
अशोकनगर के चंदेरी की भाजपा नेत्री ममता यादव की गुमशुदगी के बाद मौत का मामला 9 महीने बाद भी नहीं सुलझ पाया है। ममता की गुमशुदगी मध्यप्रदेश के चंदेरी में दर्ज हुई और शव उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में मिला। दाेनों राज्यों की पुलिस जांच की जिम्मेदारी लेने से बच रही है जबकि जिन हालात में ममता का शव मिला, वह हत्या की ओर इशारा कर रहे हैं। जांच नहीं होने से ममता का शव अब भी ‘लावारिस’ के रूप में प्रयागराज में दफन है, इस वजह से परिवार के लोग अंतिम संस्कार भी नहीं कर पाए हैं।
भाजपा मंडल महामंत्री रही ममता यादव के गांव पहुंचकर परिवार के लोगों से बात की, पूरे मामले को समझा। चंदेरी और प्रयागराज के पुलिस अधिकारियों से बात की। पढ़िए, ये रिपोर्ट…
21 सितंबर 2023 को आखिरी बार भाई से बात हुई थी
ममता यादव का घर चंदेरी से 8 किलोमीटर दूर गांव टांडा में है। भाई राजभान यादव बताते हैं- ममता ने मुझे बताया था कि प्रयागराज के रहने वाले रमापति द्विवेदी ने बुलाया है। उससे 7 लाख रुपए लेने हैं। 17 सितंबर 2023 को ममता प्रयागराज पहुंच गई थी। वह इससे पहले भी कई बार बनारस और प्रयागराज जा चुकी थी।
21 सितंबर 2023 को आखिरी बार उससे बात हुई थी। इसके बाद अगले दो दिन तक ममता से कोई संपर्क नहीं हुआ तो 23 सितंबर को चंदेरी थाने में उसके गायब होने के बारे में पुलिस को बताया लेकिन गुमशुदगी दर्ज नहीं की गई।

ममता यादव सोशल मीडिया पर अक्सर तस्वीरें शेयर करती रहती थी।
पुलिस ने 7 दिन बाद दर्ज की गुमशुदगी
राजभान ने बताया- परेशान होकर हमने तत्कालीन मंत्री एवं मुंगावली विधायक बृजेंद्र सिंह यादव से मदद की गुहार लगाई। उन्होंने कहा- ठीक है, मामला दिखवाता हूं। अगले 7 दिन तक मैं बहन की तलाश में पुलिस थाना और भाजपा नेताओं से मदद की आस लेकर भटकता रहा। अंतत: 29 सितंबर को पुलिस ने ममता यादव की गुमशुदगी दर्ज की। तलाश में पुलिस टीम 5 अक्टूबर को भेजी।
पीठ पर बने टैटू से हुई पहचान
राजभान के मुताबिक अक्टूबर और नवंबर 2023 में दो बार चंदेरी पुलिस प्रयागराज गई, लेकिन दोनों ही बार खाली हाथ लौट आई। फरवरी 2024 में मैं चंदेरी पुलिस के साथ प्रयागराज के सभी थानों क्षेत्रों में मिले लावारिस शवों के फोटो देखने गया। इसी दौरान 25 फरवरी को मांडा थाने में एक शव का फोटो दिखा जो ममता के हुलिए से मिल रहा था।
पीठ पर बने टैटू के फोटो से स्पष्ट हो गया कि वह ममता का ही है, और शिनाख्त ममता के रूप में हुई। प्रयागराज जिले के मांडा थाना क्षेत्र में 26 सितंबर 2023 को ममता शव मिला था। पुलिस नियमानुसार शव को दफना चुकी थी।
राजभान बताते हैं कि पुलिस ने लोकसभा चुनाव की व्यस्तता का हवाला देते हुए बाद में जांच करने की बात कही थी, लेकिन अब तक दोनों राज्यों की पुलिस ने कुछ नहीं किया। हम बहन ममता के शव की अंतिम क्रियाएं भी नहीं कर पा रहे हैं।

ममता के भाई राजभान ने पीठ पर बने टैटू से उसके शव की पहचान की थी।
हत्या कर शव जंगल में फेंक दिया
मांडा थाना के तत्कालीन थाना प्रभारी और फिलहाल कानपुर में पदस्थ सुभाष सिंह यादव ने दैनिक भास्कर को बताया कि दशवार-सिवान के जंगल में सितंबर 2023 में एक महिला का शव मिला था। शव में सड़न शुरू हो चुकी थी। महिला के पीठ पर टैटू बने थे। जंगल में जिस हालत में शव मिला था, वे परिस्थितियां शव को हत्या के बाद फेंके जाने की ओर इशारा कर रही थी।
शव की बरामदगी के बाद अगले तीन दिन तक उसकी शिनाख्ती की कोशिश की गई, लेकिन पहचान नहीं हो सकी थी। इसके चलते 3 दिन बाद शव का पोस्टमॉर्टम कराया था। उत्तर प्रदेश पुलिस ने केस से संबंधित दस्तावेज पोस्टमार्टम रिपोर्ट, शव के फोटो और घटना स्थल के फोटो चंदेरी पुलिस को सौंप दिए।

