इंदौर। जिला कोर्ट की बिल्डिंग बना रही कंपनी ने किया फर्जीवाड़ा, टेंडर लेने के लिए लगाए थे फर्जी दस्तावेज; ऐसे हुआ मामले का खुलासा

जिला कोर्ट की बिल्डिंग बनाने का काम अहमदाबाद की कंपनी आर्कोन पावरइंफ्रा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को मिला है। इस कंपनी ने टेंडर लेने के लिए जो दस्तावेज लगाए हैं उसमें फर्जीवाड़ा करते हुए किसी और कंपनी के द्वारा किए गए डेढ़ सौ करोड़ रुपए के काम को अपना बता दिया है।

मजे की बात तो यह है कि पीआईयू के अफसरों ने एजेंसी के दस्तावेजों का सत्यापन तक कराना उचित नहीं समझा। वहीं, कंपनी का कहना है कि उड़ीसा में आयरन ट्राइंगल कंपनी ने कोई और काम किया होगा।जबकि असल बात तो यह है कि बरीपदा में एक ही सरकारी अस्पताल को बनाया गया है।

सरकार की वेबसाइट से हुआ खुलासा

कंपनी के इस फर्जीवाड़े का खुलासा उड़ीसा सरकार की वेबसाइट से हुआ है। सरकार की वेबसाइट पर ही उक्त काम को लेकर सारी जानकारी उपलब्ध है। उसके मुताबिक अहमदाबाद की आयरन ट्राइंगल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को उड़ीसा के बरीपदा क्षेत्र में 500 बेड का सरकारी मेडिकल कॉलेज तैयार करने का काम 144 करोड़ 44 लाख रुपए में दिया है। यह काम कंपनी को 27 मई 2020 में अलॉट किया गया और उसे 30 महीने में यानि 27 नवंबर 2022 तक पूरा करना था।

आयरन ट्राइंगल ने किया अस्पताल का काम

बरीपदा के सरकारी अस्पताल की बिल्डिंग का काम आयरन ट्राइंगल कंपनी ने हालही में पूरा किया है। आर्कोन कंपनी इसे अपना बता रही है यह सही नहीं है।

-रोहन गौरव राय, ईई, पीडब्ल्यूडी, उड़ीसा

बिल्डिंग ही नहीं देखी अभी तक

मैं तो एक महीने पहले ही आया हू, मुझे इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। मैं तो अभी तक बिल्डिंग देखने ही नहीं जा पाया हूं। दस्तावेज में हेरफेर के मामले में भी मुझे जानकारी नहीं।

-मरकाम सिंह रावत, चीफ इंजीनियर, पीआईयू इंदौर

नोटरी से सत्यापित भी करा लिया सर्टिफिकेट

जिला कोर्ट की बिल्डिंग के ठेके के लिए आर्कोन पावरइंफ्रा ने जो कंप्लीशन सर्टीफिकेट लगाया, उसमें बताया कि कंपनी ने ओडिशा के बरीपदा क्षेत्र में 500 बेड का सरकारी मेडिकल कॉलेज का काम 138.23 करोड़ रुपए में किया है। फर्जी सर्टिफिकेट में यह भी बताया है कि इस काम का वर्कऑर्डर 5 मार्च 2019 को दिया था और कंपनी ने उक्त काम 30 नवंबर 2021 को पूरा कर दिया है। कंपनी ने उक्त कंप्लीशन सर्टिफिकेट को नोटरी से सत्यापित भी करवा लिया।

ऐसा नहीं है। हमने सभी दस्तावेजों व साक्ष्य के साथ अपनी बात रखी है। आप जिस काम की बात कर रहे हैं वह कोई दूसरा काम होगा, हमने दूसरा काम किया है। इस संबंध में सभी स्तर पर चार बार इन्क्वायरी और प्रोसेस पूरी हो चुकी है।

-कपिल शर्मा, एमडी, आर्कोन पावरइंफ्रा इंडिया प्राइवेट लिमिटेड

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