। हकीकत यह है कि मैंने पुणे के स्पोर्ट्स क्लब में बेटियों को मेंबरशिप दिलाने और घर का लोन भरने से लेकर बेटियों की सुकन्या समृद्धि योजना में 1.35 करोड़ रुपए खर्च किए हैं। यदि मैं ये रकम खर्च नहीं कर रहा हूं तो इसके पीछे के कारण स्मिता को बताने चाहिए।
नीतीश कहते हैं- पत्नी ने बेटियों के दिमाग में मेरे प्रति विष घोल दिया और मेरा उनसे नाता तुड़वा दिया। मुझसे मेरी बेटियों को दूर करना उनकी और मेरी, दोनों की मानसिक प्रताड़ना है। जानिए, खेल एवं युवक कल्याण विभाग की अपर मुख्य सचिव स्मिता घाटे भारद्वाज के आरोपों पर नीतीश ने किस तरह के सवाल उठाए…

बेटियों के लिए पुणे के क्लब में 7 लाख देकर मेंबरशिप ली
नीतीश का कहना है, ‘स्मिता ने मुझसे वादा किया था कि हमारा परिवार पुणे में रहेगा। मैं खुद भी चाहता था कि हम पुणे में रहें। मुझे लगता था कि मुंबई की बजाय पुणे में वे बेहतर तरीके से अपनी सांस्कृतिक विरासत से जुड़ पाएंगी। सभी रिश्तेदारों का भी प्यार मिलेगा।
वे भी इस बात के लिए तैयार हो गईं तो मैंने अपनी बेटियों के बेहतर भविष्य के लिए एक स्पोर्ट्स क्लब की मेंबरशिप ली। इस पर करीब 7 लाख रुपए खर्च किए। मैं चाहता था कि बेटियां बड़ी होने के साथ ही स्पोर्ट्स में अपना भविष्य बनाएं, इसी सोच के साथ मैंने ये फैसला लिया था।’
कोर्ट ने आदेश दिया था कि मैं बेटियों से मिल सकूंगा
नीतीश के मुताबिक, स्मिता कह रही हैं कि मैंने 20 हजार रुपए महीना भत्ता नहीं दिया, इसलिए मेरी संपत्ति बिकवा दी जाए। कोर्ट में जो भी दस्तावेज पेश किए जाते हैं, वो दूसरे पक्षकार को भी दिए जाते हैं। ऐसे कोई दस्तावेज अब तक मेरे वकील या मुझे नहीं दिए गए हैं, इसलिए उसमें क्या लिखा है- ये मुझे नहीं पता।
मैंने 20 हजार रुपए महीना देना शुरू कर दिया था, ऑर्डर में ये भी लिखा है कि मुझे मेरी बेटियों से अपनी मर्जी के अनुसार मिलने का अधिकार होगा। मैं जब चाहूं बेटियों से बात कर सकूंगा। संपर्क कर सकूंगा। एक महीने बाद मैंने ये राशि देना रोक दी। मैंने कोर्ट को भी अवगत कराया कि स्मिता अपने षड्यंत्र रोक नहीं रही हैं। बेटियों के मन में मेरे प्रति विष घोल रही हैं। प्रतिदिन मेरे और बेटियों के बीच दूरी को बढ़ाती जा रही हैं।

मासिक भत्ता देने का आदेश रद्द करने की अपील
नीतीश ने बताया कि जब पत्नी ने कोर्ट में पैसे नहीं देने की शिकायत की थी तो कोर्ट ने कहा था कि आप भी तो इन्हें बेटियों से मिलने की स्वतंत्र अनुमति नहीं दे रही हैं। तीन महीने पहले मेरे वकील कोर्ट में अपील कर चुके हैं कि 20 हजार रुपए मासिक भत्ता देने का आदेश निरस्त किया जाए, इस पर अभी कोर्ट में चर्चा होना बाकी है।

