केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और महासचिव जयराम रमेश को शुक्रवार (1 मार्च) को कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में कहा गया है कि गडकरी के बारे में भ्रम फैलाने वाला वीडियो शेयर किया जा रहा है।
नोटिस के मुताबिक, जनता की नजरों में गडकरी के खिलाफ भ्रम, सनसनी फैलाने के इरादे से वीडियो शेयर किया गया है। यह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की एकजुटता में दरार पैदा करने की नाकाम कोशिश है।
वीडियो एक न्यूज पोर्टल को दिए गए इंटरव्यू का है, जिसे तोड़-मरोड़कर पेश किया गया है। कांग्रेस ने वीडियो अपलोड किया है, इसका मौजूदा हालात से कोई लेना-देना नहीं है।
गडकरी ने नोटिस में 24 घंटे में वीडियो हटाने और 3 दिन के अंदर लिखित माफीनामे की मांग की है।

वीडियो में क्या है…
भारत जोड़ो न्याय यात्रा के X अकाउंट पर यह वीडियो शुक्रवार 1 मार्च को पोस्ट किया गया, जिसे जयराम रमेश ने री-पोस्ट किया। वीडियो में नितिन गडकरी कहते हुए नजर आ रहे हैं- आज गांव, मजदूर और किसान दुखी है। गांव में अच्छी सड़कें नहीं हैं, पीने के लिए शुद्ध पानी नहीं है, अच्छे अस्पताल नहीं हैं, अच्छे स्कूल नहीं हैं। कैप्शन में लिखा है- अन्याय का कबूलनामा।
इसके तुरंत बाद राहुल गांधी का वीडियो है, जिसमें वे कह रहे हैं आदिवासियों का जल, जंगल और जमीन कांग्रेस सरकार उन्हें वापस लौटाएगी।
गडकरी के मुताबिक कांग्रेस ने वीडियो से उन हिस्सों को काट दिया है, जहां उन्होंने बताया कि कितने प्रयास किए जा रहे हैं। जिसके अच्छे परिणाम मिल रहे हैं।
वीडियो देखकर हैरान हो गए थे गडकरी- वकील बालेंदु
वकील बालेंदु शेखर ने कहा कि वीडियो देखकर मेरे मुवक्किल गडकरी हैरान रह गए इसलिए उन्होंने यह नोटिस भेजा। अगर कांग्रेस अध्यक्ष और जयराम रमेश वीडियो नहीं हटाते और माफी नहीं मांगते तो मेरे मुवक्किल के पास उनके खिलाफ क्रिमिनल और सिविल केस दर्ज करवाने के अलावा कोई और रास्ता बाकी नहीं रहेगा।