
इंदौर में बैंककर्मी महिला ने रविवार रात सुसाइड कर लिया। मायकेवालों ने ससुराल पक्ष पर हत्या का आरोप लगाया। सोमवार सुबह जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के दौरान दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। मायका पक्ष भारी पड़ा। दामाद की जमकर पिटाई कर दी। कार में तोड़फोड़ भी की। परिवार ने अस्पताल के एक वार्ड में घुसकर जान बचाई। पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को समझाया।
राजेन्द्र नगर पुलिस ने बताया कि अंकिता (22) पति प्रणय जायसवाल निवासी वीआईपी, परस्पर नगर ने फांंसी लगाकर जान दे दी। ससुराल के लोग शव उतारकर रात में ही यूनिक अस्पताल लाए थे। यहां से पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल लाया गया। मायके वालों ने कहा, ‘मामले की जानकारी हमें एक घंटे बाद क्यों दी गई?’
वहीं, ससुराल पक्ष ने आरोप लगाया, ‘अंकिता के मायके वाले पति और अन्य लोगों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।’
3 साल पहले शादी हुई थी, कोई संतान नहीं
अंकिता के पिता खरगोन जिले के झिरन्या में अनाज व्यापारी हैं। दो भाई अंकित और आकाश हैं। पिता के साथ ही काम करते हैं। परिवार ने कहा, ‘बेटी और प्रणय की शादी 2021 में हुई थी। वह बैंक में नौकरी करती थी। पति लाइब्रेरी और हॉस्टल चलाता है। दोनों की कोई संतान नहीं है।’
मायके वालों का आरोप है कि अंकिता और प्रणय के बीच अनबन रहती थी। संतान नहीं होने को लेकर भी कई बार झगड़े हुए। मनमुटाव के कई और भी कारण हैं। उसकी हत्या की गई है।

अंकिता के मायके की महिलाएं भी जिला अस्पताल पहुंचीं। उन्होंने ससुराल वालों पर गुस्सा निकाला।
भाई बोला- किसी महिला से बात करते थे जीजा
अंकित ने बताया, ‘शनिवार रात अंकिता से बात हुई थी। मैंने कहा कि बच्चों को लेकर इंदौर आ रहा हूं। वाटर पार्क चलना है। खाना बाहर ही खा लेंगे। दूसरे दिन सुबह अंकिता का कॉल आया। उसने पूछा कि तू आया नहीं? मैंने जवाब दिया कि कुछ देर में इंदौर के लिए निकल रहा हूं। दोपहर डेढ़ बजे अंकिता की मौत की जानकारी आ गई। हम तुरंत इंदौर रवाना हुए।’
अंकित ने कहा, ‘मुझे बहन ने जानकारी दी थी कि जीजा किसी और महिला से भी फोन पर बात करते हैं। इसकी जांच होनी चाहिए। उनका मोबाइल चेक करेंगे तो सच्चाई सामने आ जाएगी।’
ससुराल पक्ष बोला- कमरा अंदर से लॉक था
वहीं, ससुराल वालों ने कहा, ‘रविवार सुबह प्रणय लाइब्रेरी गया था। दोपहर करीब 12.30 बजे हमेशा की तरह भोजन के लिए घर लौटा। देखा कि कमरे का लॉक लगा है। उसने अंकिता को आवाज दी। दरवाजा नहीं खोलने पर दूसरी चाबी से लॉक खोला। अंदर देखा तो वह फंदे पर लटकी थी।
घटना के समय दादी सास और देवर चिंटू ही घर पर थे। अंकिता के ससुर अश्विन जायसवाल और सास शालू हॉस्टल गए थे।
ससुरालवालों के दावे से मायका सहमत नहीं
अंकिता के मायके पक्ष ने कहा, ‘दामाद प्रणय द्वारा दूसरी चाबी से लॉक खोलने की बात झूठ है। हमें एक घंटे से ज्यादा देर बाद सूचना दी गई, इसकी क्या वजह है?’

अस्पताल में मौजूद लोगों ने दोनों पक्षों को अलग किया। पुलिस ने समझाइश दी।