इंदौर। कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी अक्षय बम का नामांकन ख़ारिज होते-होते बचा, जानिए वजह

इंदौर। खजुराहों में समाजवादी प्रत्याशी मीरा यादव सूरत में कांग्रेस प्रत्याशी के नामांकन में गड़बड़ी होने से रद्द हुए। इसके बाद से सभी प्रत्याशी खासकरकांग्रेस के नामांकन मंजूर होने तक एक आशंका से सहमे रहते हैं। इंदौर कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी अक्षय बम के नामांकन पर भी भाजपा ने शुक्रवार को भाजपा ने आपत्ति ली।

इसके बाद थोड़ी देर के लिए कांग्रेसी सकते में रहे कि कहीं नामांकन रद्द न हो जाए। जिला निर्वाचन अधिकारी ने जांच और आपत्ति की कार्रवाई की। कांग्रेस की तरफ से अधिवक्ता रविंद्र कुमार पाठक ने अक्षय बम का पक्ष रखा।

दरअसल कॉंग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम के नामांकन फॉर्म के सम्बंध में भारतीय जनता पार्टी की ओर से आपत्ति पेश की गई। पहली आपत्ति में अक्षय कांति बम द्वारा माननीय जे एम एफ सी कोर्ट में लंबित आपराधिक प्रकरण में कोर्ट द्वारा इजाफा की गई धारा 307 आईपीसी को जानबूझकर छुपाने का आरोप ;लगाया गया। इस आधार पर बीजेपी ने अक्षय का नामांकन रद्द करने की याचिका लगाई थी।

बीजेपी की आपत्ति के खिलाफ कांग्रेस के वकील ने अपने पुख्ता तर्क रखे। प्रत्याशी की ओर से इंदौर जिला कॉंग्रेस लीगल सेल के जिला अध्यक्ष रवीन्द्र कुमार पाठक ने जिला निर्वाचन अधिकारी के समक्ष तर्क प्रस्तुत किये। पाठक ने कहा कि जिस दिनाँक 24/4/24 को कॉंग्रेस प्रत्याशी द्वारा शपथ पत्र प्रस्तुत किया गया था उसी दिनाँक को कोर्ट द्वारा प्रथम दृष्टया 307 आईपीसी पाया जाना उल्लेखित कर प्रकरण सत्र न्यायाधीश को अंतरित किया है। जिसमें मई माह में चार्ज लगाया जाना है इस आधार पर आज दिनाँक को प्रत्याशी पर कोई चार्ज 307 आईपीसी का नहीं हैं।

वकील ने कहा कि इस आदेश की जानकारी भी प्रत्याशी को नामांकन व शपथ पत्र पेश करते समय नहीं थी अतः कोई तथ्य जानबूझकर नहीं छुपाया गया है। इन तर्को से सहमत होकर जिला निर्वाचन अधिकारी इंदौर कलेक्टर आशीष सिंह द्वारा आपत्ति अमान्य करते हुए कॉंग्रेस प्रत्याशी अक्षय कांति बम का नामांकन फॉर्म स्वीकार किया। प्रत्याशी अक्षय कांति बम, एवं एडवोकेट अपूर्व शुक्ला, विनोद द्विवेदी भी उपस्थित थे

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