
भोपाल की युवती की हिमाचल प्रदेश के मनाली में हत्या कर दी गई। आरोपी शव को ट्रॉली बैग में डालकर होटल से ले जाने की कोशिश कर रहा था। होटल स्टाफ को शक हुआ तो उन्होंने पूछताछ की तो वह बैग छोड़कर भाग गया। बाद में स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
हिमाचल के कुल्लू जिले के एसपी डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने बताया कि भोपाल की रहने वाली 26 साल की युवती 13 मई को घूमने आई थी। वह मनाली के गोंपा रोड स्थित एक होटल में अपने दोस्त विनोद ठाकुर निवासी पलवल हरियाणा के साथ ठहरी थी। युवती बिना बताए घर से निकली थी।

इसी ट्रॉली में आरोपी युवती का शव ले जा रहा था।
दोनों ने 13 मई को चेक इन किया था और 15 मई की शाम को चेक आउट करना था। इसी दौरान विनोद अकेला ही होटल से निकला। उसके हाथ में भारी भरकम बैग था। यह देख स्टाफ ने पुलिस को सूचना दे दी। आरोपी बैग छोड़कर भाग गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली, तो उसमें युवती का शव मिला। पुलिस ने 16 मई को कुल्लू के बिजौरा से उसे गिरफ्तार कर लिया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने आपसी विवाद के बाद हत्या की बात कही है।

हिमाचल प्रदेश में कुल्लू पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

मनाली के इसी होटल में दोनों रुके थे। युवती का शव छोड़कर आरोपी भाग गया था।
रूम नंबर 302 में ठहरे थे
पुलिस को बताया कि आरोपी ने युवती को अपनी गर्लफ्रेंड बताया। दोनों ने मनाली में होटल बुक किया। दोनों होटल के 302 नंबर कमरे में रुके थे।
घेराबंदी कर आरोपी को बस से पकड़ा
आरोपी की तलाश में पुलिस की दो टीमें गठित कीं। पुलिस ने घेराबंदी कर झीड़ी में एचआरटीसी की बस में आरोपी को दबोच लिया। एसपी डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचंद्रन ने बताया कि आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी से पूछताछ कर कारणों का पता लगाया जा रहा है।
होटल के CCTV खराब
जांच में खुलासा हुआ है कि जिस होटल में दोनों ठहरे थे, उसमें सीसीटीवी खराब पड़े थे। यही नहीं, होटल में दोनों की प्रॉपर एंट्री भी दर्ज नहीं की गई थी। होटल मैनेजमेंट की ओर से सिर्फ युवती का आधार कार्ड लेकर ही औपचारिकता महज पूरी की थी, जबकि युवक से दस्तावेज नहीं लिया गया था। एसपी ने बताया कि पीएम रिपोर्ट के बाद ही खुलासा हो सकेगा।
सोशल मीडिया के जरिए हुई थी दोस्ती
युवती भोपाल के नूतन कॉलेज से ग्रेजुएट थी। उसकी दोस्ती सोशल मीडिया के जरिए आरोपी से हुई थी। 5 मई को सुबह 11.30 बजे वह बिना बताए घर से निकली थी। 8 मई को परिजनों ने शाहपुरा थाने में दर्ज कराई थी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस समय पर कार्रवाई करती तो उनकी बेटी बच सकती है। वहीं इस मामले में शाहपुरा थाने के प्रभारी रघुनाथ सिंह ने बताया की युवती की गुमशुदगी परिजनों ने दर्ज नहीं कराई थी। परिजनों ने थाने में कोई सूचना नहीं दी।