
नगर निगम में एक बड़ा घपला पकड़ में आया है। पांच ठेकेदार फर्म ने 28 करोड़ की 20 ड्रेनेज लाइनों का काम किए बगैर उसके बिल पेमेंट के लिए लगा दिए। अकाउंट सेक्शन में मंजूरी के लिए फाइल पहुंच भी गई। ऑडिट विभाग को शंका हुई, उसने दस्तावेज खंगाले तो खुलासा हुआ। देर रात निगम के कार्यपालन यंत्री सुनील गुप्ता ने पांचों फर्म के खिलाफ एमजी रोड थाने में एफआईआर करवाई।
जिन फर्मों व संचालकों पर केस दर्ज हुआ है, उनके नाम जाकिर (किंग कंस्ट्रक्शन), मो. सिद्दिक (ग्रीन कंस्ट्रक्शन), साजिद (न्यू कंस्ट्रक्शन), राहुल वढेरा व रेणु (जाह्नवी इंटरप्राइजेस व सीपी इंटरप्राइजेस) हैं। पूरे मामले में निगम अफसर भी कठघरे में हैं। दरअसल, काम मंजूर होने के बाद वर्कऑर्डर जारी होता है और फिर काम शुरू होता है। काम की ओके रिपोर्ट आने के बाद पेमेंट करते हैं। इन कामों की फाइल अपर आयुक्त कार्यालय से गई और उस पर कुछ लोगों के दस्तखत भी हुए। हालांकि अफसर अभी कई दस्तावेजों और दस्तखत को फर्जी बता रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।