इंदौर। पहले हर हफ्ते होती थी लूट अब 3 माह से वारदात नहीं, लगातार हो रही लूट को जब पुलिस नहीं रोक पाई तो रहवासियों ने किए ये प्रयास

लगातार हो रही चेन और मोबाइल लूट को जब पुलिस नहीं रोक पाई तो रहवासियों ने अपने स्तर पर प्रयास किए। उन्होंने कॉलोनी के रोड पर स्पीड ब्रेकर बना दिए। इसके बाद से लूट रुक गई। रहवासियों का दावा है कि पिछले तीन महीने में एक भी लूट या चेन स्नैचिंग नहीं हुई है। मामला भंवरकुआं थाना इलाके में स्थित मंगलमूर्ति नगर का है।

मंगलमूर्ति नगर नौलखा से पालदा जाने वाली सड़क पर है। यहां 55 घर हैं और 300 से ज्यादा सदस्य रहते हैं। रहवासियों ने बताया जब हमारी कॉलोनी बनी तभी से हमने दोनों तरफ गेट लगा रखे थे, ताकि रात में चोरी न हो। इसके बाद भी चोर आने लगे। वे दिनदहाड़े चोरियां और मोबाइल लूट करने लगे। इसके बाद हमारी कमेटी ने फैसला लिया और तीन महीने पहले कॉलोनी की सड़कों पर स्पीड ब्रेकर बना दिए। इसके बाद काफी फायदा हुआ।

ब्रेकर से भाग नहीं पाते आरोपी

लोगों ने बताया कि इलाका बड़ा होने से पुलिस की रात की गश्त कम होती थी, लेकिन अब वारदातें थमी हैं। यहां स्पीड ब्रेकर बनने से बदमाशों को डर रहता है कि यदि लूट की तो थोड़ी दूरी पर ही पकड़ा सकते हैं। पिछले दिनों जनसुनवाई के दौरान पुलिस कमिश्नर राकेश गुप्ता ने भी कॉलोनी की सुरक्षा को देखकर तारीफ की थी।

दिन में भी गार्ड तैनात कर दिए- मंगलमूर्ति नगर के अध्यक्ष एके लाखोटिया ने बताया हमने गेट बनाने और स्पीड ब्रेकर बनाने के अलावा गार्ड भी तैनात कर दिए हैं। पहले यहां रात में 2 गार्ड बैठते थे। अब दिन में भी 1 गार्ड तैनात कर दिया है। 15 कैमरे भी लगा रखे हैं। इनका फोकस सड़क की तरफ कर रखा है, जिससे लोगों की आवाजाही भी कैमरों में कैद हो जाए।

और शहर में… हर दिन 2 लूट, लेकिन रिपोर्ट हफ्ते में 2 या 3 ही हो रही

शहर में हर दिन चेन और मोबाइल की औसत दो लूट हो रही है, लेकिन पुलिस हफ्ते में दो या तीन ही केस दर्ज कर रही है। बाकी लोगों के आवेदन ले लिए जाते हैं। शहर में सबसे ज्यादा लूट की घटनाएं लसूड़िया, भंवरकुआं, एरोड्रम, बाणगंगा और अन्नपूर्णा इलाके में हुई हैं। पुलिस के आंकड़ों की मानें तो अब तक शहरभर में 70 से ज्यादा लूट की वारदातें हो चुकी हैं। पुलिस ने 12 से ज्यादा गैंग पकड़ी, लेकिन इससे दो गुना ज्यादा गैंग अभी भी सक्रिय है।

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