ममता का मोबाइल चुराने आए थे बदमाश
चंदेरी से 8 किलोमीटर दूर टांडा गांव में एक पक्का मकान है। जिसके आंगन में एक्टिवा खड़ी थी। घर की दीवार सीसीटीवी कैमरे लगे दिखे। ये घर ममता का है। यहीं पर मिले ममता के पिता बलवंत सिंह यादव और मां गीता बाई। दोनों से बातचीत में सामने आया कि बेटी को खोने का दुख पुलिस के रवैये के कारण गुस्से में तब्दील हो रहा है।
बलवंत सिंह बताते हैं- 1 सितंबर 2023 को घर में दो नकाबपोश घुस आए थे। एक युवक आंगन में खड़ा निगरानी कर रहा था। दूसरा ममता के कमरे में घुस गया। उसका आई-फोन चुराने लगा। खास तौर पर वह मोबाइल को ही ले जाना चाहता था। अन्य किसी सामान को उसने छुआ तक नहीं। मेरी बेटी बेहद बहादुर थी। उसने रूम में चोर देख हंसिया हाथ में लेकर दोनों युवकों को घर से खदेड़ दिया।
इस मामले की शिकायत भी चंदेरी थाने में की गई थी। इसका भी पुलिस खुलासा नहीं कर सकी कि उनके घर में घुसे युवक कौन थे, और क्या चाहते थे। वहीं, एसपी अशोक नगर विनीत कुमार जैन ने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है कि 1 सितंबर को ममता के घर कोई घुसा था, और उसकी एफआईआर दर्ज हुई है कि नहीं।
गीता बाई का कहना है कि ममता ने कम समय में अपनी पहचान बना ली थी। बड़े-बड़े लोग ममता से मिलने घर आते थे। पुलिस अधिकारी भी आते थे। अब जब बेटी नहीं रही तो कोई सुनने को तैयार नहीं है। सब आश्वासन तो दे रहे हैं पर हत्या का खुलासा नहीं कर रहे हैं। वह सूट और जींस टी शर्ट पहनती थी। बाइक और कार चलाती थी। हमें गाड़ी देखकर उसकी याद आ जाती है। उसकी मासूम 8 साल की बेटी को देखकर बेटी की आती है और आंखें छलक आती हैं।

यूपी पुलिस ने कहा- एमपी पुलिस को करनी चाहिए जांच
मांडा थाने के टीआई शैलेंद्र सिंह ने बताया कि युवती ममता यादव का शव थाना क्षेत्र में लावारिस हालत में मिला था। शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमॉर्टम कराया गया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और केस से जुड़े सभी दस्तावेज मप्र पुलिस के संबंधित थाना पुलिस को सौंप दिए गए हैं। मामले की आगे की जांच ण्मपी की थाना पुलिस को करना है। शव मिलने के मामले में मांडा थाना में मर्ग दर्ज नहीं है। न ही थाने में इस मामले की कोई एफआईआर है।
थाना पुलिस ने केवल शव की बरामदगी का पंचनामा बनाकर पोस्टमॉर्टम कराया था। चूंकि लावारिस हालत में मिले शव की पहचान मप्र से गुमी ममता यादव के रूप में हुई थी। उसके भाई राजभान ने स्वयं चंदेरी पुलिस की टीम की मौजूदगी में शिनाख्त की थी। उसी समय पीएम रिपोर्ट सहित केस से जुड़ी फाइल चंदेरी पुलिस को सौंप दी थी।
एमपी पुलिस का तर्क- शव यूपी में मिला, वहीं जांच होनी चाहिए
अशोकनगर एसपी विनीत कुमार जैन ने कहा महिला 11 सितंबर को घर से निकली थी। 29 सितंबर को उसकी गुमशुदगी दर्ज की थी। शव प्रयागराज पुलिस ने 26 सितंबर को बरामद किया था। नियम अनुसार जहां बॉडी मिलती है, कार्रवाई की जिम्मेदारी उनकी होती है। मांडा पुलिस को आगे की कार्रवाई के लिए पत्र लिखा है। घटना से संबंधित सभी साक्ष्य अग्रिम कार्रवाई के लिए मांडा पुलिस को सौंपे हैं।
ममता के भाई द्वारा दिए तमाम शिकायती आवेदन भी मांडा पुलिस के सुपुर्द किया है। मामले में कार्रवाई के लिए वहां के अधिकारियों को पत्राचार भी किया है। हम हर स्तर पर मृतका के परिजनों की हर संभव मदद कर रहे हैं। केस की गंभीरता को देखते हुए लगातार प्रयागराज पुलिस से संवाद कर रहे हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
रिटायर्ड डीआईजी धर्मेंद्र चौधरी ने बताया कि चूंकि लड़की की लास्ट लोकेशन यूपी में थी। वहां जाने के बाद वह परिजन के संपर्क में रही, बाद में उसका शव मिला। पुलिस ने अज्ञात मानकर शव पीएम के बाद दफन कर दिया होगा। शव उत्तर प्रदेश पुलिस ने बरामद किया। युवती की लास्ट लोकेशन भी वहीं पाई गई तो प्राइमरी तौर पर कार्रवाई की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश पुलिस की बनती है।

