इंदौर। देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में MBA के पेपर लीक केस में FIR दर्ज, क्राइम ब्रांच करेगी मामले की जांच – देखें VIDEO

इंदौर की देवी अहिल्या यूनिवर्सिटी में एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षा के दाे पेपर आउट होने के बाद गुरुवार को यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने क्राइम ब्रांच में शिकायत की। जिस पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इस मामले में जांच कमेटी भी बनाई है। इधर, पेपर लीक मामले में छात्र संगठन एबीवीपी के कार्यकर्ताओं ने हाथ पर काली पट्टी बांधकर विरोध किया।

बता दें कि मंगलवार काे एमबीए फर्स्ट सेमेस्टर के ‘अकाउंटिंग फॉर मैनेजर्स’ विषय का पेपर था। इसके पहले सोमवार रात 11 बजे सोशल मीडिया पर हूबहू पर्चा स्टूडेंट्स तक पहुंच गया था।

उसी रात यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार काे ये पर्चा भेजा था। अगले दिन सुबह 11 बजे पेपर से मिलान किया तो पता चला यह वही पेपर है जो रात में छात्रों के पास पहुंचा था।

इसके बाद एग्जाम कमेटी ने बैठक कर पर्चा निरस्त कर दिया था। इसके अलावा 25 मई काे हुए क्वांटिटिव टैक्निक विषय के पेपर काे भी निरस्त किया गया था।

यूनिवर्सिटी की कमेटी भी कर रही जांच

पेपर लीक पर यूनिवर्सिटी ने जांच कमेटी बनाई है। डिप्टी रजिस्ट्रार रचना ठाकुर के अनुसार चार सदस्यीय इस कमेटी में लोकपाल नरेंद्र सत्संगी, अतिरिक्त संचालक उच्च शिक्षा डॉ. सुधा सिलावट, डीसीडीसी डॉ. राजीव दीक्षित और डीन स्टूडेंट वेलफेयर डॉ. एलके त्रिपाठी जांच कर रहे हैं।

गुरुवार को ABVP कार्यकर्ताओं ने हाथ पर काली पट्टी बांध कर विरोध प्रदर्शन किया।

ABVP कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया

बता दें कि 28 मई को पेपर लीक का खुलासा होने पर एबीवीपी और युवक कांग्रेस आदि ने प्रदर्शन किया था। एफआईआर कर कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। जब कार्रवाई नहीं हुई तो गुरुवार को एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने फिर से प्रदर्शन किया। काली पट्‌टी बांधकर विरोध जताया। इसके कुछ देर बाद एफआईआर दर्ज कर ली गई। जांच क्राइम ब्रांच करेगी।

2022 में भी आउट हुए थे पेपर, 2023 में गिरफ्तारी भी

– अप्रैल 2022 में बीकॉम की परीक्षा के पर्चे आउट हाे चुके हैं। तब मामला साइबर सेल काे सौंपा गया था।

– 2023 में भी बीकॉम प्रथम वर्ष की परीक्षा का पर्चा लीक हाे गया था। तब मामला क्राइम ब्रांच काे सौंपा था। निजी कॉलेज के एक प्रोफेसर को अरेस्ट किया था।

 

यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने पुलिस को दिया आवेदन।

सवाल : एक घंटे पहले थाने से मिलता है पेपर, सीसीटीवी में केंद्राध्यक्ष खोलते हैं, फिर लीक कैसे?

स्टेप 1 : परीक्षा से 5 दिन पहले यूनिवर्सिटी कॉलेज में सील बंद लिफाफे में पेपर भेजती है। कॉलेज प्राचार्य या उप प्राचार्य की मौजूदगी और रिसिविंग ली जाती है। 15 मिनट के भीतर कॉलेज इन पेपर काे संबंधित थाने भेजता है।

स्टेप 2 : परीक्षा से एक घंटे पहले प्राचार्य के लेटर (सील के साथ) के साथ कॉलेज का प्रतिनिधि थाने से पर्चा लेकर कॉलेज लौटता है। परीक्षा से 40 से 45 मिनट पहले बंडल कॉलेज पहुंच जाता है।

स्टेप 3 : पर्चा शुरू होने से 15 मिनट पहले प्राचार्य (वरिष्ठ केंद्राध्यक्ष) सीनियर प्रोफेसर या उप प्राचार्य व दो वीक्षक की मौजूदगी में सीसीटीवी के सामने इसे खोला जाता है। छात्रों की संख्या के अनुसार परचे गिनकर कक्ष में भेजे जाते हैं।

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