
इंदौर में मुख्यमंत्री के लेट आने से महिलाओं को जबरदस्ती रोके जाने के मामले पर पूर्व स्पीकर सुमित्रा महाजन ताई नाराज हैं। उन्होंने महिला दिवस पर हुई साड़ी वॉकथान की घटना पर कलेक्टर से जवाब मांगा है। उन्होंने पूछा है कि यह कार्यक्रम किसका था।
8 मार्च को मुख्यमंत्री की मौजूदगी में महिलाओं की साड़ी वॉकथान आयोजित की गई थी। कार्यक्रम के लिए दोपहर 3 बजे से ही महिलाओं को बुला लिया था। लेकिन सीएम शाम 7 बजे तक नहीं आए तो महिलाएं भड़क गईं। वे लौटने लगीं तो अफसरों ने नेहरु स्टेडियम के गेट में ताला लगवा दिया। इससे महिलाओं ने पत्थर उठा लिए।
पूरे मामले का खुलासा किया था। इसी पर संज्ञान लेते हुए ताई ने कलेक्टर आशीष सिंह से जवाब तलब किया है।
ताई ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि मैंने यह सब पढ़ा तो अफसोस हुआ। महिलाओं के इस कार्यक्रम में अगर व्यवस्था बिगड़ी है तो मैं सवाल नहीं करूंगी तो कौन करेगा। ताई द्वारा पत्र सोमवार को कलेक्टर को भेजा गया है। ताई ने लिखा कि कार्यक्रम में मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री थे। इस दौरान भारी अव्यवस्था हुई और महिलाओं को काफी परेशानी हुई।
ताई ने इन सवालों के मांगे जवाब
– न्यूज में महिलाओं को रोकने की, जो खबरें आई क्या सही है?
– कार्यक्रम किसके द्वारा आयोजित किया गया?
– इसका खर्च किसने उठाया?
– इसमें कितनी महिलाएं आई थी?
– वहां महिलाओं को क्यों रोककर रखा गया?
– व्यवस्था कौन देख रहा था?

पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन का कलेक्टर को पत्र। इसमें उन्होंने आयोजन में हुई अव्यवस्थाओं को लेकर जवाब मांगा है।
यह था मामला
7 मार्च को नेहरू स्टेडियम में अंतर राष्ट्रीय महिला दिवस पर शाम 4 बजे आयोजन रखा गया था। इसमें 25 हजार महिलाओं को आमंत्रण दिया गया। इन सभी को दोपहर 3 बजे बुला लिया था। मुख्य अतिथि डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में लेट हो गए। वे रात करीब 8 बजे पहुंचे। इस दौरान महिलाएं परेशान हो गई और स्टेडियम से जाने लगी। स्टेडियम खाली होता देख वहां मौजूद व्यवस्थापकों ने गेट पर ताले लगा दिए गए। इससे महिलाएं आक्रोशित हो गई और पत्थरों से ताले तोड़ने की कोशिश की। इस दौरान खूब हंगामा हुआ। हालांकि मुख्यमंत्री ने देर से आने को लेकर अफसोस जाहिर किया था।