
इंदौर को ‘बेगर फ्री’ बनाने के लिए भिखारियों का रेस्क्यू किया जा रहा है। गुरुवार दोपहर को एनजीओ टीम भिखारियों को पकड़ने परदेशीपुरा इलाके में पहुंची तो एक युवक उनसे बदसलूकी करने लगा। उसने कहा, तुम गरीबों को उठाकर मरवा रहे हो। तुम्हारे कलेक्टर, मुख्यमंत्री की ऐसी की तैसी। सबको देख लूंगा। भारती हूं मैं।
शुक्रवार को युवक का एनजीओ टीम से बदतमीजी करते हुए वीडियो सामने आया है। युवक का नाम आनंद है। पुलिस ने आनंद के खिलाफ सरकारी काम में बाधा समेत तमाम धाराओं में केस दर्ज किया है।
वीडियो एनजीओ टीम ने बनाया था, जिसमें आरोपी बदसलूकी करते दिख रहा है…
आरोपी: मेरी आंखों के सामने तुम्हारे आदमी ने एक भिखारन को मार कर भगाया है।
टीम: मार कर नहीं भगाया। कलेक्टर का आदेश है इसलिए कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी: सुन रे…मैं कलेक्टर की भी ऐसी की तैसी कर दूंगा। मुख्यमंत्री की भी ऐसी की तैसी कर दूंगा। अगर इंदौर में भिखारियों को पांच-पांच लाख देकर घर नहीं बनवाया तो…। तुम #### इनको उठा-उठाकर ले जा रहे हो। इनका घर परिवार कहां है। बनाओ मेरा वीडियो बनाओ। मैं भी देखता हूं कितना दम है। यह पूरे भारत में फैलना चाहिए। तुम भारत के नागरिक हो…तुम ##@@ गरीबों को उठा-उठाकर मरवा रहे हो।
टीम: इसको (आरोपी को) जाने मत देना..।
आरोपी: अरे मैं यहीं हूं। मैं को क्या लेकर जाओगे तुम। मैं पूरे हिंदुस्तान के हिसाब से बोलता हूं। मैने अपने जीवन में सब कुछ भुगता है। इसलिए गरीब के लिए लड़ता हूं। जिसको जो ##@@ है ##@@ लो। मैं किसी से डरता नहीं हूं। मोदी को बुला लो, मैं मोदी से भी मिलकर बात कर लूंगा। तुम #### लोग गरीबों के साथ अन्याय कर रहे हो। उनको ले जाकर कहीं पटक दोगे। न खाना खिलाओगे न कपड़े दोगे।
आरोपी: वीडियो मत बना नहीं तो हाथ तोड़ दूंगा। ज्यादा समझदार मत बन भारती हूं मैं। तेरे जैसे को मैं झेलता रहता हूं।
टीम: तू कोई भी हो मेरे को लेना देना नहीं।
आरोपी: मैं तेरा बाप हूं। सरकार का भी बाप हूं।
टीम: मेरा जो काम है मैं वही कर रहा हूं। चलो थाने चलो।
विवाद के बाद भिखारियों के बीच पहुंचा आरोपी
एनजीओ टीम के साथ हुए विवाद के बाद युवक भिखारियों के पास पहुंचा। उनसे बातचीत की। उसने पूछा – ‘तुमको ये लोग कहां लेकर जा रहे हैं।’ एक व्यक्ति फिर वीडियो बनाने लगा। ये देख आरोपी ने मोबाइल पकड़कर खींचा। उसने कहा- सामने से वीडियो बनाओ। एक अन्य व्यक्ति भी युवक का साथ देने लगा। उसने कहा- तुम लोग अब सामने आ रहे हो नहीं तो पुलिस हाथ नहीं लगाती है।

आरोपी के सपोर्ट में एक और व्यक्ति टीम से बहस करने आया था। टीम ने उस पर केस दर्ज नहीं कराया है।
सिर्फ दो भिखारियों के लिए किया नोकझोंक
संस्था की अध्यक्ष ने बताया कि जिस आरोपी युवक द्वारा टीम से बदसलूकी की गई है। वह बुजुर्ग महिलाओं से भिक्षावृत्ति करवाता था। जिस स्थान पर कार्यवाही की गई वहां पर 8 से 9 भिखारी बैठे हुए थे। लेकिन आरोपी आनंद द्वारा सिर्फ इन दो बुजुर्ग महिलाओं को छुड़वाया गया। बांकी के लिए वो कुछ नहीं बोला। हमने आरोपी को पकड़ कर हाथों हाथ पुलिस के हवाले कर दिया था।
टीम ने लखपति भिखारन को पकड़ा था
20 दिन पहले इंदौर में परिवार समेत भीख मांगने वाली एक महिला पकड़ाई थी। वह उज्जैन रोड पर लवकुश चौराहे पर भीख मांग रही थी। उसके पास 19,200 रुपए थे। महिला ने बताया था कि उसने 7 दिन में ये रुपए कमाए। उसकी 8 साल की बच्ची ने सुबह से लेकर दोपहर 1.30 बजे तक 600 रुपए कमाए। महिला ने एनजीओ टीम से कहा था- मैंने कोई चोरी नहीं की है, भीख ही तो मांगती हूं। पौने दो महीने में ढाई लाख रुपए कमाए हैं।
शहर में 7 हजार लोग मांगते हैं भीख
इंदौर में करीब 6 से 7 हजार लोग भीख मांगते हैं। बच्चों की संख्या साढ़े तीन हजार है। यहां तीन कैटेगरी के भिखारी हैं। पहले वो जिनके घर में कोई नहीं है। दूसरे वो जो बाहर से इंदौर में सिर्फ भीख मांगने ही आए हैं। तीसरे किसी गिरोह का हिस्सा है। गिरोह के कहने पर काम करते हैं। गिरोह वाले कुछ चौराहे के अलावा मंदिर, 56 दुकान, सराफा में भीख मांगते हैं।