अब आधे से कम बचा रास्ता…कौशल किशोर चतुर्वेदी

अब आधे से कम बचा रास्ता…

तीन चरण के चुनाव संपन्न होने के साथ ही अब आधे से ज्यादा रास्ता लोकतंत्र ने तय कर लिया है। तीसरे चरण की 93 सीटों पर चुनाव होने के साथ ही तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक जैसे दक्षिण भारत के राज्यों में सभी सीटों पर चुनाव हो गया है। अब मुख्य रूप से चार सौ पार की चुनौती में उत्तर भारत की महत्वपूर्ण भूमिका है। उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार, पश्चिम बंगाल, उड़ीसा, महाराष्ट्र जैसे राज्य चार सौ पार का या तो आधार बनेंगे या फिर कुठाराघात करेंगे। आगामी पंद्रह दिन मोदी है तो मुमकिन है, में सहायक होंगे तो चार सौ पार का सपना धरती पर हकीकत में बदलेगा। यदि स्थिति प्रतिकूल हुई तो सपना पंख लगाकर आसमान में उड़ान भी भर सकता है। वैसे 2019 की तुलना में मतदान प्रतिशत में कमी मन में हलचल पैदा करने के लिए काफी है। यदि वोटिंग ट्रेंड 2014 की तरह ही रहा, तब चार सौ पार की चुनौती मायूस कर सकती है। हालांकि तब भी राहुल गांधी की भाजपा को 150 सीट से कम मिलने की इच्छा कतई पूरी होती नजर नहीं आ रही।हालांकि सही स्थिति तो 4 जून को ही बयां होगी।

2019 में भाजपा ने 92 में से 72 सीटों पर जीत दर्ज की थी। इनमें गुजरात की सभी 26 सीटों पर भाजपा ने कब्जा किया था। इस बार भी स्थितियां मतदान प्रतिशत में कमी के बावजूद एनडीए सरकार के प्रतिकूल नजर नहीं आ रही हैं। तीसरे चरण में 11 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 93 लोकसभा सीटों के प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई है। अब मध्यप्रदेश की बात करें तो मोहन सरकार और विष्णुमय संगठन 29-0 से कम पर समझौता करने में कोई राजी नहीं हैं। परंतु तीसरे चरण में भी 2019 की तुलना में मतदान का कम प्रतिशत चिंता करने का एक मौका तो दे ही रहा है।

 

लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण के साथ ही 18वीं लोकसभा चुनाव के तहत अब तक करीब 280 सीटों पर मतदान संपन्न हो चुका है। यानी करीब 52 फीसदी सीटों पर मतदान पूरा हो चुका है। अब बाकी बची 263 सीटों पर अगले चार चरणों में चुनाव होगा। तीसरे चरण के तहत बिहार, छत्तीसगढ़, असम, गोवा, गुजरात, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, दादर नागर हवेली और दमन दीव में मतदान हुए। शाम 7 बजे तक करीब 62 फीसदी से ज्यादा वोटिंग दर्ज की गई। लोकसभा चुनाव 2024 के तीसरे चरण में सबसे अधिक वोटिंग असम में दर्ज की गई। चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार असम में 75.30 फीसदी मतदान हुआ। तो मध्य प्रदेश में 63.13 प्रतित मतदान दर्ज हुआ। चिंता बस इतनी है कि ज्यादातर राज्यों में 2019 के मतदान की बराबरी नहीं हो पा रही है।

18वीं लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण में कई दिग्गज नेताओं की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है। मध्यप्रदेश में ऐसे नामों में ज्योतिरादित्य सिंधिया और दिग्विजय सिंह,शिवराज सिंह चौहान शामिल हैं। महत्वपूर्ण यही है कि आधी से ज्यादा लोकसभा सीटों पर मतदान हो चुका है। अब लोकतंत्र के इस रण की आधी से कम राह बाकी है…।

कौशल किशोर चतुर्वेदी

कौशल किशोर चतुर्वेदी मध्यप्रदेश के वरिष्ठ पत्रकार हैं। प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में पिछले ढ़ाई दशक से सक्रिय हैं। दो पुस्तकों “द बिगेस्ट अचीवर शिवराज” और काव्य संग्रह “जीवन राग” के लेखक हैं। स्तंभकार के बतौर अपनी विशेष पहचान बनाई है।

वर्तमान में भोपाल और इंदौर से प्रकाशित दैनिक समाचार पत्र “एलएन स्टार” में कार्यकारी संपादक हैं। इससे पहले इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में एसीएन भारत न्यूज चैनल में स्टेट हेड, स्वराज एक्सप्रेस नेशनल न्यूज चैनल में मध्यप्रदेश‌ संवाददाता, ईटीवी मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ में संवाददाता रह चुके हैं। प्रिंट मीडिया में दैनिक समाचार पत्र राजस्थान पत्रिका में राजनैतिक एवं प्रशासनिक संवाददाता, भास्कर में प्रशासनिक संवाददाता, दैनिक जागरण में संवाददाता, लोकमत समाचार में इंदौर ब्यूरो चीफ दायित्वों का निर्वहन कर चुके हैं। नई दुनिया, नवभारत, चौथा संसार सहित अन्य अखबारों के लिए स्वतंत्र पत्रकार के तौर पर कार्य कर चुके हैं।

 

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