ममता ने यह तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर की थी।
भाई बोला- मेरे नाम से फर्जी चिट्ठी वायरल की
राजभान ने बताया- अशोकनगर एसपी दफ्तर में उनके नाम से एक झूठी शिकायती चिट्ठी सौंपी गई है, जिसमें इस मामले में मुंगावली विधायक एवं पूर्व मंत्री बृजेंद्र सिंह यादव की भूमिका होने की बात कही गई है। इतना ही नहीं राजभान यादव ने एसपी दफ्तर में दिए गए शिकायती पत्र देने वाले व्यक्ति की जांच कराए जाने की मांग की है।
शिकायती आवेदन में जिक्र- कुछ लोग वीडियो मांग रहे हैं
भाई राजभान ने पत्र दिखाते हुए बताया कि यह पत्र 1 सितंबर को ममता की ओर से चंदेरी थाने में आवेदन दिया था। उसमें लिखा गया कि पिछले कुछ दिनों से कई रसूखदार संपर्क कर रहे हैं। शिकायती आवेदन में तीन नामों का जिक्र है। आवेदन में लिखा है- जो लोग मुझसे लगातार संपर्क कर रहे हैं उनका कहना है कि हमें पता है कि तुम्हारे पास किसी भाजपा के बड़े नेता के साथ आपत्तिजनक फोटो और वीडियो है। यह वीडियो हमें दे दो, जबकि मेरे पास ऐसा कोई वीडियो ऑडियो और फोटो नहीं हैं।

आखिरी पोस्ट में रसूखदारों से खतरा बताया
• जो लोग मुझे बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं या झूठा आरोप लगा रहे हैं, यदि मुझे किसी का नाम पता चल गया या तो मैं एक-एक पर एफआईआर कराऊंगी। अगर मुझे कुछ होता है या कोई मेरा मर्डर करता है तो जो जो लोग मेरे बारे में बोल रहे हैं वे ही जिम्मेदार व होंगे।
• जो मेरे बारे में झूठी अफवाह फैला रहे हैं, मैंने सब लोगों के नाम दर्ज कर लिए हैं। जो लोग मेरे पीछे लगे हैं और उनके नंबर भी मैंने लिख लिए हैं। बात यहां तक आ गई है कि कल दो लोग मेरे घर में घुस आए मेरी जान लेना चाहते थे। पता नहीं कौन से वीडियो की बात कर रहे हैं।
10 दिन में फोन नंबर 831##956## पर हुई सबसे ज्यादा बार बात
भाजपा नेत्री की सीडीआर रिपोर्ट के अनुसार ममता की मोबाइल नंबर 831##956## पर 10 सितंबर से 21 सितंबर के बीच सबसे ज्यादा 86 बार बात हुई थी। मोबाइल नंबर 831##956## की सिम अशोक नगर के रहने वाले अमित यादव के नाम पर रजिस्टर्ड है। वहीं बताया जाता है कि मोबाइल नंबर 831##956## मुंगावली से भाजपा के विधायक बृजेंद्र सिंह यादव करते हैं।
कई जगहों पर सरकारी रिकॉर्ड में भी उन्होंने यह नंबर दिया हुआ है। इसके अलावा मोबाइल नंबर 942##960##, 983##516## पर भी भाजपा नेत्री की बात हुई है। सीडीआर रिपोर्ट में संबंधित नंबरों को संदिग्ध बताया गया है।
विधायक यादव बोले- प्रयागराज में रेंजर के संपर्क में थी युवती
मुंगावली विधायक बृजेंद्र सिंह यादव से बात की। उन्होंने बताया कि चंदेरी पुलिस ने बताया है कि गुमशुदगी के बाद पुलिस प्रयागराज गई थी। ममता यादव प्रयागराज में तीन साल तक रही है। वहां एक रेंजर दुबे के संपर्क में थी। उससे ममता का रुपयों को लेकर लेन-देन भी था। इस कारण चंदेरी थाना प्रभारी को कहा है कि प्रयागराज पुलिस से संपर्क कर, मामले की जांच कराएं।
