
मध्यप्रदेश के दो युवा इंजीनियर की पुणे में 18 मई की रात सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। दोनों के गृह ग्राम जबलपुर और उमरिया में मंगलवार को अंतिम संस्कार किया गया। घटना उस समय की है जब जबलपुर की अश्विनी कोष्ठा (25) अपने साथी अनीश अवधिया (25) के साथ बाइक में सवार होकर घर जा रही थी, उसी समय 3 करोड़ की पोर्स कार चला रहे 17 वर्षीय नाबालिग ने 200 किलोमीटर की रफ्तार से दोनों की टक्कर मार दी, जिसके चलते मौके पर ही अश्विनी और अनीस की मौत हो गई। अश्विनी की मौत के बाद से जबलपुर की सैनिक सोसायटी में मातम पसरा हुआ है। बेटी की मौत से मां की आंखों के आंसू सूख गए है। पिता सुरेश को यकीन नहीं हो रहा है कि उनकी इकलौती बेटी अब उनके बीच नहीं है। पिता का कहना है कि आरोपी चाहे बड़ा हो या छोटा कानून का सही तरीके से पालन करवाने की जरूरत है
अश्विनी की मौत का न्याय चाहिए
मंगलवार को नम आंखों से अश्विनी को अंतिम विदाई दी गई। 14 जनवरी को अपना जन्मदिन मनाने के बाद अश्विनी पुणे गई थी, पिता से कहा था कि आपका जन्मदिन 18 जून को है और मैं आ रही हूं,कुछ दिन रुकने के बाद आपको और मम्मी को साथ में लेकर चलूंगी। दसवीं और बारहवीं में 99 प्रतिशत लाने वाली अश्विनी ने ज्ञान गंगा कॉलेज से इंजीनियरिंग की और फिर जाॅब के लिए पुणे चली गई, जहां पर उसने अपनी पढ़ाई के साथ-साथ जॉब करने लगी। अश्निनी की मां ने कहा कि मेरी बेटी तो चली गई पर आरोपियों पर इस तरह से कानूनी कार्रवाई की जाए कि भविष्य में कोई रईसजादा इस तरह की गलती ना करे। उन लडको के साथ-साथ उनके परिजनों को भी सजा मिलनी चाहिए जो कि अपने नाबालिग लड़कों को मंहगी-मंहगी गाड़ियां देकर सड़क पर लोगों को मारने के लिए छोड़ देते है।
वर्क फोम होम था काम-पिता ने कहा था बाहर भी निकलो
अश्विनी की मां ने बताया कि कोरोना संक्रमण के बाद से अश्विनी पुणे से जबलपुर आ गई थी। घर से ही काम चल रहा था। पिता ने बोला घर पर बैठे-बैठे बोर हो जाता हो। घर से ही काम करते हो, थोड़ा बाहर भी जाओ। पिता की बात सुनकर कुछ माह पहले ही अश्विनी पुणे गई थी, वहां से भी कभी-कभी ही ऑफिस जाती थी। घटना को लेकर पिता सुरेश कोष्ठा का कहना है कि अब जरूरत है कि कानून का सही तरीके से पालन होना चाहिए। कार चलाने वाले लड़के को इस तरह से जमानत नहीं देना चाहिए था, क्योंकि शराब के नशे में धुत होकर कार चालक ने दो लोगों को मारा है। सुरेश कोष्ठा का कहना है कि हमने अक्सर देखा है कि छोटा पकड़ जाता है और जो बड़े लोग होते है वो छूट जाते है। अब तो उम्मीद है कि दोषी को कानून में जो भी सजा का प्रावधान है उसके हिसाब से सजा मिलनी चाहिए।
रफ्तार वाली गाड़ियां बच्चों को ना दे परिजन
घटना के बाद से अश्निनी के पिता के सपने टूट गए है। उन्होंने कहा कि कानून ही गुनहगार को सजा दे,उम्मीद है कि हमें न्याय मिलेगा। हमारी तरफ से पुलिस प्रशासन को पैरवी करना चाहिए। कहीं ऐसा ना हो कि गरीब की सुनवाई ना हो और बड़ा आदमी कानून का मजाक बना दे। सड़क हादसे में जान गवाने वाली अश्विनी के पिता सुरेश कोष्ठा ने सभी परिजनों से अपील की है कि अपने बच्चों को रफ्तार वाली खरीदकर न दें,क्योकि आपका बेटा जो गाड़ी जो चला रहा है, आप देख ले कि क्या वो उस गाड़ी को कंट्रोल करने की स्थिति में है, या नहीं। गाड़ी चलाते समय वो अपनी जान जोखिम में तो डाल ही रहा है, सामने वाले को भी मार रहा है, जिसका उदाहरण मेरी बेटी है। उन्होंने कहा कि कानून के मुताबिक सजा मिले बस अब इसका ही इंतजार है।
आरोपी को शराब पिलाने वालों को भेजा जेल
सुरेश कोष्ठा ने बताया कि घटना के एक दिन पहले 17 मई की रात अश्विनी ने अपने भाई संप्रित को कॉल किया था, और बताया कि रात में इंदौर से एक फ्रेंड आई है, जिसके साथ पूरे ग्रुप को लेकर डिनर पर जाएंगे। रेस्टोरेंट में डिनर कर ढाई बजे वापस अश्विनी डिनर करके अपने फ्रेंड अनीश के साथ पहले ही निकल गई थी, क्योंकि अनीश की बाइक बाहर ही खड़ी थी, जबकि अन्य फ्रेंड्स की गाड़ियां पार्किंग में थी. जब बाइक से यू-टर्न मारा तो इसी दौरान पीछे से आ रही कार से हादसा हो गया। 18 मई को सड़क हादसे में हुई अश्विनी और अनीश की मौत के मामले में तीन आरोपियों को पुणे की विशेष कोर्ट ने 24 मई तक के लिए ज्यूडिशियल रिमांड पर भेजा है। पब मालिक नमन प्रह्लाद भूतड़ा, मैनेजर सचिन काटकर और ब्लैक क्लब होटल के मैनेजर संदीप सांगले शामिल है। आरोप है कि इन्होंने कार चला रहे किशोर और उसके दोस्तों की उम्र की पृष्ठि किए बिना ही उन्हें शराब परोस दी।