
महापौर और नए कमिश्नर के बीच जमने लगा तालमेल…
जब से पुष्यमित्र भार्गव इंदौर के महापौर बने, कभी उनके मनमुताबिक कमिश्नर नहीं रहा। पहले प्रतिभा पाल और हर्षिका सिंह से उनकी पटरी नहीं बैठी, लेकिन अब नए कमिश्नर शिवम वर्मा, भार्गव की रडार में आ रहे हैं। जहां भी जाते हैं, पहले महापौर से बात कर लेते हैं। राजवाड़ा पर सफाई देखने जाना हो या कंट्रोल रूम की व्यवस्था देखने, भार्गव को पहले से पता होता है। वो अपनी टीम कमिश्नर के साथ कर देते हैं, ताकि काम में आसानी हो सके।
शिवराजसिंह चौहान जब तक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री रहे, इंदौर में उनकी पसंद के ही नगर निगम कमिश्नर आते रहे। अब दौर बदल गया है। नगरीय प्रशासन मंत्री बनने के बाद कैलाश विजयवर्गीय ने सबसे पहले हर्षिका सिंह की इंदौर की रवानगी कर दी। उनका तालमेल न तो विजयवर्गीय से बैठता था और न ही महापौर से। भार्गव इन दिनों विजयवर्गीय की परिक्रमा कर रहे हैं और इसका फायदा भी उनको तुरंत मिल गया। मनपसंद अधिकारी को नगर निगम की सबसे बड़ी कुर्सी दिलवा दी है। शिवम वर्मा ने आते ही महापौर को फोन किया और कहा कि अब तालमेल बैठाकर ही काम करना है। सफाई के मामले में मेरे पास नए सुझाव हैं, उस पर भी आपसे बात करूंगा। जबसे भार्गव ने महापौर की कसम खाई, ये पहला मौका है कि किसी कमिश्नर से उनका इस तरह का तालमेल देखने को मिल रहा है। जिस रात को वर्मा ने कुर्सी संभाली थी, उसी के अगले दिन सुबह कचरा गाड़ी देखने गए तो महापौर को बताकर गए। उनके साथ अपर आयुक्त सिद्धार्थ जैन भी मौजूद थे। रेसीडेंसी कोठी के आसपास सफाई देखी और वहां सैर कर रहे लोगों से उसी तरह की बात की, जो वादे के रूप में भार्गव करके आए थे। ई-नगर पालिका पोर्टल को लेकर भी भार्गव और वर्मा बैठक करने वाले हैं। इसमें इंदौर नगर निगम का निजी साफ्टवेयर बनाने की बात कही जा रही है। वहीं 311 एप को और बेहतर करने के लिए वर्मा से भार्गव ने सुझाव मांगा।