
उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। उधर, प्रदेश में कोरोना की रेकॉर्ड टेस्टिंग का दावा किया जा रहा है। हालांकि, इन सबके बीच एक वीडियो जो कि मथुरा से सामने आया है उसने शासन-प्रशासन के भी होश फाख्ता कर दिए हैं। मथुरा जनपद के बलदेव ब्लॉक स्थित डोरीलाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक स्वास्थ्यकर्मी वहां मौजूद शख्स (जिसको डॉक्टर बताया जा रहा है) का कोरोना का सैंपल लेता है। यहां तक तो यह सामान्य लगता है। इस बीच वीडियो में दिखता है कि स्वास्थ्यकर्मी शख्स का बार-बार सैंपल लेता है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इस तरह से हो रही सैंपलिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।कोविड 19 का सैंपल लेने का यह वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।
इसको लेकर अब जांच भी तेजी से शुरू हो गई है। प्रभारी सीएमओ राजीव गुप्ता के अनुसार, अगर यह वीडियो सच साबित हुई तो यह स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही साबित होगी। उन्होंने आगे कहा कि ‘हमें शिकायत मिली है और वीडियो देखने के बाद इसकी जांच जरूर की जाएगी’। गुप्ता के मुताबिक, इसको लेकर काफी सख्त कारवाई की जाएगी’।
जानिए क्या है वीडियो में?
सबसे पहले आपको बता दें कि यह वीडियो मथुरा के बलदेव स्थित स्वर्गीय डोरीलाल अग्रवाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का है। इस वीडियो में कोरोना के सैंपल के लिए डॉ, राजकुमार सारस्वत यह कहते नजर आ रहे है कि कोरोना के सैंपल कम पड़ गए हैं जिसके लिए उन्हें अपने ही सैंपल लेने होंगे। वह एक नहीं बल्कि पूरे 1 दर्जन सैंपल कराते हैं। इस बीच एक स्वास्थ्यकर्मी उनसे सवाल करता है कि आप इतने सैंपल का करोगे क्या?स्वास्थस्यकर्मी ने तो यहां तक बोल दिया कि इस तरीके से सैंपल लेने से आपके नौकरी को खतरा हो सकता है।
एक डॉक्टर के मुताबिक, ऐसे कई सैंपल फर्जी नामों से अलग-अलग जगह भेजे जा रहे है और इसको लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बलदेव के चिकित्सक डॉ अमित ने सीएमओ मथुरा से शिकायत भी की है। अमित के शिकायत के मुताबिक, सीएचसी प्रभारी डॉ. योगेंद्र सिंह राणा संविदा डॉक्टरों पर दबाव बनवाकर उनसे फर्जी सैंपल एकत्रित करता है। यह सब केवल कोरोना सैंपलिंग के टारगेट को पूरा करने के लिए किया जा रहा है। बता दें कि इस वीडियो को कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने भी अपलोड किया है और कहा है कि ‘यूपी के मथुरा में टेस्ट बढ़ाने का टार्गेट पूरा करने के लिए देखिए किस तरह से गड़बड़ हो रही है। झूठे प्रचार में दिखाने के लिए टेस्ट के बढ़े नंबर बनाने से कोरोना नहीं रुकेगा बल्कि सही और बढ़ी हुई टेस्टिंग से।’