स्मिता को लेकर मन में पूर्वाग्रह नहीं
नीतीश ने कहा कि मैं सनातनी सोच वाला व्यक्ति हूं। जब मैं उनसे पहली बार मिला था, उनका दूसरा विवाह चल रहा था। जब उन्होंने मुझसे विवाह का प्रस्ताव रखा तो ये उनका तीसरा विवाह होने वाला था, लेकिन मैंने कभी कोई पूर्वाग्रह नहीं रखा।
मैंने बस उनसे एक ही बात पूछी थी कि मैं फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा व्यक्ति हूं, मुंबई में रहता हूं और आप मध्यप्रदेश कैडर की आईएएस हैं। ऐसे में हमारा परिवार कैसे साथ रह पाएगा? उन्होंने विवाह से पहले ही वादा किया था हम हमेशा साथ में रहेंगे। परिवार ही अब मेरी प्राथमिकता है।
पुणे में घर के लिए 70 लाख खर्च किए
स्मिता ने 2013 में मुझसे कहा कि हम पुणे में ही घर खरीद लेते हैं। वह पुराना घर था, जिसे हमने रेनोवेट भी कराया। मैं तो अपना परिवार मानकर ही खर्च कर रहा था। स्मिता ने जब कहा कि मैं अपना सब कुछ छोड़कर आ रही हूं, ये घर मेरे नाम पर होना चाहिए तो मैं इसके लिए भी तैयार हो गया।
2016 तक मैं इसकी किस्त जमा करता रहा। लोन और अन्य खर्च जोड़ लें तो करीब 70 लाख रुपए मैंने खर्च किए। उस मकान को घर बनाने में 70 प्रतिशत राशि मेरी ही मेहनत की थी।
“स्मिता का हर दावा झूठा है। वे कहती हैं, कोर्ट ने उन्हें बेटियों की कस्टडी दी है। मैं चाहता हूं कि वे कोर्ट के ऑर्डर दिखाएं। ऐसा कोई ऑर्डर नहीं है, कोर्ट इश्यू अभी पेंडिंग है। इस पर अभी कोर्ट में चर्चा होगी। स्मिता का सारा जीवन अपने मां, भाई-बहन के आसपास ही बीता है, मैं उनके जीवन में कहीं शामिल ही नहीं था।
नीतीश भारद्वाज, अभिनेता और पूर्व सांसद”
नीतीश ने की थी बेटियों के अपहरण की शिकायत
नीतीश भारद्वाज ने 14 फरवरी को भोपाल पुलिस कमिश्नर हरिनारायणचारी मिश्र से मिलकर लिखित शिकायत की थी। इसमें उन्होंने कहा था कि पत्नी स्मिता ने उनकी बेटियों का अपहरण कर लिया है। कोर्ट के आदेश के बाद भी पत्नी, बेटियों से मिलने से रोक रही हैं। दोनों बेटियां कहां और किस हाल में हैं, उन्हें यह नहीं मालूम? बार-बार पूछने पर भी पत्नी कोई जवाब नहीं दे रही हैं।
स्मिता ने लगाया था फोन रिकॉर्डिंग का आरोप
नीतीश के आरोप पर स्मिता ने कहा था- मैं अपनी जुड़वा बेटियों देवयानी और शिवरंजनी के जन्म से ही देखभाल करने वाली सिंगल मदर हूं। बेटियों की सफलता में नीतीश का कभी आर्थिक या भावनात्मक सहयोग नहीं रहा। नीतीश पिछले 5-6 साल से मेरा और बेटियों का फोन रिकॉर्ड कर रहे हैं। पिछले 4 साल में नीतीश ने सिर्फ 3 बार अपनी बेटियों से मुलाकात की है।
अक्टूबर 2018 में मैं खुद बेटियों को उनसे मिलाने के लिए मुंबई ले गई थी। उन्होंने पारिवारिक शादी में होने की बात कहते हुए मिलने से मना कर दिया। उस समय बेटियों की उम्र महज 6 साल थी। इतनी छोटी बच्चियां साथ होने के बाद भी उन्होंने अपने घर में हमें घुसने नहीं दिया और अपने खर्च पर बेटियों के साथ होटल में ठहरने की बात कही।


